‘नेपोटिज्म’ और SUSHANT के मुद्दे पर SAIF ALI KHAN ने रखी अपनी बेबाक राय। जानिए क्या कहा।

By Neetu July 2, 2020, 4:36 p.m. 1k

पूजा राजपूत-अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत(Sushant Singh Rajput) की आत्महत्या के बाद बॉलीवुड में ‘नेपोटिज्म’(Nepotism) और ‘खेमेबाज़ी’(Groupism) के मुद्दे पर बहस तेज़ हो गई है।तमाम बॉलीवुड सेलेब्स(Bollywood Celebs) अब बाहर निकलकर आए हैं, और अपनी आप-बीती बता रहे हैं। कैसे वह बॉलीवुड में ‘नेपोटिज्म’ या फिर ‘खेमेबाज़ी’ के शिकार हुए। इस बहस के बीच उन स्टार किड्स पर भी निशाना साधा गया जिन्हें कहीं ना कहीं ‘नेपोटिज्म’ का फायदा मिला है। हांलाकि बहुत से सितारे ऐसे भी हैं, जो मानते हैं कि बॉलीवुड में खेमेबाज़ी और फेवरेटिज्म का शिकार सिर्फ आउटसाइडर्स को ही नहीं बल्कि इनसाइडर्स को भी होना पड़ता है।

इन्हीं में से एक हैं अभिनेता सैफ अली खान(Saif Ali Khan)। हाल ही में सैफ अली खान ने एक इंटरव्यू में ‘नेपोटिज्म’ और ‘सुशांत’ के मुद्दों पर खुलकर बात की है। सैफ अली खान सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’(Dil Bechara) में गेस्ट अपीरियंस में नज़र आने वाले हैं। 

सुशांत के साथ काम करने के एक्सपीरिएंस के बारे में सैफ कहते हैं “मुझे लगा था कि उनका भविष्य काफी उज्जवल है। वह मेरे साथ काफी विनम्र थे, और फिल्म में उन्होने मेरी गेस्ट अपीरिएंस की सराहना भी की थी। वह एस्ट्रोनोमी और फिलोस्फी पर बात करना चाहते थे। मुझे लगा था कि वह मेरी तुलना में ज्यादा तेज़ और समझदार हैं”। इसके साथ ही सैफ ने यह भी बताया कि सुशांत ने उनके ड्रिंक पर विभिन्न विषयों पर चर्चा करने की इच्छा ज़ाहिर की थी। लेकिन अफसोस ऐसा कभी नहीं हो पाया।

सैफ कहते हैं “जब मैने फिल्म ‘दिल बेचारा’ में अतिथि भूमिका निभाई तो मुझे लगा कि वह इससे काफी खुश हैं। वह मेरे साथ काफी अच्छी तरह से रहा। उन्होने कहा था कि वह आना चाहते हैं, और ड्रिंक्स के साथ विभिन्न विषयों पर बात करना चाहतें हैं, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया, जिसका मुझे बुरा लगता है। शायद मैं किसी तरह उनकी कोई मदद कर सकता। उन्होने मुझे यह बताया था कि उन्होने मेलबर्न कॉमनवेल्थ गेम्स(2006) के दौरान श्यामक के डांसर के रूप में मेरे पीछे डांस किया था। और ये जानकर मैने उन्हें बधाई भी दी थी, कि आप ने लंबा सफर तय कर सफलता हासिल की है”।सुशांत के बाद सैफ ने ‘नेपोटिज्म’ के मुद्दे पर भी बात की। 

सैफ अली खान ने कहा कि “मैं कहूंगा, ‘नेपोटिज्म’ एक ऐसी चीज है, जिसका शिकार मैं भी हो चुका हूं। लेकिन कोई इसके बारे में पहले बात ही नहीं करना चाहता था। बिजनेस ऐसे ही चलता है। हालांकि मैं इस बारे में किसी का नाम नहीं लेना चाहता कि कौन इसे फैला रहा है या फिर इसे सपोर्ट कर रहा है। मुझे आज भी याद है, कि किसी के पिता ने फिल्ममेकर को फोन करके मेरे लिए कहा था कि उसे मत लो। वह हीरो के रोल के लिए सही नहीं है। ऐसा सबके साथ होता है और मेरा साथ भी हुआ। बॉलीवुड इंडस्ट्री में हर लेवल का नेपोटिज्म है। फेवरेटिज्म है। जो जिसके साथ काम करने में आरामदायक महसूस करता है, वह उसी के साथ काम करता है और उसे ही कास्ट भी किया जाता है”। इसके साथ ही सैफ ने अपने इंटरव्यू में इस बात की भी खुशी जताई है कि बॉलीवुड में अब नए टैलेंटिड कलाकार आ रहे हैं और अपनी पहचान बना रहे हैं।

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