ऋषि कपूर के साथ एक सदी का भी अंत हो गया है, रोमांस किंग कहलाते थे !

By Neetu April 30, 2020, 1:44 p.m. 1k

पूजा राजपूत -  चार्म ऐसा की पहली नज़र में ही लड़कियां उनपर फिदा हो जाती थीं और अदाकारी ऐसी की हर किरदार में जान फूंक दी जाती थी। एक्टिंग ऋषि कपूर(Rishi Kapoor) को विरासत में मिली थी, या यूं कहें, कि अदाकारी ऋषि कपूर के शरीर में लहू बनकर बहती थी। 67 साल की उम्र में बॉलीवुड के सबसे ज़िंदादिल अभिनेता ऋषि कपूर हम सभी को अलविदा कहकर चले गए हैं। ऋषि कपूर ने मुंबई के एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल (H. N. Reliance Foundation Hospital) में आखिरी सांस ली। 

परिवार के तरफ से जारी ब्यान में कहा गया है कि ‘ऋषि कपूर का निधन बृहस्पतिवार सुबह तकरीबन 8 बजकर 45 मिनट पर हुआ। पिछले दो साल से ऋषि कपूर ल्यूकेमिया(ब्लड कैंसर) से जंग लड़ रहे थे। बीत दो साल में दर्दनाक मेडिकल ट्रीटमेंट से गुजरते हुए भी ऋषि कपूर ने कभी अपने हौसले और जज़्बे को टूटने नहीं दिया। अपने आखिरी वक्त में भी वो हॉस्पिटल स्टाफ, डॉक्टर्स और नर्सों को हंसा रहे थे। परिवार, दोस्त, खाना, और फिल्मों पर हमेशा उनका ध्यान बना रहा और जो भी शख्स इस दौरान उनसे मिलने आया वो ये देखकर हैरान हो जाता था कि कैसे उन्होने अपनी बीमारी को खुदपर हावी नहीं होने दिया।‘

ऋषि कपूर के साथ एक सदी का भी अंत हो गया है। लगभग चालीस साल तक ऋषि कपूर ने अपनी अदाकारी से लोगों के दिलों पर राज किया। ऋषि कपूर बॉलीवुड के पहले फिल्मी घराने 'कपूर' खानदान की दूसरी पीढ़ी में से थे। शोमैन राजकपूर के दूसरे बेटे थे ऋषि कपूर। 

बॉलीवुड में ऋषि कपूर ने बतौर बाल कलाकार एंट्री की थी।  ऋषि कपूर सबसे पहले अपने पिता की राज कपूर की फिल्म ‘श्री 420’ के गाने प्यार हुआ इकरार हुआ में नज़र आए थे। जिसके बाद 1970 में फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ में ऋषि कपूर ने राजू के बचपन का किरदार निभाया था। इस फिल्म के लिए ऋषि कपूर को बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का नेशनल अवॉर्ड भी मिल था।

‘मेरा नाम जोकर’ के सिर्फ तीन साल बाद ऋषि जी ने बतौर हीरो बॉलीवुड में कदम रखा। साल था 1973 और फिल्म का नाम था ‘बॉबी’। ‘बॉबी’ ने रिलीज़ होते ही बॉक्सऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ दिया। फिल्म को ऋषि कपूर के पिता राज कपूर ने बनाया था। फिल्म में ऋषि कपूर के अपोज़िट नई अदाकारा डिंपल कपाड़िया ने डेब्यू किया था। फिल्म सुपर-डुपर हिट रही, 1973 की सबसे कमाऊ फिल्म साबित हुई थी। ‘बॉबी’ में राजा का किरदार निभाने के लिए ऋषि कपूर को बेस्ट एक्टर का फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला था।

बॉलीवुड को एक उभरता सितारा मिल गया था। अपने फिल्मी सफर में ऋषि कपूर ने लगभग 150 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। 1973 से लेकर साल 2000 तक ऋषि कपूर ने 92 फिल्मों में रोमांटिक एक्टर का रोल प्ले किया जिनमें से 36 फिल्में बॉक्सऑफिस पर हिट साबित हुईं थी। बॉलीवुड में ऋषि कपूर की जोड़ी उनकी पत्नि और को-एक्टर नीतू सिंह के साथ सबसे ज्यादा पसंद की गई। 1973 से 1981 के बीच दोनों ने 12 फिल्मों में साथ काम किया। शादी के बाद नीतू कपूर ने फिल्मों में काम करना बंद कर दिया। लेकिन ऋषि कपूर का जलवा सिल्वर स्क्रीन पर चलता रहा। 

तकरीबन 51 फिल्मों में ऋषि कपूर सोलो एक्टर के रोल में नज़र आए थे, जिनमें से 11 फिल्में हिट रही थीं, तो वहीं ऋषि ने 41 मल्टीस्टारर फिल्में खी थीं, जिनमें से 25 फिल्में बॉक्सऑफिस पर सफल साबित हुई थीं। ऋषि कपूर की, बतौर सोलो हीरो यादगार हिट फिल्मों में बॉबी, लैला मजनू, रफू चक्कर, सरगम कर्ज़, प्रेमरोग, नगीना, हनीमून, चांदनी, हिना, बोल राधा बोल और ये वादा रहा जैसी फिल्में शामिल हैं। 

  इसके अलावा खेल-खेल में, कभी-कभी,  हम किसी से कम नहीं, बदलते रिश्ते, आप के दीवाने, सागर, अजूबा, चांदिनी, दीवाना, दामिनी, गुरूदेव, दरार और करोबार ऐसी फिल्मों में ऋषि कपूर ने दूसरे अभिनेताओं के साथ किया और इन सभी फिल्मों मे बॉक्सऑफिस पर अच्छा बिज़नेस किया था।

1999 में ऋषि कपूर ने फिल्म ‘आ अब लौट चलें’ का निर्देशन किया, फिल्म में ऐश्वर्या राय, राजेश खन्ना, और अक्षय खन्ना मुख्य भूनिकाओं नें नज़र आए थे। इसके अलावा ऋषि कपूर ने फिल्म हिना में भी काम किया था, जिसे उनके बड़े भाई रणधीर कपूर और पिता राज कपूर ने मिलकर निर्देशित किया था। 1996 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘प्रेम ग्रंथ’ को तीनों भाईयों(ऋषि, रणधीर और राजीव कपूर) ने प्रोड्यूस किया था, फिल्म में लीड रोल ऋषि कपूर ने निभाया था। जबकि फिल्म को राजीव कपूर ने डायरेक्ट किया था।

2001 से 2020 के बीच ऋषि कपूर सपोर्टिंग हीरो के रोल्स में सीमित हो गए। 2002 में फिल्म ये है जलवा रिलीज़ हुई जिसमें ऋषि कपूर ने सलमान खान के पिता का रोल प्ले किया था। 2004 में हम तुम, 2006 में फना, 2007 में नमस्ते लंदन, 2009 में लव आज कल और 2010 में पटियाला हाउस में ऋषि कपूर पिता के रोल में दिखे।  ब्रिटिश फिल्मों Don’t Stop Dreaming (2007) और Sambar Salsa(2008) में भी काम किया था।

2009 में रिलीज़ हुई थी फिल्म ‘चिंटू जी’ जिसमें ऋषि कपूर ने अपना ही किरदार निभाया था।2010 में ऋषि कपूर ने फिल्म ‘दो दुनी चार’ में काम किया जिसमें उनके साथ एक बार फिर उनकी पत्नि नीतू कपूर नज़र आईं थीं। 2012 में ऋषि कपूर धर्मा प्रोडक्शनसकि फिल्म ‘अग्निपथ’ में नज़र आए, जिसमें उन्होने पहली बार नेगेटिव किरदार निभाया था। 

2012 में ऋषि कपूर ने फिल्म ‘हाउसफुल 2’ में काम किया, जिसमें उन्होने पहली बार अपने भाई रणधीर कपूर के साथ स्क्रीनस्पेस शेयर किया था। यश चोपड़ा की आखिरी फिल्म ‘जब तक है जान’ में भी ऋषि कपूर, नीतू कपूर के साथ छोटे से रोल में नज़र आए थे।

2013 में रिलीज़ हुई थी फिल्म ‘बेशरम’। ये फिल्म ऋषि कपूरके लिए बेहद खास थी, क्योंकि इस फिल्म ऋषि कपूर ने अपने बेटे रणबीर कपूर और पत्नि नीतू कपूर के साथ काम किया था। 2018 में ऋषि कपूर ने डायरेक्टर उमेश शुक्ला की फिल्म ‘102 नॉट आउट’ में काम किया, जिसके ज़रिए 27 साल बाद अमिताभ बच्चन और ऋषि कपूर की जोड़ी की वापिसी हुई थी।

46 साल से ज्यादा लंबे फिल्मी सफर में ऋषि कपूर ने कई अवॉर्ड्स अपने नाम किए। जिसमें बेस्ट चाइल्ड एक्टर का नेशनल अवॉर्ड, कई फिल्मफेयर अवॉर्डस भी शामिल हैं।2011 में ‘दो दुनी चार’ के लिए ऋषि कपूर को बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड मिला था, तो 2017 में फिल्म ‘कपूर एंड संस’ के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड मिला था।

2008 वो साल था जब ऋषि कपूर को सिनेमा में उनके यादगार योगदान के लिए फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिला था।लेकिन अब ऋषि कपूर के साथ सिनेमा के उस सुनहरे दौर का अभी अंत हो गया है, जिसे ऋषि कपूर ने अपनी जिंदादिली और बेहतरीन अदाकारी से गुलज़ार किया था।

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