सुशांत सिंह राजपूत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देख बिहार पुलिस के उड़े होश ! कई अहम जानकारियां गायब !

By Neetu Aug. 2, 2020, 1:20 p.m. 1k

नम्रता शर्मा  -  सुशांत सिंह राजपूत(Sushant Singh Rajput) मामले में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं और यकीनन ये खुलासे बेहद हैरान कर देने वाले हैं। बिहार पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। हाल ही में बिहार पुलिस सुशांत सिंह राजपूत की पोस्टमार्टम डिटेल लेने के लिए कूपर अस्पताल पहुंची थी लेकिन उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी नहीं दी जा रही थी। तमाम मशक्कत के बाद बिहार पुलिस ने आखिरकार पोस्टमार्टम रिपोर्ट हासिल कर ली है और इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट को देख बिहार पुलिस के भी होश उड़ गए। सूत्रों की मानें तो इसमें वो अहम जानकारियां है ही नहीं जो अमूमन किसी भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में होती है। 14 तारीख की रात 11 से 12.30 तक पोस्टमार्टम हुआ जो कि गलत है। आमतौर पर रात को पोस्ट मार्टम करने नहीं करने का नियम है। सुशांत का निधन कब हुआ इसकी टाइमिंग भी नहीं दी गई है।  इतना ही नहीं डेड बॉडी की हाइट या कोई आईडेंटिटी मार्क भी रिपोर्ट में नहीं बताया गया है। मौत होने के बाद बॉडी में क्या बदलाव आया इसकी जानकारी नहीं दी गई है। अगर ये जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दी गई होती तो मौत होने के वक्त का पता चल सकता है।

डेड बॉडी की स्थिति की जानकारी रिपोर्ट में नहीं दी गई है, जैसे जीभ निकली हुई थी या नहीं। आंख खुली थी या बंद। बॉडी को किस अवस्था में नीचे उतारा गया था इसका भी जिक्र नहीं है। आपको बता दें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डेड बॉडी से जुड़ी सारी जानकारी देनी बहुत जरूरी होती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इंटरनल बॉडी पार्ट में कोई असामान्यता तो नहीं थी ये भी बताना होता है, लेकिन सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसा नहीं था।

देखा जाए तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई अहम जानकारियां दी ही नहीं गई है। लिहाजा ये मामला पेचीदा और शक के दायरे में आता दिख रहा है। इस पूरे मामले में इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर ने जो शुरुआती सबूत पाया था उसका जिक्र भी रिपोर्ट में नहीं किया गया है। इसके अलावा सुशांत के घर में उस दिन वीडियोग्राफर ने क्या कुछ वीडियो बनाया और क्या कुछ रिकॉर्ड किया इसकी जानकारी भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं दी गई है।

सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि कोई निशान उनके शरीर पर था या नहीं। फंदे से लटकने के बाद जो बदलाव शरीर में होते हैं जैसे चेहरा पीला हो जाता है, शरीर का पूरा रंग बदल जाता है, कई जगहों पर स्पॉट आ जाते हैं, मुंह से झाग बाहर आ जाते हैं, गर्दन में खिंचाव आता है जिससे वह लंबी हो जाती है यहां तक कि जिस चीज पर फांसी लगाई जाती है उसके निशान गर्दन पर बन जाते हैं। इन सभी बातों का जिक्र कायदे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में होना चाहिए लेकिन सुशांत के साथ ऐसा नहीं है।

ऐसे में ये मामला बेहद उलझा हुआ दिखाई दे रहा है और इसमें बड़े अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आ रही है तभी तो सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इतना फेरबदल करने की मुख्य वजह क्या हो सकती है अब यह पता लगाना भी बिहार पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।

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