सोनू सूद की मदद से किर्गिस्तान में फंसे 135 भारतीय छात्र पहुंचे भारत ,2500 छात्रों की करेंगे मदद

By Neetu July 24, 2020, 11:48 a.m. 1k

नम्रता शर्मा - बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद(Sonu Sood) लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों के लिए मसीहा के तौर पर काम करते हुए नजर आए। सोनू सूद ने 20,000 से ज्यादा प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने का काम किया। सोनू के इस नेक काम की तारीफ  चारों तरफ हुई,  लेकिन सोनू अभी रुके नहीं हैं। हाल ही में सोनू ने किर्गिस्तान में फंसे लगभग 2500 भारतीय स्टूडेंट्स को भारत लाने का प्लान बनाया है।

सोनू ने छात्रों को अपने वतन वापस बुलाने के लिए स्पाइसजेट एयरलाइंस का विमान बुक कराया है। 10 फ्लाइट के जरिए ये स्टूडेंट भारत वापसी करेंगे। पहली फ्लाइट भारत में लैंड कर चुकी है। 135 छात्रों को लेकर गुरुवार की शाम 4:00 बजे विमान ने उड़ान भरी और रात 9:40 पर वाराणसी के बाबतपुर पहुंची।

दरअसल ये फ्लाइट बुधवार को आनी थी लेकिन खराब मौसम की वजह से एक दिन देरी से ये फ्लाइट काशी पहुंची। एयरपोर्ट पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कराते हुए विमान से 10 - 10 की संख्या में छात्रों को उतारा गया। विशेष मेडिकल टीम ने सभी की जांच की और उसके बाद उन्हें बाहर आने की इजाजत दी गई। सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक सभी छात्रों से फॉर्म भी भरवाए गया और होम क्वारंटाइन के आदेश दिए गए।

135 छात्रों के सकुशल भारत लौटने की जानकारी खुद सोनू ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दी। सोनू सूद ने लिखा - किर्गिस्तान से वाराणसी तक पहली फ्लाइट आ चुकी है और यिह देखकर मैं काफी खुश हुआ। स्पाइसजेट का बहुत-बहुत शुक्रिया इस मिशन को सक्सेसफुल बनाने के लिए। किर्गिस्तान से दूसरी फ्लाइट 24 जुलाई को उड़ान भरेगी। मैं चाहता हूं जितने भी स्टूडेंट है मुझे अपनी डिटेल जल्द से जल्द भेजें।

अपने वतन पहुंचे हर छात्र की जुबान पर केवल सोनू सूद का ही नाम है। उनकी तारीफ करते हुए कोई भी नहीं थक रहा है। छात्रों का कहना है कि सोनू सूद हमारे लिए भगवान हैं क्योंकि उनकी वजह से ही हम अपने देश वापस लौट सके हैं।

हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में सोनू सूद ने बताया कि जब हम मजदूरों को उनके घर भेज रहे थे तब किर्गिस्तान में फंसे मेडिकल स्टूडेंट्स और उनके माता-पिता ने मुझसे कांटेक्ट किया था कि बच्चे बहुत समय से अपने देश वापस आना चाहते हैं और कृपया आप मदद करें। 3800 स्टूडेंट की लिस्ट थी जिस पर हमने काम किया कि कैसे उन्हें वापस लेकर आया जाएगा। मेरी टीम ने लिस्ट बनाई। 12 घंटे का ये सफर होगा इसके बाद मैंने स्पाइसजेट(Spicejet) से कांटेक्ट किया।

सोनू ने कहा - मैंने सोचा कि ये लोग हमारे देश का भविष्य है। ये सभी डॉक्टर बनने वाले हैं। इन्हें तो देश वापस लाना ही पड़ेगा। बहरहाल 135 स्टूडेंट्स घर वापसी कर चुके हैं और जल्द ही बाकी सभी छात्र भी अपने देश वापस लौट आएंगे।

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