सुशांत केस में कंगना रनौत को नहीं मिला है समन, एक्ट्रेस की मांग को इग्नोर कर रही है मुंबई पुलिस?

By Neetu July 22, 2020, 9:49 p.m. 1k

पूजा राजपूत-

बेबाक अभिनेत्री कंगना रनौत कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में छाई है। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद से ही कंगना ने ‘नेपोटिज्म’ और ‘गुटबाजी’ के खिलाफ अपनी जंग एक बार फिर तेज़ कर दी है। जहां कंगना लगातार फिल्ममेकर करण जौहर, यशराज फिल्मस के चेयरमैन आदित्य चोपड़ा, फिल्म क्रिटीक राजीव मसंद और निर्देशक महेश भट्ट पर निशाने साध रही हैं, वहीं दूसरी तरफ वह ‘सुशांत केस’ को लेकर भी अपना ब्यान मुंबई पुलिस के सामने दर्ज करवाना चाहती हैं। अपनी यह इच्छा अभिनेत्री कई बार ज़ाहिर भी कर चुकी हैं। लेकिन सुशांत केस की जांच में जुटी मुंबई पुलिस ने अभी तक कंगना को कोई भी समन नहीं भेजा है।

बुधवार शाम को अभिनेत्री की टीम कंगना ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया है जिसमें उन्होने लिखा है “कंगना को कोई औपचारिक समन नहीं भेजा गया है, रंगोली पिछले 2 सप्ताह से पुलिस को कॉल कर रही हैं, कंगना बयान दर्ज करवाना चाहती हैं, लेकिन हमें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है।” अपने इस ट्वीट में टीम कंगना ने मुंबई पुलिस को भी टैग किया है।

 इसके साथ ही उन्होने अपने पोस्ट में रंगोली द्वारा भेजा हुआ व्हॉट्सऐप चैट का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है। जिसमें रंगोली ने मुंबई पुलिस ऑफिसर को लिखा है कि इस केस से संबंधिंत वह किसी भी तरह की मदद मुंबई पुलिस को देने के लिए तैयार हैं। साथ ही कंगना अपना बयान भी दर्ज करवाना चाहती हैं। उन्हें मुंबई पुलिस की तरफ सवालों का इंतजार है।

रंगोली के इस व्हॉट्सऐप चैट से यह भी साफ है कि उन्होने देश के जाने माने वकील और नेता सुब्रमण्यम स्वामी की टीम के अहम सदस्य इश्करण को अपना वकील चुना है। इश्करण सिंह भंडारी देश के प्रमुख वकीलों में गिने जाते हैं।

आपको बता दें, कि एक न्यूज़ चैनल को दिये इंटरव्यू में भी कंगना साफ-साफ कह चुकी हैं कि वह भी पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज करवाना चाहती हैं। और सुशांत को इंसाफ दिलवाना चाहती हैं। अपने इंटरव्यू में कंगना ने कहा था “उन्होने मुझे बुलाया और मैने उनसे भी पूछा, कि मैं मनाली में हूं, क्या आप किसी को मेरा बयान लेने के लिए भेज सकते हैं, लेकिन मुझे उसके बाद से कोई जवाब नहीं मिला है। मैं आपको बता रही हूं, अगर मैने ऐसा कुछ भी कहा है, जिसकी मैं गवाही नहीं दे सकती, जिसे मैं साबित नहीं कर सकती और जो कि पब्लिक डोमेन में नहीं है, मैं अपना पद्माश्री पुरस्कार लौटा दूंगी।

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