बेस्ट फ्रेंड सुहाना को जन्मदिन पर अनन्या पांडे ने अलग अंदाज में किया विश, कहा- तुम हमेशा मेरा बेबी रहोगी

By Arunima May 22, 2020, 12:55 p.m. 1k

नम्रता शर्मा

बॉलीवुड इंडस्ट्री (Bollywood Industry) में कुछ स्टार्स ऐसे हैं जिनके बच्चों के बीच काफी प्यार और लगाव है। ये स्टारकिड्स(Starkids) एक दूसरे के साथ काफी अच्छा बॉन्ड शेयर करते हैं और वक्त पड़ने पर अपने दोस्तों की हर तरह से मदद के लिए भी आगे आते हैं। ये स्टारकिड्स सभी को दोस्ती का पाठ पढ़ाते हुए भी नजर आते हैं।

इन्हीं में से एक है शाहरुख खान की लाडली सुहाना खान (Suhana Khan) और चंकी पांडे की बेटी अनन्या पांडे(Ananya Pandey) । शाहरुख और चंकी भले ही साथ में कम ही दिखाई देते हो, लेकिन इनकी डार्लिंग डॉटर्स अक्सर एक साथ नजर आती रहती है।

दोनों एक दूसरे के लिए अपने प्यार का इजहार सोशल मीडिया(social media) पर भी करती है। अब देखिए ना आज शाहरुख की लाडली सुहाना अपना 20वां जन्मदिन मना रही हैं। हर तरफ से सुहाना को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं मिल रही हैं। इसी बीच बेस्ट फ्रेंड अनन्या पांडे ने बेहद अलग अंदाज में सुहाना को विश किया। 

अनन्या ने सुहाना के साथ बीच किनारे की एक फोटो अपने इंस्टाग्राम (Instagram) पर शेयर की। इस फोटो के साथ अनन्या ने कैप्शन में लिखा - दो चीजें मैं सबसे ज्यादा मिस कर रही हूं। बाहर घूमना और सुहाना। जन्मदिन की शुभकामनाएं। सुहाना और तुम हमेशा मेरा छोटा बेबी ही रहोगी।

वैसे, अनन्या और सुहाना अक्सर ही ट्रिप्स पर जाती हैं। खूब सारा टाइम स्पेंड करती है और खूब इंजॉय करती है। दोनों अक्सर अपने घूमने फिरने की फोटोस को सोशल मीडिया पर शेयर भी करती रहती हैं। वैल, दोनों की बॉन्डिंग (Bonding) का सबूत देती ये फोटो फैंस को भी काफी पसंद आ रही है। ये दोनों स्टारकिड्स एक साथ एक ही स्कूल में पढ़ी हैं और वहीं से इनकी दोस्ती की शुरुआत हुई थी।

एक बार अनन्या ने बताया था कि स्कूल में होने वाले नाटकों में सुहाना हमेशा लीड रोल में हुआ करती थी और मैं बैकग्राउंड (Background) में।सुहाना की तारीफ करते हुए अनन्या ने बताया था कि वह एक बेहतरीन सिंगर , डांसर और एक्टर है। भले ही अनन्या बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बना चुकी हो और ज्यादातर वक्त शूट में ही बताती हूं लेकिन दोनों की दोस्ती पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ता,जैसे ही टाइम मिलता है दोनों साथ में हैंगआउट करती हैं। 

हाल ही में गौरी खान (Gauri Khan) ने बेटी सुहाना की बेहद खूबसूरत तस्वीरें शेयर की थी जिसमें वह काफी प्यारी लग रही थी। इस पर अनन्या पांडे भी मस्ती मजाक में सुहाना से अपना टॉप मांगती हुई नजर आई थी। वैल,  दोनों ही इंतजार कर रहे हैं लॉक डाउन  खुलने का ताकि दोनों फिर से मस्ती कर सके और बाहर कहीं घूमने जा सके।

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PICS: 39 साल के हुए MAHENDRA SINGH DHONI, गुपचुप रचाई थी साक्षी संग शादी

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By E24 July 7, 2020, 3:38 p.m. 1k

पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आज अपना 39वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे है। उनका जन्म 7 जुलाई 1981 को झारखंड (तब बिहार) के रांची में हुआ था। महेंद्र सिंह धोनी ये नाम क्रिकेट की दुनिया का एक ऐसा नाम है जिसके नाम कई रिकॉर्ड्स हैं। अपने बड़े बालों के साथ बल्लेबाजी करते धोनी, गेंदबाजों के छक्के छुड़ाते माही, विकेट के पीछे से अपने गेंदबाजों को सुझाव देते है। 

झारखंड के रांची से आने वाले धोनी ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाईयां दी। धोनी क्रिकेट के मैदान में जितना धमाल मचाते हैं वहीं पर्सनल लाइफ में वो काफी सुलझे हुए हैं। धोनी के जन्मदिन पर हम आपको इस कपल की लव-स्टोरी बता रहे हैं।

धोनी और साक्षी की मुलाकात बचपन में ही हो गई थी। धोनी और साक्षी के पिता रांची में एक ही कंपनी मेकॉन में काम करते थे। इसीलिए धोनी-साक्षी बचपन से ही एक दूसरे को जानते थे। धोनी और साक्षी रावत तब रांची के डीएवी श्यामली के स्कूल में साथ पढ़ते करा करते थे।

 साक्षी और धोनी के परिवार एक दूसरे को बहुत पहले से जानते थे। कोलकाता की साक्षी सिंह रावत के परिवार का नाता देहरादून से जुड़ा है। हालांकि महेंद्र सिंह धोनी झारखंड के रांची में पैदा हुए पर उनका परिवार अलमोरा जिले से है। 

ऐसे में दोनों का उत्तराखंड कनेक्शन भी है। साक्षी फिर से सीधे ही देरादून चली गईं तो दोनों परिवारों के बीच कोई कनेक्शन ही नहीं बचा, लेकिन वो कहते हैं ना कि किस्मत में जो लिखा हो उसे कौन टाल सकता है। धोनी और साक्षी की मुलाकात अचानक की कोलकाता में हुई। 

 उस वक्त भारत और पाकिस्तान के बीच ईडन गार्डन्स में मैच खेला जा रहा था। जिस होटल में धोनी रुके थे उसी होटल में साक्षी ट्रेनिंग ले रहीं थीं। होटल के मैनेजर युद्धजीत दत्ता ने साक्षी की धोनी से मुलाकात कराई। इसके बाद धोनी ने दत्ता से साक्षी का नंबर मांगा और मैसेज किया। 

पहले साक्षी को लगा कि कोई फिरकी ले रहा है लेकिन बाद में पता चला कि वो धोनी ही है। इसके बाद 2008 में दोंनों ने एक दूसरे को डेट करना शुरू किया। किसी को इनके रिलेशन के बारे में कोई खबर नहीं थी। अचानक ही खबर इनकी सगाई की आ गई। 

4 July 2010 को देहरादून के एक होटल में सारी तैयारियां चुपचाप ही हो गईं थीं। अचानक ही दोनों ने शादी भी कर ली। मीडिया में शादी की कोई खबर तक नहीं पहुंच पाई थी। 

बाद में सबको पता चला कि ये शादी कर चुके हैं। दोनों की शादी में परिवार के साथ सुरेश रैना और जॉन अब्राहम जैसे कुछ नाम ही शामिल हुए। शादी के काफी वक्त 6 जनवरी 2015 को धोनी और साक्षी की बेटी जीवा ने जन्म लिया। धोनी आज वाइफ साक्षी के साथ हैप्पिली मैरिड हैं। 

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47 साल के हुए Kailash Kher, डिप्रेशन में की थी सुसाइड की कोशिश

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By E24 July 7, 2020, midnight 1k

आज कैलाश खेर (Kailash Kher) अपना 47 वां जन्मदिन मना रहे हैं। कैलाश खेर का जन्म कश्मीरी पंडित परिवार में मेरठ (उत्तर-प्रदेश) में हुआ था। कैलाश खेर ने अपनी शुरुआती पढाई दिल्ली से पूरी की है। कैलाश को बचपन से ही गाने का शौक था, जब वह महज बारह वर्ष के थे, तभी से उन्होंने शास्त्रीय संगीत की शिक्षा लेनी आरम्भ कर दी थी, उन्होंने संगीत में अपना करियर बनाने के लिए पाकिस्तानी सूफी गायक नुसरत फतेह अली खान से प्रेरणा मिली। कैलाश खेर की शादी शीतल खेर से सम्पन्न हुई है। 

प्लेबैक सिंगिंग से लेकर अपने म्यूजिक कॉन्सर्ट में कैलाश खेर ने काफी शोहरत कमाई है। लेकिन उन्हें यहां तक पहुंचने के लिए काफी लंबा संघर्ष भी करना पड़ा है। ये सफलता उन्हें यूं ही नहीं मिली है। कैलाश खेर की जिंदगी में एक टाइम ऐसा भी था कि वो डिप्रेशन में आ गए थे और उन्होंने अपनी जान लेने की कोशिश कर ली थी। कैलाश सिंगर बनने से पहले दिल्ली में एक्सपोर्ट का काम किया करते थे। 14 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था। इस दौरान वो ज्योतिष और कर्मकांड सीखने के लिए ऋषिकेश चले गए और फिर खुद का बिजनेस शुरू किया। 

इस सब कामों में जब कैलाश खेर को सफलता नहीं मिली तो वो डिप्रेशन में आ गए। और ये डिप्रेशन इतना बढ़ गया कि उन्होंने एक दिन नदी में छलांग तक लगा दी थी। लेकिन उनके दोस्तों ने उन्हें डूबने से बचा लिया। कैलाश खेर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि बिजनेस में भारी नुकसान और सपनों के शहर जाने के बाद संयोग से गायक बन गए। उन्होंने बताया कि आज उन्हें जो कुछ भी मिला है उसमें मुंबई में रह रहे उनके एक दोस्त और भगवान ने मदद की है। मेरा गाना 'अल्लाह के बंदे... ' हिट होने के बाद मेरी लाइफ में बहुत कुछ बदल गया। कैलाश खेर ने 4 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था। 

घर छोड़कर आ जाने के बाद आर्थिक तंगी से गुजर रहे कैलाश खेर ने बच्चों को संगीत का ट्यूशन देना शुरू कर दिया। हर बच्चे से वो 150 रुपये फीस लेते थे और इसी से अपना खर्चा चलाते थे। साल 2001 में कैलाश मुंबई आ गए और वहां गुजारा करने लगे। लेकिन हालात ऐसे खराब थे कि स्टूडियो जाने तक के लिए उनके पास पैसे नहीं होते थे। 

लेकिन उनके अंधेरे जीवन में उजाला म्यूजिक डायरेक्टर राम सम्पत से मिलने के बाद आया। उन्होंने कैलाश को एड जिंगल्स गाने का मौका दिया। कैलाश ने पेप्सी से लेकर कोका कोला जैसे बड़े ब्रान्ड्स के लिए जिंगल्स गाए। 

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35 साल के हुए Ranveer Singh,जब डायरेक्टर्स के नंबर चुराकर ये काम करते थे एक्टर

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By E24 July 5, 2020, 11:50 p.m. 1k

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह (Ranveer Singh) आज अपना 35वां जन्मदिन मना रहे हैं। रणवीर सिंह का जन्‍म 6 जुलाई 1985 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता का नाम जगजीत सिंह भवनानी और मां का नाम अंजू भवनानी है। उनकी एक बड़ी बहन भी हैं जिनका नाम रीतिका भवनानी है। 

रणवीर सिंह की पढ़ाई एच आर. कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्‍स, मुंबई से हुई है इसके अलावा उन्‍होंने अमेरिका की इंडियाना विश्‍वविद्यालय, से कला में स्‍नातक की डिग्री भी प्राप्‍त की है। बहुत लंबी चली प्रेम कहानी के बाद साल 2018 में रणवीर सिंह ने अपनी प्रेमिका और बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण से इटली के लेक कोम्‍बो में शादी की है। 

रणवीर साल 2012 में आई अपनी फिल्‍म गोलियों की रासलीला रामलीला की शूटिंग के दौरान दीपिका को अपना दिल दे बैठे थे। 6 साल की लंबी प्रेम कहानी के दौरान दोनों ने कई बार एक दूसरे से खुल कर प्‍यार का इजहार किया था।

रणवीर आज बॉलीवुड के टॉप एक्टर्स में से एक हैं। लेकिन इतना आसान नहीं था रणवीर के लिए ये सब। इसके लिए उन्होंने बहुत स्ट्रगल किया है। रणवीर ने अपना बॉलीवुड करियर फिल्म 'बैंड बाजा बारात' से शुरू किया था। बता दें कि रणवीर सिंह का पूरा नाम रणवीर सिंह भवनानी है। 

बॉलीवुड में आने के बाद उन्होंने अपना सरनेम भवनानी हटा दिया था। इतना ही नहीं रणवीर अपना नाम भी बदलना चाहते थे क्योंकि उनका नाम रणबीर कपूर की तरह साउंड करता है लेकिन बाद में उन्होंने अपना ये फैसला बदल लिया था। रणवीर ने जब थिएटर ज्वाइन किया था तब उनको अपने क्राफ्ट के लिए सेट में चाय समोसा तक लाना पड़ता था। लेकिन रणवीर को कभी कुर्सी ठीक करने से ज्यादा मौका नहीं मिल पाया फिर भी रणवीर ने हार नहीं मानी।

रणवीर ने एक बार बताया था कि कितनी बार मेहनत से बनाए गए उनके पोर्टफोलियो को डायरेक्टर-प्रोड्यूसर उसे कचरे के डिब्बे में डाल देते थे। काम पाने के लिए रणवीर ने कई बार रेस्टोरेंट और नाइट क्लब्स में फिल्ममेकर्स का पीछा करते थे। उन्होंने बताया कि कई बार तो काम पाने के लिए दूसरों के फोन से डायरेक्टर्स के नंबर चुराया करता था। नंबर पर रोजाना मैसेज डालते थे कि वो काम पाना चाहते हैं। 

अपने पहले ब्रेक के बारे में बात करते हुए रणवीर ने बताया था कि तकरीबन 8-10 महीने के बाद उन्हें शानू की कॉल आई और उन्होंने कहा कि यशराज फिल्म्स एक नए लड़के की तलाश में हैं। वो फिर ऑडिशन के लिए गए और उन्होंने अपना 100 फीसदी दिया, जिसके बाद उन्हें फिल्म 'बैंड बाजा बारात' में काम करने का मौका मिला। लेकिन इस पर भी उन्हें यकीन नहीं हो रहा था क्योंकि उस फिल्म में अनुष्का शर्मा थीं जो पहले से स्टार बन चुकीं थी।

रणवीर ने एक बार कहा था, 'जब आदित्य ने कहा कि हम तुम्हें बैंड बाजा बारात में कास्ट कर रहे हैं। सच कहूं तो उस टाइम मैं जमीन पर बैठकर रो पड़ा। यशराज बैनर ने मुझे मौका दिया। वो फिल्म सफल साबित हुई।'

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Flashback - बॉलीवुड की इस एक्ट्रेस ने बहुत दुख देखें, निधन के बाद ठेले पर ले जाया गया था श्मशान

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By E24 July 5, 2020, 11:14 a.m. 1k

सुनील दत्त (Sunil Dutt ) की फिल्म हमराज (Humraaz ) से बॉलीवुड ( Bollywood )में एक बेहद खूबसूरत एक्ट्रेस लॉन्च हुई थी। नाम था विमी। विमी ( Vimi ) उन हीरोइनों में से एक थीं जो अपनी  खूबसूरती और अदाओं के लिए मशहूर हुईं। विमी एक आजाद ख्याल महिला थी जो एक पंजाबी परिवार से थी। अपने परिवार के मर्जी के खिलाफ़ इन्होने कलकत्ता के एक मारवाड़ी व्यवसायी शिव अग्रवाल से शादी की थी। विमी का एक बेटा और बेटी भी थी लेकिन इससे उनके फिल्मी करियर पर कोई फर्क नहीं पड़ा। संगीतकार रवि ने विमी को मुंबई लाकर बी आर चोपड़ा से मिलाया और यही से शुरू हुआ उनका फ़िल्मी सफ़र । पहली ही फिल्म 'हमराज' से वो रातोंरात स्टार बन गईं। देखते ही देखते उनके पास फिल्मों की लाइन लग गई और सभी हिट रहीं। अब तो निर्माता-निर्देशक विमी को अपनी फिल्मों में लेने के लिए उनके घर के चक्कर तक काटने लगे

उन्होंने हमराज के बाद वचन, पतंगा और आबरू जैसी बेहतरीन फ़िल्मों में काम किया । बावजूद इसके उनका करियर परवान नहीं चढ़ा। अपने करियर आगे बढ़ाने के लिए वो एक्सपोज करने तक को तैयार हो गईं थीं। इससे उनके पति नाराज होकर उनसे अलग हो गए। 

इसके बाद  विमी जॉली नाम के प्रोड्युसर के साथ रहने लगी। विमी का ये रिश्ता भी नाकाम रहा।  तनाव और तंगहाली ने विमी को शराब का लती बना दिया और जॉली ने भी उनका साथ छोड़ दिया। काम ना मिलने की वजह से विम्मी की आर्थिक हालत बद से बदतर होने लगी।

 

कभी महंगी गाड़ियों में घूमने वाली और फिल्मों के जरिए मोटी कमाई करनेवाली विमी की आर्थिक हालत इतनी बिगड़ गई थी कि उन्हें अपना बंगला तक छोड़ना पड़ा। कहा तो ये भी जाता है कि विम्मी ने खुद को वेश्यावृति के हवाले कर दिया था और इससे उनका बचा करियर भी बर्बाद हो गया। 

गुमनामी और बदहाली के दौर से गुजर रही विमी  की जिंदगी के आखिरी दिन नानावटी अस्पताल में गुजरे और आर्थिक तंगी के आगे बेबस होकर विम्मी की सांसों ने भी उनका साथ छोड़ दिया। विमी इस कदर गुमनामी में चली गईं थीं कि कोई उनकी खोज खबर लेने वाला नहीं था।

22 अगस्त 1977 को विमी का निधन हो गया था। 40 साल पहले आज ही के दिन विमी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था।  आखिरी दिनों में उनके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि उनकी शव यात्रा निकाली जाए और उनकी लाश को एक ठेले पर डालकर ले जाना पड़ा था। उनकी अंतिम यात्रा में बस चार-पांच लोग ही थे।

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