अंकिता लोखंडे से पूछताछ के लिए बिहार पुलिस 3 किलोमीटर पैदल चलकर गई, लौटते वक्त अंकिता ने दी अपनी जगुआर !

By Neetu Aug. 1, 2020, 2:43 p.m. 1k

नम्रता शर्मा - सुशांत सिंह राजपूत(Sushant Singh Rajput) मौत मामले को लगभग डेढ़ महीना बीत चुका है और अब जांच की कमान बिहार पुलिस के हाथों में आ चुकी है। हालांकि बिहार पुलिस मुंबई पुलिस की मदद से ही जांच को आगे बढ़ा रही है लेकिन ऐसा लग रहा है जैसे मुंबई पुलिस बिहार पुलिस की जांच में मदद नहीं कर रही है और ऐसा इसलिए क्योंकि अंकिता लोखंडे से पूछताछ करने के लिए पुलिस को गाड़ी तक नहीं मिली। बिहार पुलिस के अधिकारी कभी ऑटो का सहारा लेते हुए नजर आए तो कभी पैदल चलते हुए दिखाई दिए। खबरें है अंकिता के घर जाने के लिए  पुलिस को 3 किलोमीटर पैदल चलकर चलना पड़ा तब जाकर उन्हें ऑटो मिला। जैसे तैसे पुलिस के अधिकारी अंकिता के घर पहुंचे और फिर उनका बयान दर्ज कराया। खबर ये भी है कि बिहार पुलिस के अधिकारियों को लौटते समय अंकिता लोखंडे(Ankita Lokhande) ने अपनी जगुआर गाड़ी दी और उसके जरिए बिहार पुलिस थाने पहुंची।

सुशांत मामले में बिहार पुलिस ने अपनी इन्वेस्टिगेशन को तेज कर दिया है। सुशांत के पिता के के सिंह के शिकार पर बिहार पुलिस की टीम मुंबई पहुंची है लेकिन यहां पर हालात इतने खराब है कि बिहार पुलिस की टीम जांच करने के लिए ऑटो में घूमने पर मजबूर है। बिहार पुलिस को तमाम सुविधाएं न मिलने को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्ति जाहिर की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार मुंबई पुलिस के और असहयोगात्मक रवैए के कारण मुंबई में पटना पुलिस को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहले ही कोरोना की वजह से मुंबई की सड़कों पर टैक्सी और ऑटो की कमी है। गुरुवार को पटना पुलिस की टीम को मलाड स्थित सुशांत की एक्स गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे के घर जाना था। टीम जिस जगह पर थी वहां से मलाड की दूरी काफी थी।

सूत्रों के अनुसार ऐसे में करीब 3 किलोमीटर की दूरी पटना पुलिस के ऑफिसर को पैदल चलकर तय करनी पड़ी। इसके बाद कहीं जाकर उनको ऑटो मिला, फिर वह अंकिता के घर पहुंचे।

बिहार सरकार के एडवोकेट जनरल ललित किशोर(Lalit Kishore) ने भी एक बयान जारी कर कहा है कि जब एक राज्य से दूसरे राज्य में पुलिस जांच करने के लिए जाती है तो राज्य सरकार और पुलिस सहयोग करती है लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुंबई पुलिस ऐसा नहीं कर रही है। बिहार सरकार के आरोपों में तब और सच्चाई नजर आने लगी जब मुंबई पुलिस ने बिहार पुलिस को गाड़ी तक मुहैया नहीं कराई और बिहार पुलिस को पैदल या फिर ऑटो में धक्के खाते हुए अंकिता के घर पहुंचना पड़ा।

खबरें हैं लौटते वक्त अंकिता ने अपनी जगुआर कार पुलिस ऑफिसर को उपलब्ध कराई।अंकिता के घर बिहार पुलिस की टीम लगभग 1 घंटे से ज्यादा वक्त तक रुकी और अंकिता से पूछताछ की। खबरें ये भी हैं कि इस दौरान बिहार पुलिस ने अंकिता से लगभग 30 सवाल पूछे। अंकिता ने इस दौरान कई अहम जानकारियां दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि सुशांत पिछले 4 महीने से बेहद परेशान थे। वो रिया चक्रवर्ती(Rhea Chakraborty) की मर्जी के बिना कुछ भी नहीं कर पा रहे थे लेकिन वह डिप्रेशन में रहने वाले व्यक्ति नहीं थे।

अंकिता लोखंडे ने बताया कि रिया के प्रेशर और लगातार ब्लैकमेल के कारण सुशांत परेशान हो चुके थे। दोस्त, घरवाले या किसी भी जानने वाले से अधिक समय तक रिया चक्रवर्ती उन्हें बात नहीं करने देती थी। हर तरह से सुशांत पर दबाव बनाया हुआ था।

मुंबई पुलिस का ये रवैया हर किसी को नागवार गुजर रहा है। वैसे ये कोई पहली बार नहीं है जब मुंबई पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हो बल्कि इससे पहले भी सुशांत के चाहने वाले और तमाम दिग्गज हस्तियां मुंबई पुलिस पर भरोसा ना जताते हुए सीबीआई जांच की मांग कर रही हैं। इतना ही नहीं मुंबई पुलिस तब और सवालों के घेरे में आ गई जब रिया चक्रवर्ती ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की कि बिहार पुलिस यह केस ना देखें बल्कि मुंबई पुलिस की देखें। इससे साफ तौर पर अंदाजा हुआ कि मुंबई पुलिस रिया को बचा रही है तभी रिया ने बिहार पुलिस को जांच करने की अनुमति ना देने की गुहार लगाई।

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