इरफान के पिता क्यों कहते थे कि पठान के घर पंडित पैदा हो गया है ?

By Neetu April 29, 2020, 11:49 p.m. 1k

सारिका स्वरूप - अपनी एक्टिंग से हर किसी के दिल पर राज करने वाले इरफान खान (Irrfan khan) का यूं अचानक से चले जाना सभी के लिए बेहद दुखद खबर है । अभिनय की दुनिया में अपना लोहा मनवाने वाले उमदा एक्टर इरफान खान  इस कदर अचानक सभी को रुलाके चले गए । 54 साल के इरफान  कैंसर और कोलोन के इन्फेक्शन से जूझ रहे थे। मुंबई के कोकिलाबेन हॉस्पिटल में उन्होंने अंतिम सांस ली। इरफान की जिंदगी से जुड़ी कई ऐसी तस्वीरें हम आपके लिए लेकर आए हैं जो आपने पहले कभी देखें नहीं होंगे। 

रफान खान का जन्म जयपुर के एक छोटे से शहर के मुस्लिम पठान परिवार में हुआ था । इरफान के पिता यासीन और मां का नाम सईदा बेगम था। इरफान तीन भाई-बहन है । जिसमें उनकी बहन रुकसाना उनसे बड़ी है और दोनों भाई इमरान खान और सलमान खान उनसे छोटे है इरफान को बचपन से ही एक्टिंग का शौक था। 

इउन्होंने जयपुर में अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत कि थी  एक्टिंग में हाथ आजमाने के लिए उन्होनें  रवींद्र मंच ज्वाइन किया । वहा जमने के बाद इरफ़ान दिल्ली चले गए गए।दिल्ली में उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD ) में एडमिशन लिया। जहां से उन्होंने अपने हुनर के जरिए सबको दीवाना बनाया।

इरफान के पिता यासीन अली खान टायर का बिज़नेस करते थे। बचपन से ही इरफान अलग स्वभाव के थे। घर में सबलोग नॉनवेज चाव से खाते थे लेकिन उन्हें मांस मछली बिल्कुल पसंद नहीं था। पठान मुस्लिम परिवार में जन्म होने के बाद भी कभी मीट या मांस नहीं खाया था और वे बचपन से ही शाकाहारी थे। यही कारण है कि उनके पिता इरफान को कहा करते थे कि ये तो पठान परिवार में पंडित आ गया है। उनके पिता उन्हें जब शिकार के लिए ले जाते तो इरफान उसका भी विरोध करते थे। इरफान के माता पिता चाहते थे कि वो प्रोफेसर बने लेकिन उनके सिर पर एक्टर बनने का जुनून था। माता-पिता से झूठ बोलकर उन्होंने NSD में एडमिशन लिया।

जब इरफान का एनएसडी में एडमिशन हुआ, उन्हीं दिनों उनके पिता की मृत्यु हो गई। जिसके बाद इरफान को घर से पैसे मिलने बंद हो गए। एनएसडी से मिलने वाली फेलोशिप के जरिए उन्होंने अपना कोर्स खत्म किया।  

 इरफान अपनी मां के बेहद करीब थे। फिल्मों में एक्टिंग करने की बात सुन उनकी मां ने कहा था कि क्या अब सिर्फ नाचने-गाने का काम ही करोगे । इस पर इरफान ने अपनी मां को समझाते हुए कहा था कि 'आप मुझ पर भरोसा रखिए। मैं आपको कभी भी शर्मिंदा नहीं होने दूंगा। मैं कुछ ऐसा करूंगा जिससे अपको मुझपर गर्व होगा ।

आपको बता दे इरफान अपनी मां के बेहद करीब थे । मां के साथ उनका इतना गहरा नाता था। ये बात उनके मां और उनके एक साथ चले जाने की इतफाक को भी बयान करता है । अपने आखरी वक़्त में भी इरफान ने माँ को याद किया और कहा कि "अम्मा मुझे लेने आई है।" उनके मां और उनका एक साथ यूं जाना दोनों के गहरे रिश्ते को बयां करता है। 

इरफान की मां सईदा बेगम का रमजान के पहले दिन शनिवार को निधन हुआ था। लॉकडाउन के चलते इरफान अपनी मां के अंतिम संस्कार करने नहीं जा सके,उन्होनें वीडियो कॉल के जरिए ही अपनी मां के अंतिम दर्शन किए थे। उधर उनकी मां ने अपने अंतिम सांस तक अपने लाडले की सलामती की दुआएं मांगी । इरफान के भाई सलमान ने बताया कि मां की अंतिम इच्छा थी कि इरफान भाई जल्द से जल्द स्वस्थ हो कर घर लौटें। शायद इरफान का अब तक रहना उनकी मां के दुआओं का ही असर था । तभी उनकी मां के जाने के बाद उनका ये  गहरा रिश्ता ही था जो उन्हें उनके पास ले गया ।

बहरहाल इरफान खान का फिल्मी सफर ऐसा था जो कभी नहीं रुका , छोटे पर्दे से लेकर बॉलीवुड से हॉलीवुड तक उन्होनें अपने ऐक्टिंग का लोहा मनवाया है । इरफान आखिरी बार फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम' में नजर आए। तबियत खराब के चलते वो फिल्म की प्रमोशन में उन्होंने हिस्सा नहीं लिया। 'अंग्रेजी मीडियम' के दौरान उनका एक वीडियो मैसेज आया जिसमें वो फैंस से कहते हैं कि 'मेरा इंतजार करिएगा' लेकिन किसे पता था कि उनका ये इंतजार कभी खत्म नहीं होगा ।

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