वेटेरन एक्ट्रेस कुमकुम ने दुनिया को कहा अलविदा, 86 साल की उम्र में लंबी बीमारी से निधन

By Aditi July 28, 2020, 3:39 p.m. 1k

उमेश शुक्ला - बॉलीवुड के लिए साल 2020 बेहद बुरा गुजर रहा है। अब तक कई सितारें दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। वहीं अब इस लिस्ट में बॉलीवुड एक्ट्रेस कुमकुम का नाम शामिल हुआ है। एक्ट्रेस कुमकुम का 86 साल में निधन हो गया है।  हालांकि उनके निधन की वजह सामने नहीं आई है। 22 अप्रैल 1934 को बिहार के शेखपुरा में जन्मीं कुमकुम का असली नाम ज़ैबुनिस्सा (Zaibunnissa) था। हुसैनाबाद के नवाब खानदान में उनका जन्म हुआ था। उनका परिवार काफी रईस था। 

कुमकुम ने पहली भोजपुरी फिल्म "गंगा मैया तोहे पियारी चढ़ाईबो" (1963) में भी अभिनय किया था। ये फिल्म काफी हिट हुई थी। कुमकुम ने अपने करियर में लगभग 115 फिल्मों में अभिनय किया। उन्हें मिस्टर एक्स इन बॉम्बे (1964) मदर इंडिया (1957) सन ऑफ इंडिया (1962) कोहिनूर (1960) उजाला, नया दौर, श्रीमान फंटूश, एक सपेरा एक लुटेरा में शानदार एक्टिंग के लिए जाना जाता है।  मदर इंडिया फिल्म में भी कुमकुम ने यादगार किरदार किया था।  वह अपने दौर के कई स्टार्स के संग काम कर चुकी थीं। जिनमें किशोर कुमार और गुरु दत्त का भी नाम शामिल है। किशोर कुमार के साथ गंगा की लहरें, फंटूस, हाय मेरा दिल और मिस्टर एक्स में काम किया था। 

कुमकुम फिल्म इंडस्ट्री की बेहतरीन डांसर थीं। पंडित शंभू महाराज से उन्होंने कथक सीखी थी। फिल्म कोहिनूर के मधुबन में राधिका नाचे गाने पर उनका लाजवाब डांस दिखा था। धर्मेन्द्र के साथ फिल्म ललकार और आंखें फिल्म में कुमकुम ने काम किया था और दोनों की फिल्में हिट रही थीं। 

दरअसल कुमकुम, गुरुदत्त की खोज मानी जाती हैं। गुरुदत्त को अपनी फिल्म आर पार (1954) के गाने "कभी आर कभी पार लागा तीरे नजर" का फिल्मांकन एक्टर जगदीप पर करना था लेकिन बाद में गुरुदत्त को लगा कि इसे किसी महिला पर फिल्माना चाहिए। 

उस समय कोई भी इतना छोटा सा गाना करने के लिए सहमत नहीं हुआ। तब आखिरकार गुरुदत्त ने कुमकुम पर इस गीत का चित्रण किया। बाद में गुरु दत्त ने अपनी फिल्म प्यासा में भी उन्हें छोटा सा किरदार दिया। कुमकुम ने सज्जाद अकबर खान से शादी की थी शादी के बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ दी थी। एक्टर जगदीप के बेटे नावेद जाफरी ने ट्वीट कर अभिनेत्री के निधन पर शोक जताया है।

 उन्होंने लिखा- हमनें एक और मोती खो दिया। मैं बचपन से इन्हें जानता था। वह हमारे लिए परिवार थीं। एक अच्छी इंसान। भगवान आपकी आत्मा को शांति दें, कुमकुम आंटी।

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