आज के दिन तानाजी ने जीता था कोंढाणा,अजय ने को किया योद्धा को याद !

By Neetu Feb. 4, 2020, 7:16 p.m. 1k

4 फरवरी 1964 को लड़ा गया था सिंहगढ़ किले का युद्ध। इसी युद्ध पर अजय देवगन ( Ajay Devgan की हालिया रिलीज फिल्म तानाजी ( Tanhaji )बनी है। तानाजी फिल्म खूब हिट रही। अजय देवगन की फिल्म तानाजी का बॉक्स ऑफिस पर जलवा जारी है। ( Tanhaji Box Office ) फिल्म की कमाई रुकने का नाम ले रही है। तानाजी ने बॉक्स ऑफिस पर अब तक 253.72 करोड़ की कमाई कर ली है। अजय देवगन ने तानाजी की शहादत को याद किया है। अजय ने लिखा है कि आज ही के दिन बहादुर योद्धा तानाजी ने कोंढाणा के किले पर कब्जा किया था और इतिहास रचा था। 

 फिल्म तानाजी में अजय देवगन, सैफ अली खान ( Saif Ali Khan) काजोल ( Kajol ) और शरद केलकर मुख्य भूमिका में हैं। तानाजी, छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति थे। उनकी वीरता की कहानियां काफी प्रचलित थी।। 4 फरवरी 1670 में कोण्डाणा किले (सिंहगढ़) को जीतने में तानाजी ने वीरगति पाई थी। कोंढाना किले को जीतने की लड़ाई में जब तानाजी मारे गए, तो शिवाजी महाराज ने कहा था- ‘गढ़ तो आया, पर सिंह चला गया।’  शिवाजी ने उसके बाद कोंडाना का नाम बदल कर सिंहगढ़ कर दिया। 

मराठा शौर्य और वीरता की कहानी है तानाजी द अनसंग वॉरियर Tanhaji The Unsung Warrior । इतिहास के पन्नों में छुपे एक ऐसे योद्धा की शौर्यगाथा जिसके बारे में बहुत लोग नहीं जानते थे। मराठा सूबेदार तानाजी मालुसरे एक ऐसे ही योद्धा थे जिनके बारे में इतिहास में बहुत कम जिक्र मिलता है। तानाजी ( Tanhaji) मालुसुरे शिवाजी के दाहिने हाथ कहलाते थे। 4 फरवरी 1670 को हुआ था सिंहगढ़ का युद्ध। इस युद्ध में मुगलों से तानाजी ने कोंढाना का किला मराठों ने जीता था। 

 यह युद्ध न सिर्फ मुगलों के लिए बल्कि मराठों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण था। यह युद्ध छत्रपति शिवाजी के सेनानायक तानाजी मालुसरे और उदयभान राठौड़ के बीच हुआ था। उदयभान राठौड़ सिंहगढ़ के किले का किलापति था और मुगल सेना के सेनानायक जय सिंह प्रथम के अधीन कार्यरत था। 

लंबी लड़ाई के बाद तानाजी मालुसरे की ढाल टूट गई और लड़ाई में तानाजी और उदयभान दोनों मारे गए। आखिर में मराठों ने बहादुरी का परिचय देते हुए ये युद्ध जारी रखा और अंत में मराठाओं ने इस किले पर फतह हासिल की।

 

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