तस्वीरों के ज़रिए देखिए ऋषि कपूर के परिवार का कहानी।

By Neetu May 1, 2020, 7:03 p.m. 1k

1.ऋषि कपूर का जन्म 4 सितम्बर 1952 को हुआ था। ऋषि कपूर बॉलीवुड के शो मैन के कहलाए जाने वाले सुपरस्टार राज कपूर के दूसरे बेटे थे। 5 भाई- बहनों में ऋषि कपूर तीसरे नंबर पर थे। ऋषि से बड़े भाई रणधीर कपूर, और बहन ऋतु नंदा थे, जबकि बहन रीमा जैन और भाई राजीव कपूर उनसे छोटे थे।

2. पांच-भाई बहनों में ऋषि सबसे ज्यादा शरारती थे। एक बार अपने बचपन के बारे में  ऋषि ने बताया था – कि अक्सर अपनी शरारतों की वजह से वो मां-पिता जी या फिर दादा जी से मार खाते थे। मार खाने के बाद अक्सर वो रोते थे और खुद को आइने में देखते थे।

3. बचपन से ही ऋषि कपूर को एक्टिंग का शौक था। अदाकारी उन्हें विरासत में मिली थी, और फिल्मों में काम करने का उनका सफर 1955 में ‘श्री  420’ के दौरान ही शुरु हो गया था। ‘श्री  420’ से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प किस्सा भी ऋषि कपूर अक्सर सुनाते थे। ऋषि के मुताबिक ‘श्री 420 के एक गाने में बारिश में मुझे अपने भाई बहनों के साथ एक छोटा सा शॉट देना था और इसमें पानी में चलना था। उस वक्त सिर्फ मैं दो साल का था और आंखों में पानी जाने पर मैं रोने लगता था। तभी नरगिस जी ने मुझे चुप करवाने के लिए एक चॉकलेट दिखाया।' उसी वक्त से ही मैने रिश्वत लेनी शुरू कर दी थी'।

4. 1970 में राज कपूर की मेगाबजट फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ रिलीज़ हुई थी। इस फिल्म में राजू के बचपन का किरदार ऋषि कपूर ने निभाया था। राजू के किरदार में ऋषि कपूर ने ऐसी दमदार एक्टिंग की थी, कि उन्हें बेस्ट चाइल्ड एक्टर का नेशनल अवॉर्ड तक दिया गया था। ऋषि कपूर ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था - कि जब पिता जी के कहने पर मैने अपना नेशनल अवॉर्ड अपने दादा जी पृथ्वीराज कपूर को दिखाया तो दादाजी ने उस अवॉर्ड को अपने सिर से लगा लिया और रोने लगे।  

5. मेरा नाम जोकर के रिलीज़ होने के सिर्फ तीन साल बाद ऋषि कपूर ने बॉलीवुड में बतौर हीरो धमाकेदार डेब्यू किया। साल था 1973 और फिल्म का नाम था ‘बॉबी’। पहली फिल्म से ही ऋषि कपूर की इमेज बॉलीवुड में लवर बॉय की बन गई। ‘बॉबी’ के लिए ऋषि कपूर को बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। ऋषि ने बताया था कि पिताजी राज कपूर एक यंग रोमांटिक फिल्म बनाना चाहते थे, लेकिन उनके पास किसी सुपरस्टार को साइन करने के पैसे नहीं थे। किस्मत से ‘राजा’ का किरदार उन्हें मिला था। जिसके बाद उन्होने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा था।

6. बॉलीवुड की रियल लाइफ सबसे खूबसूरत लव-स्टोरीज़ में एक रही ऋषि औऱ नीतू सिंह की प्रेम कहानी की शुरुआत 1973 में हुई थी। दोनों ने पहली बार फिल्म ‘ज़हरीला इंसान’ में साथ काम किया था। पहली फिल्म के दौरान ही ऋषि और नीतू के बीच काफी अच्छी दोस्ती हो गई थी। ऋषि अपने सीक्रेट्स पर नीतूब के साथ शेयर करने लगे थे। दोनों ने शादी से पहले तकरीबन 12 फिल्मों में साथ काम किया था। ऋषि शरारती मिजाज़ के थे, वो अक्सर नीतू सिंह के साथ भी शरारतें किया करते थे, और नीतू को ऋषि का यही अंदाज़ सबसे ज्यादा पसंद आता था। कहते हैं, कि अक्सर ऋषि नीतू को परेशान करने के लिए मेकअप के बाद उनका काजल बिगाड़ दिया करते थे। 

नीतू के साथ अपनी लव-स्टोरी के बारे में ऋषि कपूर ने एक बार कहा था कि – हम दोनों अक्सर डबल शिफ्ट में साथ काम किया करते थे, ऐसे में प्यार तो होना ही था। दोनों की लव स्टोरी को लेकर एक और किस्सा भी काफी मशहूर है – कहा जाता है कि 1975 में जब ऋषि कपूर ने नीतू सिंह को डेट करना शुरु किया तब उन्होने नीतू के सामने एक बात साफ कर दी थी, कि वो सिर्फ उन्हें डेट करेंगें, लेकिन कभी उनसे शादी नहीं करेंगे। लेकिन नीतू कि किस्मत में कपूर खानदान की बहु बनना लिखा था। डेटिंग के दिनों में ऋषि कपूर पोज़ेसिव बॉयफ्रेंड थे। 

7. 1980 में ऋषि कपूर और नीतू सिंह ने शादी करने का फैसला किया। 22 जनवरी 1980 को ऋषि कपूर और नीतू सिंह की शादी हुई। दोनों की शादी बॉलीवुड की यादगार शादियों में से एक थी। लगभग पूरा बॉलीवुड कपूर खानदान के इस नए-नवेले जोड़े को आशिर्वाद और शुभकामनाएं देना पहुंचा था। कहते हैं कि अपनी शादी के दिन भीड़ की वजह से नीतू सिंह बेहोश भी हो गईं थी, वहीं ऋषि कपूर को भी भीड़ की वजह से चक्कर आ गए थे।

8. ऋषि कपूर से शादी के बाद नीतू कपूर ने अपने फिल्मी करियर पर विराम लगा दिया। शादी से पहले ही नीतू ने अपनी फिल्मों के प्रोड्यूसर्स के सामने ये साफ कर दिया था कि शादी के बाद वो फिल्मों में काम नहीं करेंगीं। नीतू का ये फैसला काफी विवादों में भी छाया था। कहा गया था कि नीतू ने कपूर खानदान के पुराने रिवाज़(कपूर परिवार की बहु-बेटियां फिल्मों में काम नहीं करेंगीं) की वजह ये फैसला लिया था। लेकिन नीतू ने इस फैसले को अपना फैसला बताया था। नीतू कपूर के इस फैसले पर बरसों बाद एक इंटरव्यू में ऋषि कपूर ने भी सफाई दी थी। ऋषि ने कहा था कि ‘हमारे बीच ये तय हुआ था कि घर में एक ऐसा होगा जो होम मेकर होगा। होम मेकर नीतू बन गई। नीतू के रूप में मुझे बहुत अच्छी बीवी और हमारे बच्चों को एक अच्छी मां मिलीं।

9. शादी के नौ महीने बाद ऋषि कपूर और नीतू कपूर के परिवार में पहली खुशी आई। 15 सितम्बर 1980 को ऋषि-नीतू के घर में बेटी रिद्धिमा का जन्म हुआ। वहीं रिद्धिमा के जन्म के दो साल बाद 28 सितम्बर 1982 को ऋषि-नीतू के घर में बेटे का जन्म हुआ। जिसका नाम रणबीर रखा गया। 

10. शादी के बाद ऋषि जहां बॉलीवुड में सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहे थे, वहीं उनकी शादी-शुदा जिंदगी में कई बार तुफान भी आए। 1990 में ऋषि कपूर और नीतू कपूर के झगड़े की खबरें सुर्खियां बटोरने लगी थीं। ऋषि को शराब पीने की बुरी लत्त लग चुकी थी, खबरें तो ये भी आईं कि शराब के नशे में कई बार ऋषि ने नीतू पर हाथ भी उठाया था। अपनी शादीशुदा जिंदगी में आ रही परेशानियों से नीतू भी थक चुकी थीं। झगड़े की वजह ऋषि कपूर के लव-अफेयर्स की खबरों को भी बताया जाता है।

 एक बार दोनों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि नीतू ने ऋषि कपूर के खिलाफ डोमेस्टिक वॉयलेंस का केस दर्ज करवा दिया था। नीतू ने ऋषि कपूर को घर तक छोड़ दिया था, और कमाई के ज़रिए के लिए नीतू ने एक सलून भी खोल लिया था। लेकिन कुछ ही वक्त दोनों के बीच के सारे विवाद सुलझ गए और नीतू ने अपने बच्चों के साथ वापिस ऋषि कपूर के घर में रहना शुरु कर दिया। कहा जाता है कि, ऋषि और नीतू के झगड़ो ने उनके बच्चों पर भी काफी गहरा असर डाला था। इन झगड़ों की वजह से रणबीर कभी अपने पापा के क्लोज़ नहीं हो पाए।

11. पापा ऋषि कपूर के साथ अपनी बिगड़ी इक्वेशन को रणबीर ने कभी नहीं छुपाया। एक इंटरव्यू में रणबीर ने उन दिनों को याद करते हुए कहा था – कभी-कभी उन दोनों के बीच बहुत बुरा झगड़ा होता था। मैं सुबह के 5 या 6 बजे तक अपने सिर को अपने घुटनों के बीच दबाए चुपचाप सीढ़ियों पर बैठा रहता था, और इंतज़ार करता था उनके झगड़े के खत्म होने का। उन सभी अनुभवों ने मेरे अंदर भावनाओं का भंडार निर्माण कर दिया था, और इसी वजह से फिल्मों में मेरी रुची बढ़ी।

12. बचपन में पिता ऋषि कपूर के साथ जहां रणबीर का रिश्ता बेहद खराब रहा वहीं, रणबीर हमेशा अपनी मम्मी नीतू कपूर के करीब रहे। कहते हैं, कि रणबीर कभी अपने पिता के सामने सिर उठाकर बात भी नहीं करते थे। 10वीं की परिक्षा देने के बाद रणबीर ने 1999 में फिल्म ‘आ अब लौट चलें’ में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया था। फिल्म को ऋषि कपूर डायरेक्ट कर रहे थे, और यही वो वक्त था जब रणबीर ने अपने पिता ऋषि कपूर के करीब आना शुरु किया। और बाप-बेटे के रिश्ते ने एक नया मोड़ लेना शुरु किया। हांलाकि रणबीर हमेशा अपनी मम्मी नीतू के ज्यादा करीब रहे। रणबीर मां नीतू कपूर को भावनात्मक तौर पर ज्यादा मजबूत बताते हैं, रणबीर कहते हैं कि मॉम ने इतनी परेशानियों के बाद भी हमेशा हमें जोड़ कर रखा।

13. रणबीर जहां मां के करीब थे वहीं उनकी बड़ी बहन रिद्धिमा अपने पिता ऋषि कपूर की लाडली थीं। ऋषि बुरे पिता कभी नहीं थे। अपने बिज़ी शेड्यूल में से भी ऋषि अपने बच्चों के लिए वक्त निकालते थे। वो उनके साथ अक्सर कार्टून देखा करते थे, और गेम्स भी खेलते थे। कहा जाता है कि रिद्धिमा की एक शिकायत पर ऋषि ने सिगरेट पीनी की आदत छोड़ दी थी। रिद्धिमा ने एक दिन पापा ऋषि से उनके मुंह से बदबू आने की शिकायत की थी, जिसके बाद ऋषि ने सिगरेट को हाथ नहीं लगया था।

14. मां नीतू की ही तरह रिद्धिमा भी काफी खूबसूरत हैं। बावजूद इसके रिद्धिमा ने कभी बॉलीवुड में कदम रखने का मन नहीं बनाया। खास बात ये है कि रिद्धिमा उम्र में अपनी चचेरी बहन करीना कपूर खान से सिर्फ 6 दिन ही बड़ी हैं। रिद्धिमा कभी भी फिल्मों में नहीं आना चाहती थीं। रिद्धिमा को शुरुआत से ही लाइम लाइट से दूर रहना अच्छा लगता है। रिद्धिमा ने फैशन डिज़ाइनिंग और इंटीरियर डिज़ाइनिंग का कोर्स किया है। रिद्धिमा फैशन इंडस्ट्री का जाना-माना नाम हैं। आर ज्वैलरी नाम से रिद्धिमा का ज्वैलरी ब्रांड भी है।

15. 25 जनवरी 2006 को रिद्धिमा कपूर की शादी दिल्ली के बिज़नेसमैन भरत साहनी के साथ हुई। दोनों की ये लव-मैरिज थी। रिद्धिमा और भरत सबसे पहले 1997 में लंदन में मिले थे। इसके बाद दोनों 2001 में मुंबई में हुई एक शादी में मिले, और वहीं से दोनों की लव-स्टोरी की शुरुआत हुई थी। एक-दूसरे को लगभग 5 साल डेट करने के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया। और 25 जनवरी 2006 को दोनों शादी के बंधन में बंध गए। 23 मार्च 2011 को भरत और रिद्धिमा एक बेटी के पेरेंट्स बने जिसका नाम इन्होमे समायरा रखा है।

16. रिद्धिमा भरत के साथ अपनी शादी-शुदा जिंदगी में बेहद खुश हैं, तो वहीं रणबीर कपूर की पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ उतार-चढ़ावों से भरी रही। 2007 में रणबीर कपूर ने संजयलीला भंसाली की फिल्म ‘सांवरिया’ से बॉलीवुड में बतौर हीरो अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। पहली फिल्म से ही रणबीर की इमेज बॉलीवुड में लवरबॉय की बन गई। 2008 में रणबीर कपूर की फिल्म ‘बचना ए हसीनों आई’। 

फिल्म सुपरहीट रही, साथ ही रणबीर का नाम फिल्म की लीड हिरोइन दीपिका पादुकोण के साथ जोड़ा जाने लगा। दोनों ने भी अपने प्यार को कभी नहीं छुपाया। दीपिका-रणबीर की एयरपोर्ट पर किस करने वाली पिक्चर खूब वायरल हुई थी। इसके बाद दीपिका ने रणबीर कपूर के नाम के पहले अक्षरों RK का टैटू भी अपनी गर्दन में गुदवा लिया था।

जहां रणबीर कपूर दीपिका के प्यार में पूरी तरह डूबे थे वहीं कहा जाता है कि नीतू कपूर को दीपिका अपनी बहू के तौर पर कभी पंसद नहीं आईं। और कुछ ऐसे ही विचार नीतू कपूर ने रणबीर की दूसरी गर्लफ्रैंड कटरिना कैफ के लिए भी रखे। 

नीतू बहू के तौर पर कैटरिना को भी अपनी पंसद नहीं बना पाईं। दीपिका और कटरिना को कपूर परिवार की रज़ामंदी कभी नहीं मिली थी। 

17. रणबीर कपूर अब महेश भट्ट की बेटी आलिया भट्ट के साथ रिलेशन में हैं। आलिया को पूरा कपूर परिवार बेहद पसंद करता है। ऋषि और नीतू कपूर की तरह से भी आलिया को रज़ामंदी मिल चुकी है। सोनम कपूर के वेडिंग रिसेप्शन में रणबीर और आलिया ने पहली बार साथ में पब्लिक एपिरिएंस दी थी। जिसके बाद दोनों की लव-स्टोरी पर मुहर लग गई थीं। नीतू कपूर भी अक्सर आलिया के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं।

18. दो साल पहले कपूर परिवार को ऋषि को ब्लड कैंसर होने की बात पता चली थी। कहा जाता है, कि ऋषि उस वक्त दिल्ली में अपनी फिल्म की शुटिंग जारी रखना चाहते थे, लेकिन रणबीर ने देर ना करते हुए फौरन हुए न्यूयॉर्क की टिकट करवाई और अपने पिता को ज़बरदस्ती फ्लाइट में बिठाकर न्यूयॉर्क ले गए थे।

19. न्यूयॉर्क में ऋषि कपूर के इलाज के दौरान कई बार आलिया रणबीर के साथ ऋषि और नीतू कपूर से मिलने जाती थीं।

20.ऋषि अपने बेटे रणबीर  की शादी होते देखना चाहते थे। अपने पोते-पोती को खिलाना चाहते थे। अपनी ये ख्वाहिश ऋषि ने ट्विटर पर ज़ाहिर भी की थी। लेकिन ऋषि कपूर की ये ख्वाहिश अधूरी रह गई। 30 अप्रैल की सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर ऋषि कपूर ने मुंबई के हॉस्पिटल एस.एन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में आखिरी सांस ली। ऋषि कपूर 67 साल के थे।

ऋषि कपूर के अंतिम संस्कार की तस्वीरों में नीतू कपूर बेहद रोती दिख रही हैं। 40 साल का उनका साथ अब छूट गया है। ऋषि कपूर के देहांत के साथ उस खूबसूरत प्रेमकहानी का भी अंत हो गया जिसे 70 के दशक में नीतू और ऋषि ने मिलकर रचा था।

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