सुशांत सिंह राजपूत के अंतिम संस्कार में क्यों नहीं शामिल हुईं अंकिता, डेढ़ महीने बाद किया खुलासा

By Neetu Aug. 2, 2020, 2:54 p.m. 1k

पूजा राजपूत- सुशांत सिंह राजपूत  ( Sushant Singh Rajput ) और अंकिता लोखंडे ( Ankita Lokhande ) का ‘पवित्र रिश्ता’ जो चार साल पहले ही खत्म हो गया था एक बार फिर चर्चा में बना हुआ है। सुशांत के निधन के बाद से ही उनके दोस्त और तमाम फैंस बार-बार कह रहे हैं, कि अंकिता ही सुशांत का सच्चा प्यार थीं। अगर वो आज सुशांत की जिंदगी में होतीं तो शायद सुशांत आज हम सभी के बीच होते। सुशांत के चले जाने के बाद भी अंकिता उनके परिवार का सहारा बनी हुई हैं, उनके पिता और बहनों के संपर्क में हैं। साथ ही सुशांत के पिता ने अपने बेटे को न्याय दिलवाने के लिए रिया चक्रवर्ती के खिलाफ जो जंग शुरू की है उसमें अंकिता भी पूरा-पूरा सहयोग दे रही हैं। सुशांत को अंकिता हीरो मानती हैं, और लोगों से भी यही चाहती हैं कि लोग उन्हें एक हीरो की तरह ही याद रखें।

लेकिन, एक सवाल अक्सर अंकिता से पूछा जाता है कि वह सुशांत के अंतिम संस्कार में क्यों शामिल नहीं हुईं? जिस शख्स का उनके दिल में, उनकी जिंदगी में खास मुकाम था, उसे अंतिम विदाई देने अंकिता क्यों नहीं पहुंची? अब सुशांत के निधन के डेढ़ महीने बाद अंकिता ने इसकी वजह सभी के सामने रखी है।

हाल में अंकिता ने अपने एक इंटरव्यू में सुशांत के अंतिम संस्कार में शामिल ना होने की वजह बताई है। अंकिता ने कहा कि उन्होने यह तय किया था कि वह सुशांत की अंतिम यात्रा में शामिल नहीं होगीं, क्योंकि वह सुशांत की उस हालत में देखने की हिम्मत नहीं जुटा पाई थीं। वह कहती हैं “मैने ऐसा नहीं क्योंकि कहीं ना कहीं मैं जानती थी, कि अगर मैं सुशांत को उस हालत में देखूंगी, तो मैं अपनी पूरी जिंदगी इस फेज़ को भूला नहीं पाऊंगी, मेरे सामने अभी मेरी पूरी जिंदगी है। इसलिए मैने फैसला किया कि मैं अंतिम यात्रा में शामिल नहीं होऊंगी। हांलाकि मैं उनके परिवार से मिलना चाहती थी, मैं यह सुनिश्चित करना चाहती थी कि वह ठीक हैं। जो जाना था वो चला गया लेकिन पापा थे। ये मेरा फर्ज़ था कि मैं सुनिश्चित करूं की वह ठीक हैं।”

अंकिता ने सुशांत के निधन की खबर सुन अपनी हालत के बारे में भी बताया। अंकिता कहती हैं कि “मैं उस वक्त सो रही थी, जब एक रिपोर्टर के फोन कॉल ने मुझे उठाया और बताया कि सुशांत अब नहीं रहे, उस वक्त मुझे लगा कि मेरा सब खत्म हो गया है।”

सुशांत के अंतिम संस्कार के अगले दिन अंकिता उनके परिवार से मिलने ब्रांदा स्थित घर गई थीं। उस दिन के बारे में अंकिता कहती हैं कि जब मैं उनके परिवार से मिली तब वह सभी बेहद बुरी हालत में थे।

खुद अंकिता भी इस सदमें से टूटी हुई दिख रही थीं। सुशांत के निधन को डेढ़ महीने से ज्यादा का वक्त बीत गया है। लेकिन अंकिता और सुशांत का पूरा परिवार अभी तक इस गम से उबर नहीं पाया है।

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