हंसाने के साथ-साथ भावुक भी करती है इरफान की फिल्म अंग्रेजी मीडियम !

By Neetu March 13, 2020, 4:58 p.m. 1k

फिल्म - अंग्रेजी मीडियम 

कलाकार - इरफान खान, राधिका मदान, करीना कपूर, दीपक डोबरियाल, डिंपल कपाड़िया

डायरेक्टर-  होमी अदजानिया

रेटिंग्स - 3.5 स्टार  

नीतू कुमार - कैंसर जैसी बीमारी का मुकाबला कर रहे इरफान खान ( Irrfan Khan) एक दिग्गज एक्टर हैं। उनकी एक्टिंग के मुरीद करोड़ों हैं।  फैंस लंबे समय से उनकी फिल्म अंग्रेजी मीडियम ( Angrezi Medium ) का इंतजार कर रहे थे। दर्शको का इंतजार तो पूरा हुआ लेकिन ये फिल्म ऐसे समय पर रिलीज हुई है जब दुनिया भर में कोरोना वायरस ( CoronaVirus ) पैर पसार चुका है। दिल्ली सरकार ने इसे महामारी घोषित करते हुए सिनेमा हॉल्स बंद कर दिए हैं। इसके वाबजूद फिल्म के मेकर्स ने अंग्रेजी मीडियम को रिलीज किया। ऐसे में कोरोना वायरस की मार इस फिल्म पर पड़ सकती है। साल 2017 इरफान की फिल्म हिंदी मीडियम आई थी। यह उनकी हिट फिल्म हिंदी मीडियम की अगली सीरिज है, सीक्वल नहीं है। इरफान खान और दीपक डोबिरियाल ( Deepak Dobriyal ) फिल्म में हैं लेकिन कहानी, किरदार और शहर बदले हुए हैं। फिल्म के डायरेक्टर भी बदल गए है। हिंदी मीडियम का डायरेक्शन साकेत चौधरी ने किया था और अंग्रेजी मीडियम के निर्देशक होमी अदजानिया है। अंग्रेजी मीडियम ( Angrezi Medium Review) बाप बेटी के रिश्ते पर आधारित इमोशल और कॉमेडी फिल्म है। साथ ही फिल्म ये संदेश देती है कि अपने देश भारत में भी अच्छी शिक्षा मिल सकती है। विदेश में पढ़ने की चाह रखने वाले तमाम छात्रों के लिए ये फिल्म है। अंग्रेजी मीडियम में लीड रोल में इरफान और राधिका ही है वहीं करीना कपूर ( Kareena Kapoor ) का भी एक छोटा लेकिन खास रोल है।   

कहानी - चंपक बंसल (इरफान Irrfan) उदयपुर शहर में रहने वाला हलवाई है। उसकी मिठाइयों की खानदानी दुकान है। चंपक हलवाई की अपने परदादा के नाम घसीटेराम हलवाई को अपने दुकान से जोड़कर रखना चाहता है लेकिन उदयपुर में हर कोई इस नाम का इस्तेमाल करना चाहता है। इरफान खान का भाई  गोपी  दीपक डोबरियालभी यही नाम चाहता है और इसी वजह से दोनों भाईयों में बकझक होती रहती है। चंपक बेटी तारिका बंसल ( राधिका मदान Radhika Madan ) उसकी लाड़ली है। तारिका का सपना है कि वो उदयपुर से बाहर निकल कर विदेश में जाकर पढ़ाई करे। तारिका को  स्कूल की तरफ से लंदन की एक यूनिवर्सिटी में जाकर पढ़ने का मौका मिलता है लेकिन चंपक की बेटी राधिका मदान का विदेश जाने का सपना टूटने के कगार पर आ जाता है। इस वजह से बाप-बेटी में भी झगड़े बढ़ जाते हैं। बेटी के सपने को पूरा करने के लिए चंपक लंदन जाने के जुगाड़ लगाता है। इसमें उसका भाई गोपी भी साथ देता है। चंपक बेटी को लेकर किसी तरह लंदन पहुंच जाता है। लंदन में बेटी को पढ़ाना चंपक के लिए आसान नहीं होता। लंदन जाकर कई मुश्किले सामने आती हैं ऊपर से अंग्रेजी भाषा की तंगी। इसी दौरान पुलिस ऑफिसर नैना ( करीना कपूर ) और उसकी मां संपदा कोहली से मुलाकात होती है। कहानी में कई मोड़ भी आते हैं लेकिन क्या चंपक अपनी बेटी का दाखिला ट्रुफोर्ड युनिवर्सिटी में करवा पाता है ये जानने के लिए आप ये फिल्म देखिए।  

हमारी राय - इरफान खान एक मंझे हुए एक्टर हैं, जिस रोल को करते हैं वो लगता है उनके लिए ही लिखा गया हो। अंग्रेजी मीडियम में भी उनकी एक्टिंग शानदार हैं। हलवाई चंपक बंसल के रोल में वो खूब जंचे हैं। दीपक डोबरियाल के साथ इरफान खान की केमिस्ट्री जबरदस्त है। दीपक और इरफान की जुगलबंदी ही इस फिल्म की जान है। वहीं राधिका मदान ने भी अच्छी एक्टिंग की है। करीना कपूर का रोल फिल्म में छोटा लेकिन दिलचस्प है। फिल्म का फर्स्ट हाफ दिलचस्प है लेकिन सेकेंड हाफ खिंची हुई लगती है। सेकेंड हाफ में ढेर सारे किरदारों की एंट्री होती है जिससे फिल्म का लय बिगड़ने लगती है हालांकि सेकेंड हाफ में भी फिल्म में कई सारे कॉमेडी के सीन्स हैं। फिल्म की जान कॉमेडी ही है। निर्देशक होमी अदजानिया ने फिल्म में एक बाप बेटी के रिश्तों को भावुकता के साथ दिखाया है। फिल्म की पटकथा और बेहतर होनी चाहिए थी। अंग्रेजी मीडियम का संगीत भी सामान्य है। इस फिल्म को आप इरफान खान की बेहतरीन एक्टिंग और कॉमेडी के लिए देख सकते हैं। हमारी तरफ से 3.5 स्टार। 

 

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