किर्गिस्तान में फंसे छात्रों को सोनू कराएंगे एयरलिफ्ट, 3000 छात्रों की मदद करेंगे

By Neetu July 21, 2020, 3:21 p.m. 1k

स्वीटी गौर - कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन में बॉलिवुड में सोनू सूद ने दिल खोलकर मदद की है।  सोनू एक मसीहा की तरह उभरकर सामने आए। जब लॉकडाउन में मजदूर पैदल अपने घरों की तरफ निकल गए तो सोनू ने हजारों मजदूरों को अपने खर्चे पर बसों और ट्रेन के जरिए उनके घर पहुंचाया। सोनू के इस काम की हर तरफ तारीफ की गई। हालांकि सोनू अभी थके नहीं हैं और लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं। अब सोनू विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों को स्वदेश लाने जा रहे हैं।

महाराष्ट्र से हजारों प्रवासियों को उनके गांव-घर तक पहुंचाने के बाद एक बार फिर से सोनू नेक काम करने जा रहे हैं। सोनू के एक वादे से रूस (Russia) के पास किर्गिस्तान (Kyrgyzstan) में फंसे भारत के 3,000 छात्रों में झारखंड (Jharkhand) और बिहार (Bihar) के 20 मेडिकल छात्रों के लिए आखिरकार उम्मीद की किरण जगी है। झारखंड के छात्रों में से एक सद्दाम खान (Saddam Khan) ने खुलासा किया कि बॉलीवुड स्टार सोनू सूद, बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल सारंगी और सामाजिक कार्यकर्ता रेखा मिश्रा के प्रयासों का असर अब दिखने लगा है और वहां से वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

मेडिकल छात्र सद्दाम ने ट्वीट कर कहा, हम किर्गिस्तान के एशियन मेडिकल इंस्टीट्यूट (एएमआई) में मेडिकल की डिग्री हासिल करने आए 3000 भारतीय छात्रों की मदद के सामूहिक प्रयास के लिए सोनू सूद, कुणाल सारंगी और रेखा मिश्रा को धन्यवाद देते हैं, जो वैश्विक महामारी कोविड -19 द्वारा सबसे अधिक प्रभावित कई देशों में से एक है। सद्दाम ने अपने ट्वीट में कहा, हमें बचाने और हमें निकालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और सोनू सूद ने हमें आश्वासन दिया है कि हमें अपनी भारत यात्रा के लिए कोई उड़ान शुल्क नहीं देना होगा।

खबर के मुताबिक, कुणाल सारंगी ने बताया कि उन्होंने झारखंड और बिहार के लगभग 20 सहित लगभग 3,000 भारतीय छात्रों की दुर्दशा पर ट्वीट किया था। उन्होंने इस ट्वीट को करते हुए विदेश मंत्रालय और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग करते हुए वीडियो भी शेयर किया था। इस वीडियो को देखने के बाद सोनू सूद ने उनसे संपर्क किया और छात्रों की वापसी के लिए प्रयास तेज किए।

बता दें कि इससे पहले सोनू सूद एक दिन पहले ही चर्चा में आ गए थे जब उन्होंने कहा था कि वह पटना में बेघर मां-बच्चों के लिए घर का इंतजाम करेंगे। इसके अलावा सोनू सूद ने लॉकडाउन के दौरान घर जाने में घायल हुए या मारे गए मजदूरों के 800 परिवारों का खाने, रहने और पढ़ाई का खर्च भी उठाएंगे। सोनू सूद की मदद से लोग इतने अभिभूत हैं कि हाल में एक उड़ीसा के मजदूर ने अपनी दुकान का नाम सोनू सूद के ऊपर रखा है। बहुत से लोगों ने सोनू सूद को भारत रत्न दिए जाने की मांग भी की है।

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