'साहो' में सिर्फ एक्शन के बाहुबली बनकर रह गए प्रभास, जानिए कैसी है फिल्म

By Aug. 30, 2019, 6 p.m. 1k

फिल्म - साहो 

स्टारकास्ट - प्रभास, श्रद्धा कपूर, नील नितिन मुकेश, मंदिरा बेदी, जैकी श्रॉफ

डायरेक्टर- सुजीत 

रिव्यू - नीतू कुमार 

स्टार - 2.5 

बाहुबली के बाद प्रभास ढाई सालों तक फिल्म साहो में जुटे रहें। उनके फैंस का इंतजार खत्म हुआ और फिल्म सिनेमाघरों में आ गई लेकिन साहों देखने के बाद मैं कहूंगी कि उन्होंने अपने ढाई साल बर्बाद किए। 350 करोड़ फिल्म साहो की लागत है। फिल्म के हर सीन पर जमकर पैसा बहाया गया है। प्रभास की फिल्म साहो से उम्मीदें बहुत थी लेकिन दर्शकों की उम्मीद चकनाचूर हो गई। साहो सिर्फ एक एक्शन फिल्म बनकर रह गई है। कहानी के नाम पर कुछ भी नहीं है। चार भाषाओं में साहो रिलीज हुई हैं। हिंदी, तेलुगू, तमिल और मलयालम में ये फिल्म रिलीज हुई है। सभी भाषाओं के लिए फिल्म अलग से शूट हुई है। प्रभास ने अपने डॉयलॉग्स खुद बोले हैं और यहीं वो मात खा गए हैं। अटक - अटक संवाद बोलता हीरो लोगों को खटक गया है। 

कहानी -  साहो फिल्म की शुरुआत होती है वाजी शहर से। दुबई टाइप का ये शहर होता है जहां भारत के कुछ गैंगस्टर मिलकर एक बड़ा इंम्पायर चलाते हैं। ये सभी बहुत पहुंचे हुए लोग होते हैं। रॉय ( जैकी श्रॉफ) इनका सरगना होता है। ये भारत में बड़ी हाइड्रोलिक कंपनी खोलना चाहते हैं। भारत सरकार से अनुमति ना मिलने पर विदेश मंत्री को किडनैप कर लेते हैं और फिर जबरन उससे परमीशन लेते हैं। इसके बाद मुंबई शहर में रोड एक्सीडेंट कर रॉय को मार दिया जाता है। फिर शुरू होता है शहर में एक के बाद एक चोरियों का सिलसिला। चोरियों की छानबीन के लिए अशोक चक्रवर्ती ( प्रभास) नाम के ऑफिसर को नियुक्त किया जाता है। इस टीम में अमृता नायर ( श्रद्धा कपूर ) नाम की महिला ऑफिसर को भी जगह मिलती है। दोनों चोरों को पकड़ने के बजाय रोमांस करते दिखते हैं। एक बहुत बड़े खजाने की चाभी ब्लैक बॉक्स के लिए मारा - मारी शुरू होती है। ब्लैक बॉक्स जब चोरी होती है तो एक बड़ा राज खुलता है। उसके बाद एक के बाद एक कई सारे राज खुलते हैं। कई ट्विस्ट कहानी को आगे बढ़ाते हैं। वहीं रॉय की कंपनी में दो फाड़ हो जाता है। एक तरफ उसका बेटा रॉय ग्रुप का  मालिक बन जाता है तो वहीं देवराज ( चंकी पांडे) सत्ता हासिल करने के लिए खून की नदियां बहाता है। अशोक चक्रवर्ती यानी साहो अकेले सबसे लड़ता और जीत हासिल करता है। 

इस फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी है कहानी। फिल्म की कहानी हर 5 मिनट में बदल जाती है और दर्शक खुद को कंफ्यूज पाता है। निर्देशन भी काफी कमजोर है। गाने भी ऐसे नहीं कि आपको सिनेमा हॉल से बाहर आने पर आपको याद रहे। फिल्म का सिनेमैटोग्राफी बहुत शानदार है। VFX भी ठीक ठाक है। प्रभास इस फिल्म में एक्टिंग कम और एक्शन ज्यादा कर रहे हैं। श्रद्धा कपूर के साथ उनकी जोड़ी कुछ खास जमी नही। श्रद्धा ने भी ठीक ठाक काम किया है। फिल्म के गानों में वो बहुत खूबसूरत दिखी हैं। अगर आपको एक्शन फिल्में पसंद है तो जरूर देखिए साहो। फिल्म में एक्शन कमाल का है। हमारी तरफ से फिल्म को 2.5 स्टार।   

  

 

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