सुशांत के पिता के पास पहुंचा उनका फज, जल्द ही बनेगा उनकी याद में मेमोरियल।

By Neetu July 24, 2020, 2:15 p.m. 1k

पूजा राजपूत -  सुशांत सिंह राजपूत के निधन को ढेड़ महीने का वक्त बीत गया है। सुशांत की कमी को तो कोई पूरा नहीं कर सकता, लेकिन अब उनका परिवार धीरे-धीरे, इस गम से उबरने की कोशिश कर रहा है। सुशांत अब कभी लौटकर नहीं आएंगे, इसलिए सुशांत की बहनें और उनके पिता उनसब सामानों को सहजने की कोशिश में लगे हैं, जो वह अपने पीछे छोड़ गए थे।

वीरवार यानि 24 जुलाई की शाम सुशांत की बड़ी बहन श्वेता सिंह कीर्ती ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें उनके पिता और सुशांत का डॉग फज नज़र आ रहे हैं।

 श्वेता के इस तस्वीर को शेयर करते ही सुशांत के फैंस ने राहत सांस की ली, और एक के बाद एक कमेंट्स करने शुरू कर दिए। सुशांत के फैंस के लिए यह बेहत राहत भरी खबर है कि सुशांत का चहेता फज अब सुरक्षित हाथों में हैं। वह उनके पास पहुंच गया है, जो सुशांत के बाद उसका सबसे ज्यादा रख सकते हैं।

 केके सिंह के साथ फज को देखकर फैंस कमेंट्स कर अपनी खुशी ज़ाहिर कर रहे हैं। सुशांत के निधन के बाद उनका डॉग फज अचानक सुर्खियों में छा गया था, जब सुशांत के दरवाजे के बाहर बैठे उनका इंतज़ार करते फज की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। कुछ ही दिनों बाद फज की मौत की खबर भी वायरल हुई थी, लेकिन बाद में उनके परिवार ने इस बात का खंडन किया था, और बताया था कि फज बिल्कुल ठीक है।

आपको बता दें, कि सिर्फ फज ही नहीं, बल्कि सुशांत का सारा सामान अब उनके पिता केके सिंह के पास है। सुशांत के एकाउंट्स, उनकी किताबें, उनका टेलिस्कोप, सबकुछ उनके परिवार को सौंप दिया गया है, और पटना पहुंचा दिया गया है।

सुशांत के निधन के बाद उनका परिवार पहले ही यह फैसला कर चुका है कि वह सुशांत की याद में उनका एक मेमोरियल बनाने जा रहे हैं। सुशांत के पटना स्थित घर को उनके मेमोरियल में तब्दील कर दिया जाएगा, जहां उनके सभी सामानों को सहेज कर रखा जाएगा।

27 जून को सुशांत के श्राद्धकर्म और ब्रह्मभोज के बाद सुशांत के परिवार ने एक इमोशनल संदेश शेयर किया था। जिसमें उन्होने इस मेमोरियल का ज़िक्र भी किया था। 

अपने शोक संदेश में उन्होने लिखा था - “हमारे गुलशन पर प्यार की बरसात करने के लिए आप सभी का शुक्रिया। उनकी स्मृति और विरासत का सम्मान करने के लिए, परिवार ने सुशांत सिंह राजपूत फाउंडेशन(SSRF) की स्थापना करने का फैसला किया है, जो सुशांत के दिल के करीब रहे क्षेत्रों सिनेमा, विज्ञान और खेल जगत में कदम रख रहे युवाओं को स्पोर्ट करेगा।

 पटना के राजीव नगर में जिस घर में उनका बचपन बीता हमने उस घर को सुशांत की याद में स्मारक में बदलने का फैसला किया है। उनकी हज़ारों किताबों, दूरबीन, फ्लाइट सिम्युलेटर, गिटार, फर्निचर एंव अन्य चीज़ों को प्रदर्शित करने का फैसला किया है। हमारी हार्दिक इच्छा है कि उनके प्रशंसक उनसे जुड़े रहे।”

यह वह संदेश था, जिसे पढ़कर सुशांत के फैंस बेहद खुश हुए थे, सुशांत अब हमारे बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनके परिवार ने सुशांत के हर एक सामान को सहेज कर रखने का फैसला किया है।

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