MANOJ BAJPAYEE कभी आत्महत्या करने वाले थे, दोस्तों ने इस तरह बचाई जान !

By Neetu July 2, 2020, 6:22 p.m. 1k

नम्रता शर्मा - बॉलीवुड की चकाचौंध की दुनिया के पीछे कितना अंधेरा है, ये सुशांत सिंह राजपूत(Sushant Singh Rajput) की आत्महत्या के बाद निकल कर सामने आ रहा है। अपनी पहचान बनाने के लिए यहां रोजाना नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कई ऐसे सितारे हैं जो अब आगे आकर अपने साथ हुए किस्सों को बेबाकी से बयां कर सभी को हैरान कर रहे हैं। रवीना टंडन(Raveena Tandon) ने खुद को रातों-रात फिल्म से बाहर निकाले जाने के एक्सपीरियंस(experience) को हाल ही में साझा किया था। अब बॉलीवुड एक्टर मनोज बाजपेई(Manoj Bajpayee) ने भी अपने करियर के शुरुआती दिनों से जुड़ा ऐसा वाक्या शेयर किया है जिसे आप भी सुनेंगे तो यकीनन हैरान रह जाएंगे।

मनोज बाजपेई ने एक इंटरव्यू में अपने स्ट्रगल के शुरुआती दौर को लेकर आई परेशानियों को लेकर बात की। मनोज ने बताया कि वो उन दिनों आत्महत्या करने के काफी करीब थे। उनके पास इतने भी पैसे नहीं थे कि वो खाना तो दूर वड़ा पाव भी खा सकें। चौल में रहा करते थे उसका किराए देने के लिए भी पैसे नहीं थे। काम की तलाश में निकले तो एक फेमस असिस्टेंट डायरेक्टर ने उनका फोटो तक फाड़ डाला था। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के लिए अप्लाई किया तो वहां से तीन बार रिजेक्ट हो गए थे।

मनोज ने बताया कि मैंने थिएटर किया जिसके बारे में मेरे परिवार को नहीं पता था। मैंने पिता जी को ये बात बताने के लिए खत लिखा। खत को पढ़कर वो काफी नाराज हुए। मेरे खर्चे के लिए जो वो 200 रुपये भेजा करते थे उन्होंने वो भी बंद कर दिए। परिवार सोचता था कि मैं किसी काम का नहीं और यहां में एक्टर बनने के सपने बुन रहा था, लेकिन मैं एक आउटसाइडर(Outsider) था मैं बीच में फिट होने की कोशिश में लगा हुआ था।

मनोज ने बताया कि मैंने हिंदी इंग्लिश बोलनी सीखी और भोजपुरी पर तो मेरी अच्छी पकड़ थी ही ।इसके बाद नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के लिए ट्राई किया लेकिन मैं तीन बार रिजेक्ट हुआ।ये वक्त ऐसा था जब मैं सुसाइड करने की सोच रहा था। मुझे लगने लगा था कि ये दुनिया मेरे काम की नहीं है, लेकिन शुक्र हो मेरे दोस्तों का जिन्होंने मेरा बहुत साथ दिया। मनोज ने बताया कि मेरे दोस्त मेरे बराबर में ही सोने लगे और देखते रहते थे कि मैं ठीक तो हूं। जब तक मैं इंडस्ट्री में कामयाब नहीं हो गया मुझे यहां के लोगों ने अपना नहीं लिया तब तक मेरे दोस्त मेरे साथ साए की तरह रहे।

मनोज ने बताया कि मुझे मेरे पहले शॉट(Shot) के बाद निकल जाओ तक कह दिया गया था, क्योंकि मैं एक आइडियल हीरो जैसा नहीं दिखता था। सभी ये सोचते थे कि मैं बड़ी स्क्रीन पर दिखने के लायक नहीं हूं क्योंकि मेरा चेहरा हीरो वाला नहीं है, लेकिन मेरे अंदर सफल होने की भूख थी।मनोज ने आगे बताया कि महेश भट्ट के टीवी सीरियल में मुझे पहली बार काम मिला था। एक एपिसोड के 1500 रुपए मिला करते थे। वो मेरी पहली कमाई(Income) थी। मेरे काम को पहचाना गया और इसके बाद बॉलीवुड में मुझे मेरी पहली फिल्म सत्या मिली।

सत्या(Satya) के बाद शुरू हुआ मनोज बाजपेई का सफर वाकई काफी जबरदस्त रहा है। मनोज ने अपने दम पर इंडस्ट्री में अपना सिक्का जमाया है। सत्या, अलीगढ़, जुबेदा, राजनीति, गैंग्स ऑफ वासेपुर समेत कई फिल्में की। हाल ही में आई मनोज की वेब सीरीज द फैमिली मैन(The Family Man) को भी ज़बरदस्त प्यार मिला था और अब इसके सेकंड सीजन का इंतजार किया जा रहा है। हाल ही में मनोज की भोंसले(Bhonsle) भी रिलीज हुई है जिसे भी ऑडियंस का काफी प्यार मिल रहा है।

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