गैंगस्टर, अंडवर्ल्ड और एनकाउंटर Bollywood में हिट फॉर्मूला है, खूब फिल्में बनी हैं

By Neetu July 10, 2020, 5:17 p.m. 1k

नम्रता शर्मा-  गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी और फिर 24 घंटे के भीतर उसका एनकाउंटर । शुक्रवार सुबह आई विकास दुबे के एनकाउंटर की खबर भी अब खूब सुर्खियां बटोर रही है। जिस तरह से विकास की गिरफ्तारी से लेकर उसके एनकाउंटर तक की खबर आई उसने कई सवाल खड़े किए और इसे एक सियासी मुद्दा बना दिया। वहीं एनकाउंटर की ये कहानी काफी फिल्मी भी लग रही है। बॉलीवुड में गैंग्सटर्स और उनके एनकाउंटर पर काफी फिल्में बनीं । सत्या से लेकर गैंग्स ऑफ वासेपुर में अपराध की दुनिया का रंग दिखा। अपराधी गिरफ्तार हुआ और फिर किस तरह पुलिस उसे ठिकाने लगा देती है। ये फिल्मों में खूब दिखा। 

सत्या - 

भारतीय फिल्मों के इतिहास में जब-जब गैंगस्टर फिल्मों की बात होगी तो उसमें राम गोपाल वर्मा की सत्या(Satya) को भी नहीं भूला जाएगा। फिल्म के नाम से ही साबित होता है कि यह सत्या की जिंदगी पर आधारित फिल्म थी जो मुंबई में आता है काम करने के लिए, लेकिन हालात कुछ ऐसे हो जाते हैं कि वह अंडरवर्ल्ड की तरफ खिंचा चला जाता है। यह फिल्म अपने डायलॉग, अपनी एक्टिंग, अपनी सिनेमैटोग्राफी के लिए काफी प्रसिद्ध है। इस फिल्म को मोस्ट इनफ्लुएंशल फिल्मों में से एक माना जाता है। यह फिल्में कमाल का मास्टर पीस है। भीकू म्हात्रे के किरदार में मनोज बाजपाई जबरदस्त तरीके से जचते हैं। आज भी भीकू म्हात्रे का डायलॉग मुंबई का किंग कौन - भीकू म्हात्रे हर किसी के दिल में बसा हुआ है।

शूटआउट एट लोखंडवाला- 

यह फिल्म साल 1991 में लोखंडवाला कंपलेक्स शूटआउट पर आधारित है। यह मुठभेड़ मुंबई पुलिस और गैंगस्टर के बीच हुई थी। यह फिल्म अपने डायलॉग्स के लिए काफी पसंद की गई थी और कहानी के लिए भी इस फिल्म को काफी प्यार मिला था। विवेक ओबरॉय(Vivek Oberoi) का डायलॉग- साला मुंबई पुलिस का ऑफिस ही इतना छोटा है और यहां अपुन अखा मुंबई को अपना ऑफिस बना कर बैठा है काफी पॉपुलर हुआ था  यूं तो फिल्म की हैप्पी एंडिंग होती है लेकिन इस फिल्म का एंड काफी हैरान परेशान कर देने वाला था जिसे रियलिस्टिक अंदाज में शूट किया गया था।

डॉन- 

जब भी डॉन(Don) का जिक्र होता है तो वहीं प्रसिद्ध डायलॉग जहन में आता है कि डॉन को 11 मुल्कों की पुलिस ढूंढ रही है लेकिन डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है। फिल्म अमिताभ बच्चन अहम किरदार में नजर आए थे। अमिताभ बच्चन को डॉन के किरदार में देखना दर्शकों के लिए काफी उत्साह से भरपूर था।

 इस फिल्म में अमिताभ बच्चन डबल रोल में थे फिल्म की कामयाबी का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि हर फिल्म का रीमेक बना शाहरुख खान के साथ और फिर उसका सीक्वल आया और वह भी शाहरुख खान के साथ। फिल्म के डायलॉग, कलाकारों के एक्टिंग सभी दर्शकों का दिल जीता

शूटआउट एट वडाला- 

हुसैन जैदी की किताब डोंगरी टू दुबई पर आधारित फिल्म शूटआउट एट वडाला(Shootout at Vadala) भी ऐसी ही एक कहानी थी जिसमें मुंबई के अंडरवर्ल्ड डॉन की जिंदगी को दिखाया गया था। इस फिल्म में दो अंडरवर्ल्ड डॉन की दुश्मनी के  बारे में भी दिखाया गया था। जॉन अब्राहम का डायलॉग- शरीर में 206 हड्डियां है और संविधान में 1670 कानून, हड्डी से लेकर कानून तक तब तोड़ता हूं काफी पसंद किया गया था।

वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई- 

अजय देवगन, इमरान हाशमी, प्राची देसाई और कंगना रनौत स्टारर वंस अपॉन अ टाइम इन मुंबई में भी गैंगस्टर(Gangster) की कहानी दिखाई गई थी। ये कहानी मुंबई के टॉप अंडर वर्ल्ड डॉन की जिंदगी पर आधारित है। फिल्म में दिखाए गया था कि हाजी मस्तान नाम का डॉन सबको बांट कर मुंबई पर राज करना चाहता है और दाऊद सब कुछ अकेले ही पाना चाहता है। फिल्म के डायलॉग कमाल के हैं। एक डायलॉग जिसमें अजय कहते हैं मेरे जैसे कपड़े पहन कर तू सुल्तान मिर्जा दिख तो सकता है लेकिन बन नहीं सकता है को काफी पसंद किया गया था।

वास्तव- 

संजय दत्त(Sanjay Dutt)की जबरदस्त फिल्मों में शुमार वास्तव भी कुछ ऐसी ही कहानी बयां करती है। ये फिल्म अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन की जिंदगी पर आधारित थी। 1999 में आई फिल्म वास्तव को काफी पसंद किया गया था। फिल्म संजय दत्त ने रघु का किरदार निभाया था। फिल्म के डायलॉग से लेकर संजय दत्त की एक्टिंग ने सभी का दिल जीता था। आपको जानकर हैरानी होगी इस फिल्म को छोटा राजन के भाई ने ही प्रोडयुस किया था।

गैंग्स ऑफ वासेपुर- 

गैंग्स ऑफ वासेपुर की सीरीज में हमें शाहिद खान की अलग-अलग जेनरेशन देखने को मिली। यह दोनों फिल्में परत दर परत इन किरदारों की सच्चाई हमारे सामने लाती गई। पूरी फिल्म में हमें धनबाद कोल माइंस पर कंट्रोल की कॉन्ट्रोवर्सी दिखाई गई। सरदार खान का किरदार मनोज बाजपेई(Manoj Bajpayee) के द्वारा निभाया गया था और यकीन मानिए यह किरदार आप सभी को तालियां बजाने पर मजबूर कर देगा। वैसे तो उम्मीद है कि आप ने ये फिल्म देखी ही होगी लेकिन जो अभी तक इस फिल्म से वंचित है वह इस फिल्म को एक बार जरूर देख सकते हैं।

डी डे - 

ऋषि कपूर और इरफान खान की फिल्म डी डे भी गैंगस्टर की कहानी पर आधारित है। फिल्म में ऋषि कपूर(Rishi Kapoor) ने दाऊद इब्राहिम का किरदार निभाया था। ये एक काल्पनिक कहानी है जिसमें रॉ एजेंट पाकिस्तान में जाकर दाऊद इब्राहिम को पकड़ते हैं। फिल्म में बोला गया ऋषि कपूर का डायलॉग- यह मुल्क मेरी मां है और मुंबई मेरी माशूका को काफी पसंद किया गया था। फिलहाल ऋषि कपूर और इरफान खान दोनों ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन इन दोनों की साथ में यह काफी यादगार फिल्म है।

ब्लैक फ्राईडे - 

हुसैन जैदी की बुक द ट्रू स्टोरी ऑफ मुंबई ब्लास्ट पर आधारित यह फिल्म 1993 में हुए मुंबई बम धमाकों की पूरी प्लानिंग और एग्जीक्यूशन दिखाती है। कैसे टाइगर मेमन अपने ऑफिस के लिए पूरे मुंबई को जला देता है यह सब इस फिल्म में दिखाया गया है। साथ ही कैसे इन बम ब्लास्ट में दाऊद इब्राहिम सम्मिलित होता है यह भी इस फिल्म में दिखाया गया है। गैंगस्टर आधारित कोई फिल्म अगर आप देखना चाहते हैं तो यह फिल्म एक मास्टर पीस है जिसमें सबसे ज्यादा कमाल एडिटिंग और कलाकारों की एक्टिंग का है। पवन मल्होत्रा(Pawan Malhotra) की परफॉर्मेंस आप सभी के रोंगटे खड़े कर देगी।

कंपनी - 

राम गोपाल वर्मा की फिल्म कंपनी डी कंपनी(D Company) पर आधारित है। दाऊद इब्राहिम और छोटा राजन की दोस्ती और दुश्मनी के बारे में इस फिल्म में बताया गया है। फिल्म में मुख्य किरदारों में अजय देवगन और विवेक ओबरॉय नजर आए हैं। फिल्म भी काफी पसंद की जाती है और अगर आप ऐसी ही किसी कहानी का इंतजार कर रहे हैं जिसमें आपको गैंगस्टर ड्रामा देखने को मिले तो आप ही फिल्म देख सकते हैं।

Related Story