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Birthday Spl- जब नूतन ने एक बॉलीवुड एक्टर को मारा था थप्पड़

June 4, 2018, 3:21 p.m.

नूतन मधुबाला की तरह ना तो सुंदर थी ना ही वैजंती माला की तरह उनमे लचक थी। नरगिस की तरह अदाएं नहीं थी उनमे और उनमें मीना कुमारी वाला दर्द भी नहीं था लेकिन अपने दौर में वो बॉलीवुड पर राज करती रही क्योंकि वो नूतन थी। नूतन जिस फिल्म में भी होती थी.एक्टिंग के मामले में फिल्म के बाकी स्टार्स उनसे पीछे छूट जाते थे। 1955 में फिल्म सीमा में नूतन के सामने थे बलराज साहनी लेकिन बलराज साहनी जैसे नेचुरल एक्टर को भी नूतन ने दे दी टक्कर। सुजाता, बंदिनी, मैं तुलसी तेरे आंगन की, सीमा, सरस्वती चंद्र, और मिलन जैसी कई फिल्मों में यादगार एक्टिंग की और ढेरों अवॉर्ड्स जीते। 

जमाने से कहीं आगे चलती थी नूतन। अपने नाम की तरह थी नूतन हर नई चीज आजमाने में उन्हें मजा आता था। उस दौर में नूतन मीडिया के लिए एक पहेली हुआ करती थी। कहते है अपने करियर के उफान पर नूतन भावुक, जिद्दी और उलझनों से भरे तीखे तेवर के साथ रही। नूतन की एक्टिंग के आगे उस दौर भी हीरोज नजरअंदाज हो जाते थे, नूतन सबको चौंका देती थी। लोग उनमें कमियां निकालने की कोशिश करते थे लेकिन वो इन सबसे बेपरवाह आगे बढ़ती रही। नूतन अपनी मां की ही तरह बोल्ड और बिंदास थी। मां शोभना समर्थ स्वीमिंग कॉस्टियूम पहनने वाली पहली एक्ट्रेस थी लिहाजा नूतन ने भी अपनी कई फिल्मों में बिकिनी पहनी। 

1958 में आई फिल्म दिल्ली का ठग में नूतन बिकिनी पहनकर स्वीमिंग पुल में छलांग लगाती दिखी.। हमेशा नूतन को कॉटन साड़ी में देखने वाले लोग उनका ये रूप पचा नहीं पाए। और उनकी काफी शिकायत हुई लेकिन यहां भी नूतन बेपरवाह दिखी। उन्होंने अपनी दूसरी फिल्म यादगार में भी पहनी स्वीमिंग कॉस्टयूम।

नूतन अपने जीवन को शांत रखना चाहती थीं। उतार-चढ़ाव आते रहे, पर वे मजबूत बनी रहीं। मीडिया कभी उनके कपड़ों को लेकर पीछे पड़ जाता, कभी उनके गुस्से को लेकर। नूतन अपनी तुनकमिजाजी के लिए भी हो रही थी मशहूर कहते हैं एक बार नूतन किसी बात को लेकर परेशान थीं। संजीव कुमार उन्हें छेड़ते रहे। जब तीन-चार बार समझाने पर भी बाज नहीं आए, तो नूतन ने उन्हें थप्पड़ रसीद कर दिया था। 

बॉलीवुड में नूतन के बहुत ज्यादा दोस्त नहीं रहे। वहीं परिवार वालों से भी उनकी बहुत नहीं बनती थी। अंतिम दिनों में मां शोभना समर्थ को प्रॉपर्टी विवाद में कोर्ट तक भी वे ही ले गई छोटी बहन तनूजा से कई साल बातचीत बंद रही, जबकि भाई चतुर और जयदीप से रूठकर फिर मान गई। 

नूतन के शौक भी अजीब-ओ-गरीब थे। एक ओर गाना और डांस करना पसंद करती थी, तो दूसरी ओर तैराकी और घुड़सवारी थे उनके फेवरे़ट। लिखना, कार ड्राइविंग, बैडमिंटन भी उनके शौक थे। 

नूतन शायद बॉलीवुड की अकेली ऐसी एक्ट्रेस थी जिनके करियर में शादी कभी बाधा नहीं बनी। 11 October 1959, में नूतन ने नेवल ऑफिसर रजनीश बहल से शादी कर ली और उसके बाद उन्होंने अनाड़ी, सुजाता, बंदिनी, छलिया , तेरे घर के सामने , मिलन और खानदान जैसी सुपर हिट फिल्में दी। 

नूतन के बेटे मोहनीश बहल भी फिल्मों में एक्टर बने लेकिन लो अपनी मां की तरह सफल नहीं हो पाए ।