बिहार पुलिस ने मुंबई पुलिस से मांगा सहयोग, केस की छानबीन के लिए गाड़ूी मुहैया करवाएं

By Neetu July 31, 2020, 8:48 p.m. 1k

दीपक दुबे / नम्रता शर्मा - सुशांत सिंह राजपूत(Sushant Singh Rajput) मौत मामले को लगभग डेढ़ महीना बीत चुका है और अब जांच की कमान बिहार पुलिस के हाथों में आ चुकी है हालांकि बिहार पुलिस मुंबई पुलिस की मदद से ही जांच को आगे बढ़ा रही है लेकिन ऐसा दिख नहीं रहा है।  मुंबई पुलिस के बिहार पुलिस को गाड़ी तक उपलब्ध नहीं करवाई। बिहार पुलिस पैदल या फिर ऑटो में केस की छानबीन कर रही है। चाहे वो बैंक जाना हो या फिर अंकिता लोखंडे से पूछताछ करने जाना हो बिहार पुलिस पैदल या फिर ऑटो में नजर आई। इसी बीच ये खबर है कि बिहार पुलिस ने मुम्बई पुलिस से लोकल पुलिस की मदद मांगी है। 

आमतौर पर जब किसी दूसरे राज्य की पुलिस छानबीन के लिए आती है तो स्थानीय पुलिस उनके साथ रहती है और वाहन तक उपलब्ध करवाती है। इसी बीच मुम्बई क्रॉइम ब्रांच में  बिहार पुलिस के  दो अधिकारी क्रॉइम ब्रांच डिटेक्शन डीसीपी अकबर पठान से मिलने पहुचे और उनसे जांच में मदद मांगी।  उनसे कहा कि  बिहार पुलिस जहां भी जांच के लिए जाना चाहती है उसे लोकल पुलिस की सहायता मिलनी चाहिए। वहीं मुंबई पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वो पूरी मदद करेंगे। 

 

 इससे पहले बिहार पुलिस जब अंकिता लोखंडे से पूछताछ करने के लिए गई तो मुंबई पुलिस ने कोई सहयोग नहीं किया। अंकिता के घर जाने के लिए  पुलिस को 3 किलोमीटर पैदल चलकर चलना पड़ा तब जाकर उन्हें ऑटो मिला। जैसे तैसे पुलिस के अधिकारी अंकिता के घर पहुंचे और फिर उनका बयान दर्ज कराया। खबर ये भी है कि बिहार पुलिस के अधिकारियों को लौटते समय अंकिता लोखंडे(Ankita Lokhande) ने अपनी जगुआर गाड़ी दी। 

सुशांत मामले में बिहार पुलिस ने अपनी इन्वेस्टिगेशन को तेज कर दिया है। सुशांत के पिता के के सिंह के शिकार पर बिहार पुलिस की टीम मुंबई पहुंची है लेकिन यहां पर हालात इतने खराब है कि बिहार पुलिस की टीम जांच करने के लिए ऑटो में घूमने पर मजबूर है। बिहार पुलिस को तमाम सुविधाएं न मिलने को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्ति जाहिर की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार मुंबई पुलिस के और असहयोगात्मक रवैए के कारण मुंबई में पटना पुलिस को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहले ही कोरोना की वजह से मुंबई की सड़कों पर टैक्सी और ऑटो की कमी है। गुरुवार को पटना पुलिस की टीम को मलाड स्थित सुशांत की एक्स गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे के घर जाना था। टीम जिस जगह पर थी वहां से मलाड की दूरी काफी थी। सूत्रों के अनुसार ऐसे में करीब 3 किलोमीटर की दूरी पटना पुलिस के ऑफिसर को पैदल चलकर तय करनी पड़ी। इसके बाद कहीं जाकर उनको ऑटो मिला, फिर वह अंकिता के घर पहुंचे।

बिहार सरकार के एडवोकेट जनरल ललित किशोर(Lalit Kishore) ने भी एक बयान जारी कर कहा है कि जब एक राज्य से दूसरे राज्य में पुलिस जांच करने के लिए जाती है तो राज्य सरकार और पुलिस सहयोग करती है लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुंबई पुलिस ऐसा नहीं कर रही है। बिहार सरकार के आरोपों में तब और सच्चाई नजर आने लगी जब मुंबई पुलिस ने बिहार पुलिस को गाड़ी तक मुहैया नहीं कराई और बिहार पुलिस को पैदल या फिर ऑटो में धक्के खाते हुए अंकिता के घर या फिर बैंक पहुंचना पड़ा।

मुंबई पुलिस का ये रवैया हर किसी को नागवार गुजर रहा है। सोशल मीडिया पर मुंबई पुलिस के खिलाफ कई बातें लिखीं गई लेकिन अब जब बिहार पुलिस ने क्राइम ब्रांच के दफ्तर में जाकर मदद मांगी है तो मुंबई पुलिस ने सहयोग का भरोसा दिया है। 

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