जिंदगी कैसी है पहेली... लिखने वाले गीतकार योगेश का हुआ निधन

By Aditi May 29, 2020, 6:33 p.m. 1k

जानेमाने लेखक और गीतकार योगेश गौड़ (Yogesh) का 77 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनके निधन पर लता मंगेशकर ने सोशल मीडिया पर उन्‍हें श्रद्धाजंलि अर्पित की है। उन्होंने ट्विटर करते हुए लिखा,' मुझे अभी पता चला कि दिल को छूनेवाले गीत लिखनेवाले कवि योगेश जी का आज स्‍वर्गवास हुआ। ये सुनके मुझे बहुत दुख हुआ। योगेश जी के लिखे कई गीत मैंने गाए। योगेश जी बहुत शांत और मधुर स्‍वभाव का इंसान थे। मैं उनको विनम्र श्रद्धाजंलि अर्पण करती हूं।

आपको बता दें कि योगेश जी ने कई चर्चित गाने लिखे जिनमें 'कहीं दूर जब ढल जाए' और 'जिंदगी कैसी है पहेली' शामिल हैं। दोनों ही गाने साल 1971 में आई सुपरहिट फिल्‍म 'आनंद' के गाने है। ये गाने सुपरहिट साबित हुए थे। आज भी इन गानों को सुना जाता है। उनके बारे में कहा जाता है कि 16 साल की उम्र में लखनऊ से मुंबई आए थे। 

आपको बता दें कि योगेश गौड़ का जन्म 19 मार्च 1943 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था। वह काम की तलाश में निकले थे, उनके चचेरे भाई एक पटकथा निर्देशक थे। उन्‍होंने पहली बार ऋषिकेश मुखर्जी के साथ मिलकर काम किया और उन्‍होंने 'कहीं दूर जब दिन ढल जाए' गीत लिखा। इसके बाद उन्‍होंने 'जिंदगी कैसी है पहेली' और 'रि‍मझिम गिरे सावन' जैसे गीत लिखे। योगेश ने एक लेखक के रूप में टेलीविजन धारावाहिकों में भी काम किया। 

योगेश गौर ने "एक रात, मिली, छोटी सी बात, आनंद, आजा मेरी जान, मंजिलें और भी हैं, बातों-बातों में, रजनीगंधा, मंजिल, आनंद महल, प्रियतमा, मजाक, दिललगी, अपने पराए, किराएदार, हनीमून, चोर और चांद, बेवफा सनम, जीना यहां, लाखों की बात" जैसी फिल्मों के गीत लिखे.

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