'नेपोटिज्म' और 'फेवरेटिज्म' पर दीया मिर्जा का बड़ा बयान, कहा- बॉलीवुड में होती है कैंपबाजी !

By Neetu July 28, 2020, 12:16 p.m. 1k

नम्रता शर्मा -   सुशांत सिंह राजपूत(Sushant Singh Rajput) के जाने के बाद बॉलीवुड में भाई भतीजावाद का मुद्दा जोर शोर से उठ रहा है। हैरानी की बात तो ये है बॉलीवुड के अंदर से ही इस मुद्दे को लेकर बगावती सुर तेज हो रहे हैं। कई ऐसे सितारे हैं जिन्होंने सुशांत के जाने के बाद अपने साथ हुए भेदभाव को सरेआम कबूल किया और बॉलीवुड में नेपोटिज्म की बात को भी माना। इसी बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस दिया मिर्जा ने भी खुलकर अपनी बात रखी और बताया कि इसमें कोई दो राय नहीं कि बॉलीवुड में कैंप बाजी होती है। बॉलीवुड में इंसाइडर बनाम आउटसाइडर की जंग पर दीया मिर्जा(Diya Mirza) ने कहा- सबसे पहले मुझे लगता है कि ये  बहस बाजिब बहस नहीं है। मुझे लगता है कि दोनों पक्ष तर्क को अपने हिसाब से पेश करते हैं। बॉलीवुड में फेवरेटिज्म के सवाल पर दिया मिर्जा ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि ऐसा है लेकिन ये सामाजिक मुद्दा है ऐसा सभी करते हैं। जीवन के सभी क्षेत्रों में ऐसा होता है। ये स्कूल में भी होता है। शिक्षकों के अपने पसंदीदा स्टूडेंट होते हैं। ये कुछ ऐसा है जो हमारे यहां आस-पास हमेशा होता है।

बॉलीवुड में मूवी माफिया के अस्तित्व के बारे में पूछे जाने पर दीया ने कहा मुझे लगता है कि ये एक मशीनरी है। कुछ व्यक्ति है जो शायद अपने पैसे के दम पर अपने पीआर को संभाल रहे हैं और वैसे भी जितना पक्षपात फिल्म इंडस्ट्री में है उतना ही मीडिया में भी होता है। फिल्म इंडस्ट्री में बहुत से ऐसे लोग हैं जिनको इतनी रिस्पेक्ट और अटेंशन नहीं मिलती जितना वो पाने के योग्य हैं। दीया ने कहा जब तक किसी मुद्दे पर कुछ बड़े सितारों की टिप्पणी नहीं आती तब तक ऐसा लगता है जैसे सब चुप है। जब भी कुछ कलाकार किसी मुद्दे पर बात करते हैं तो मीडिया कहता है फिल्म इंडस्ट्री के बारे में बोल नहीं रही है क्योंकि तब तक किसी बड़े सितारे की टिप्पणी नहीं आई होती। ये सही नहीं है। दीया मिर्जा की बातों ने बहुत हद तक बॉलीवुड की तस्वीर साफ की। दूसरी तरफ दिव्या दत्ता ने भी बॉलीवुड में कैंपबाजी की खबरों को कबूल किया।

दिव्या दत्ता(Divya Dutta) ने हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया कि उन्होंने इस नेपोटिज्म और फेवरेटिज्म की वजह से कितनी फिल्मों को खोया है। दिव्या ने कहा- ऐसा लगता था जैसे बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है क्योंकि कुछ आता था और फिर एकदम से चला जाता था। फोन पर कुछ बताया जाता था लेकिन शाम को कुछ और हो जाता था।दिव्या ने कहा- बहुत सारी फिल्मों से मुझे आखिरी वक्त पर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था लेकिन उस वक्त पर हम कुछ नहीं कर सकते ये जानते हुए भी कि इस रोल के लिए हम कितने परफेक्ट थे। 

दिव्या ने बताया कि रिजेक्शन के वक्त मेरी मां ने मुझे बहुत हिम्मत दी। वो मुझसे पूछा करती थी कि तुम दुखी क्यों होती हो तो मैं उनको बताया करती थी कि मुझे फिल्म से बाहर निकाल दिया गया है और बिना वजह बताएं जिसके बाद मेरी मां हमेशा कहती थी कि क्या इससे तुम्हारी जिंदगी रुक गई है? जिंदगी कभी नहीं रुकती, कल एक और दिन होगा। एक नई उम्मीद के साथ। मुझे हैरानी होती है कि जिन्होंने मुझे उन किरदारों से निकाला था बाद में मैंने उन्हीं के साथ बहुत अच्छे किरदारों में काम किया।यूं तो बॉलीवुड में कैंप बाजी और गुटबाजी की खबरें हमेशा से ही आती रही हैं लेकिन सुशांत के जाने के बाद ऐसा लग रहा है कि ये मुद्दा फिलहाल जल्द ही शांत होने वाला नहीं है। आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। ऐसे में देखना होगा ये लड़ाई और अभी कहां तक जाती है।

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