क्या धर्मेन्द्र ने हेमा मालिनी से शादी के लिए अपना धर्म बदला था !

By Neetu May 2, 2020, 3:51 p.m. 1k

धर्मेन्द्र ( Dharmendra ) हेमा मालिनी ( Hema Malini) हिंदी सिनेमा की  मशहूर जोड़ी रहे हैं। दोनों ने करीब 16 फिल्मों में साथ काम किया।  2 मई 1979 को इस जोड़ी ने शादी रचाई थी। दोनों अपनी शादी की 40वीं सालगिरह मना रहे हैं।( Dharam Hema Marriage Anniversary )  बेटी ईशा देओल ने तस्वीर शेयर कर दोनों को शादी की सालगिरह की बधाई दी है। 

धर्मेन्द्र हेमा के प्यार ( Dharmendra Hema Love Story) की शुरूआत फिल्म 'आसमान महल' के प्रीमियर पर हुई थी ।  इस फिल्म के प्रीमियर पर धर्मेन्द्र ने पहली बार हेमा को देखा था और पहली ही मुलाकात में हेमा पर फिदा हो गए थे । थिएटर के अंदर जब धर्मेन्द्र घुसे तो कॉर्नर वाली सीट पर ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी बैठी हुई थी। हेमा को देखने के बाद अपने खास दोस्त शशि कपूर से धरम पाजी ने कहा था ,''यार ये कुड़ी वाकई चंगी दिखती है।'' तब धर्मेन्द्र ने समझा था साउथ इंडियन हेमा उनकी ये बात नहीं समझ पाएगी। लेकिन हेमा मालिनी पंजाबी में कही धर्मेन्द्र की पूरी बात समझ गई । धरम पाजी अगर हेमा पर फिदा थे तो हेमा का भी वहीं हाल था। उस दौर के हैंडसम हंक धर्मेन्द्र के बारे में उन्होंने बहुत सुन रखा था....मन ही मन वो भी धर्मेन्द्र को बहुत पसंद करती थी। साऊथ से बॉलीवुड में आई हेमा की चाहत थी कि वो धर्मेन्द्र के साथ फिल्मों में काम करे....और जल्द ही उन्हें एक नहीं चार चार फिल्में मिल गई। संयोग से इसी साल हेमा मालिनी ने धर्मेन्द्र के साथ 4 फिल्में साइन कीं ।

हेमा और धर्मेन्द्र की पहली फिल्म थी शराफत और इसी फिल्म के सेट पर साउथ इंडियन ब्यूटी हेमा और पंजाब के पुत्तर धर्मेन्द्र का प्यार परवान चढ़ा। हालांकि ये फिल्म फ्लॉप हो गई थी लेकिन इनकी लव स्टोरी रफ्तार पकड़ चुकी थी । 1971 में आई राजा जानी में धर्मेन्द्र और हेमा की जोड़ी सुपर हिट रही 1972 में धर्मेन्द्र को सीता और गीता का ऑफर मिला। डायरेक्टर रमेश सिप्पी ने सीता और गीता की कहानी हेमा मालिनी को नजर में रखकर लिखी थी। फिल्म हीरोइन ओरिएंटेड थी, लेकिन धर्मेन्द्र ने सिर्फ हेमा मालिनी की वजह से हीरो की भूमिका कुबूल कर ली।

 शोले की शूटिंग के दौरान धर्मेन्द्र को हेमा के दूर चले जाने का डर सताता था। इसकी वजह थे जितेन्द्र । जी हां, कहा जाता है कि संजीव कुमार ने अपने दिल की बात हेमा तक पंहुचाने का जिम्मा करीबी दोस्त जितेन्द्र को दिया था। लेकिन जितेन्द्र ने वो संदेशा नहीं पहुंचाया । बल्कि इस बहाने खुद जितेन्द्र को हेमा के करीब जाने का मौका मिल गया। हेमा जितेन्द्र को पसंद भी करती थीं। ऐसे में धर्मेन्द्र अपनी हीरोइन को हासिल करने का कोई चांस नहीं छोड़ना चाहते थे । 

हेमा संग धर्मेन्द्र की शरारतों से प्रेरित होकर डाइरेक्टर रमेश सिप्पी ने बसंती को बंदूक सिखाने का सीन फिल्म में डाला था । सेट पर धर्मेन्द्र हेमा को शॉट के अलावा भी बसंती कहकर छेड़ते थे । उनकी दीवानगी का पता फिल्म की पूरी यूनिट को था ।

 कहा जाता है हेमा के साथ वाले सीन में धर्मेन्द्र रीटेक कराते थे, ताकि उन्हें हेमा के साथ रहने का मौका मिले । सीन में गड़बड़ी करने के लिए धर्मेन्द्र लाइटमैन्स को 2-2 सौ रुपये भी देते थे । सीन के जितने रीटेक होते, लाइटिंग टीम को उतने ही ज्यादा पैसे देते धर्मेन्द्र ।

 हेमा मालिनी का दिल जीतने की कोशिश में धर्मेन्द्र के लिए वरदान साबित हुई आउटडोर शूटिंग । इस दौरान धर्मेन्द्र की मुहब्बत के सबसे बड़े राजदार हुआ करते थे अमिताभ बच्चन । अमिताभ को जय का रोल धर्मेन्द्र ने ही दिलवाया था ।

 रामनगर में शोले की शूटिंग के दौरान धर्मेन्द्र और हेमा की मुहब्बत की चर्चा बंगलोर से लेकर बंबई तक फैली । लेकिन धर्मेन्द्र तो अबतक हेमा को प्रपोज भी नहीं कर पाए थे । शादी शुदा होने की वजह से धर्मेन्द्र के लिए ये आसान भी नहीं था । कहा जाता है इसी बैचैनी में धर्मेन्द्र रात में ज्यादा शराब पी लेते। एक बार तो शूटिंग के बाद धर्मेन्द्र ने इतनी शराब पी ली, कि उन्हें होश ही नहीं रहा । वो नशे की हालत में सेट से काफी दूर चले गए । पूरी यूनिट रात भर परेशान रही, सुबह धर्मेन्द्र एक पहाड़ी पर सोते हुए मिले । 

शोले की रिलीज के बाद धर्मेन्द्र और हेमा मालिनी की शादी की अटकलें जोर पकड़ने लगीं. अखबारों में हर रोज छपने वाली ऐसी खबरों से हेमा के मां-बाप परेशान थे । इसी बीच उन्होंने हेमा मालिनी की शादी के लिए फिल्म इंडस्ट्री से बाहर लड़का देखना शुरु कर दिया । ये सिलसिला कई महीनों तक चलता रहा । एक दिन तो हेमा ने बगावत ही कर दी । हेमा कभी अपने मां-बाप की इच्छा के खिलाफ नहीं गईं । लेकिन एक रात शूटिंग से लौटने पर मां ने देरी की वजह पूछी, तो हेमा ने नाराज होकर कह दिया- मां, अगर ऐसे ही चलता रहा, तो मैं फिल्मों में काम नहीं करूंगी । 

हेमा मालिनी के परिवार को सिर्फ धर्मेन्द्र की शादी शुदा होने पर आपत्ति थी । वर्ना हेमा के पिता तो जब भी सेट पर जाते, धर्मेन्द्र से बड़ी गर्मजोशी से मिलते । लेकिन उनके रहते हेमा को धर्मेन्द्र से मिलने की इजाजत नहीं थी । चरस फिल्म के दौरान जब हेमा को आउटडोर शूटिंग के लिए जाना पड़ा, तो उनके पिता भी साथ हो लिए. उस दौर में हीरो और हीरोइन एक ही कार में जाते थे । लेकिन हेमा के पिता नहीं चाहते थे धर्मेन्द्र हेमा के साथ बैठे. हेमा के साथ वो पहले ही पिछली सीट पर बैठ जाते. लेकिन धर्मेन्द्र भी कम नहीं थे. वो हमेशा हेमा की साइड वाला गेट खोलकर हेमा के साथ बैठ जाते ।

इस लाजवाब तरीके पर हेमा के पिता कुछ नहीं बोल पाते थे । धर्मेन्द्र से शादी की बात पर अपने मां और बाप को खिलाफ देखकर हेमा ने खुद भी कई बार धर्मेन्द्र से दूर रहने कोशिश की । लेकिन ऐसा कर नहीं पाईं. अपनी बायोग्राफी में हेमा भी ये बात कुबूल करती हैं कि उन्होंने ये सोचकर धर्मेन्द्र से प्यार नहीं किया, कि शादी शुदा शख्स के साथ रिश्ते का अंजाम क्या होगा. वो जब भी अपने सपनों के राजकुमार के बारे में सोचती उसका अक्स धर्मेन्द्र जैसा ही उभरता । धर्मेन्द्र के बारे में लोग कहते थे वो महिलाओं से फ्लर्ट करते हैं, लेकिन हेमा के साथ ऐसा नहीं था। हेमा जानती थी धर्मेन्द्र की मुहब्बत सच्ची है । मुहब्बत के सुर्खियों के बीच धर्मेन्द्र और हेमा की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी की गारंटी साबित हो रही थीं । चरस से लेकर 1977 में ड्रीम गर्ल तक धर्मेन्द्र और हेमा मालिनी की जोड़ी सुपरहिट रही । इसी दौरान हुई एक घटना में हेमा के पिता की सीढ़ियों से गिरने से मौत हो गई । मुसीबत के इस दौर में धर्मेन्द्र हेमा के परिवार के लिए सबसे बड़े मददगार साबित हुए ।

2 मई 1980, फिल्म इंडस्ट्री में बहुत कम लोगों को पता था कि उस रात हेमा के जुहू बंगले पर क्या होने वाला है। कुछ गिने चुने दोस्तों और करीबी रिश्तेदारों के बीच धर्मेन्द्र हेमा के साथ शादी के बंधन में बंध गए । दोनों की शादी अयंगर रीति रिवाजों से हुई । धर्मेन्द्र और हेमा ने इस शादी की बात कई हफ्तों बाद कुबूल की । इसमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाली जो बात थी, वो ये कि इसमें धर्मेन्द्र के पिता  भी शामिल हुए । धर्मेन्द्र की शादी को लेकर उस दौर में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं । कुछ अखबारों में ये रिपोर्ट्स थीं, कि हेमा से शादी के लिए धर्मेन्द्र ने इस्लाम कुबूल कर अपना नाम दिलावर खान रख लिया था । ऐसा इसलिए ताकि पहली पत्नी को तलाक दिए बिना दूसरी शादी हिंदू विवाह कानून के तहत अपराध न साबित हो ।

लेकिन धर्मेन्द्र और हेमा दोनों ने ही ऐसी खबरों का खंडन किया । उनकी शादी हिंदू रीति रिवाजों के साथ हुई थी और इसका सबूत है दोनों की ये तस्वीर..

80 के दशक में हेमा पर धर्मेन्द्र का बसा बसाया घर तोड़ने का भी आरोप लगा । ऐसी बातों से धर्मेन्द्र का गुस्सा सातवें आसमान पर होता । धर्मेन्द्र के हाथों उस दौर में कई पत्रकारों के पिटने की खबरें भी सुर्खियों में आईं । लेकिन सार्वजनिक तौर पर धर्मेन्द्र के परिवार की तरफ से विरोध का कोई सुर नहीं सुनाई दिया । कहा जाता है इस समझौते में धर्मेन्द्र के मां-बाप ने बड़ी भूमिका निभाई । वर्ना पहली पत्नी की एक शिकायत पर जेल तक जा सकते थे धर्मेन्द । शादी के बाद हेमा धर्मेन्द्र के बंगले में तो नहीं गईं ।

उनका बंगला भी जुहू में धर्मेन्द्र के बंगले से कुछ ही दूरी पर था, दोनों परिवारों का एक दूसरे के घर आना जाना आज भी नहीं । लेकिन धर्मेन्द्र दोनों ही बंगलों अपनी मौजूदगी बराबर बनाए रखते । धर्मेन्द्र और हेमा जानते थे, उनकी जिंदगी शादी के बाद एक आम पति-पत्नी की जैसी नहीं रहेगी । लेकिन दुनिया आज भी दाद देती है दोनों परिवारों के बीच अंडरस्टैंडिग की । खासतौर पर धर्मेन्द्र ने जिस तरह दोनों परिवारों में अपनी जिम्मेदारी निभाई । हेमा से शादी के बाद धर्मेन्द्र ने अपने बड़े बेटे सन्नी देयोल को फिल्म बेताब के जरिए लॉन्च करने की तैयारी शुरु कर दी ।

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PICS: 39 साल के हुए MAHENDRA SINGH DHONI, गुपचुप रचाई थी साक्षी संग शादी

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By E24 July 7, 2020, 3:38 p.m. 1k

पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आज अपना 39वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे है। उनका जन्म 7 जुलाई 1981 को झारखंड (तब बिहार) के रांची में हुआ था। महेंद्र सिंह धोनी ये नाम क्रिकेट की दुनिया का एक ऐसा नाम है जिसके नाम कई रिकॉर्ड्स हैं। अपने बड़े बालों के साथ बल्लेबाजी करते धोनी, गेंदबाजों के छक्के छुड़ाते माही, विकेट के पीछे से अपने गेंदबाजों को सुझाव देते है। 

झारखंड के रांची से आने वाले धोनी ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाईयां दी। धोनी क्रिकेट के मैदान में जितना धमाल मचाते हैं वहीं पर्सनल लाइफ में वो काफी सुलझे हुए हैं। धोनी के जन्मदिन पर हम आपको इस कपल की लव-स्टोरी बता रहे हैं।

धोनी और साक्षी की मुलाकात बचपन में ही हो गई थी। धोनी और साक्षी के पिता रांची में एक ही कंपनी मेकॉन में काम करते थे। इसीलिए धोनी-साक्षी बचपन से ही एक दूसरे को जानते थे। धोनी और साक्षी रावत तब रांची के डीएवी श्यामली के स्कूल में साथ पढ़ते करा करते थे।

 साक्षी और धोनी के परिवार एक दूसरे को बहुत पहले से जानते थे। कोलकाता की साक्षी सिंह रावत के परिवार का नाता देहरादून से जुड़ा है। हालांकि महेंद्र सिंह धोनी झारखंड के रांची में पैदा हुए पर उनका परिवार अलमोरा जिले से है। 

ऐसे में दोनों का उत्तराखंड कनेक्शन भी है। साक्षी फिर से सीधे ही देरादून चली गईं तो दोनों परिवारों के बीच कोई कनेक्शन ही नहीं बचा, लेकिन वो कहते हैं ना कि किस्मत में जो लिखा हो उसे कौन टाल सकता है। धोनी और साक्षी की मुलाकात अचानक की कोलकाता में हुई। 

 उस वक्त भारत और पाकिस्तान के बीच ईडन गार्डन्स में मैच खेला जा रहा था। जिस होटल में धोनी रुके थे उसी होटल में साक्षी ट्रेनिंग ले रहीं थीं। होटल के मैनेजर युद्धजीत दत्ता ने साक्षी की धोनी से मुलाकात कराई। इसके बाद धोनी ने दत्ता से साक्षी का नंबर मांगा और मैसेज किया। 

पहले साक्षी को लगा कि कोई फिरकी ले रहा है लेकिन बाद में पता चला कि वो धोनी ही है। इसके बाद 2008 में दोंनों ने एक दूसरे को डेट करना शुरू किया। किसी को इनके रिलेशन के बारे में कोई खबर नहीं थी। अचानक ही खबर इनकी सगाई की आ गई। 

4 July 2010 को देहरादून के एक होटल में सारी तैयारियां चुपचाप ही हो गईं थीं। अचानक ही दोनों ने शादी भी कर ली। मीडिया में शादी की कोई खबर तक नहीं पहुंच पाई थी। 

बाद में सबको पता चला कि ये शादी कर चुके हैं। दोनों की शादी में परिवार के साथ सुरेश रैना और जॉन अब्राहम जैसे कुछ नाम ही शामिल हुए। शादी के काफी वक्त 6 जनवरी 2015 को धोनी और साक्षी की बेटी जीवा ने जन्म लिया। धोनी आज वाइफ साक्षी के साथ हैप्पिली मैरिड हैं। 

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Flashback - बॉलीवुड की इस एक्ट्रेस ने बहुत दुख देखें, निधन के बाद ठेले पर ले जाया गया था श्मशान

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By E24 July 5, 2020, 11:14 a.m. 1k

सुनील दत्त (Sunil Dutt ) की फिल्म हमराज (Humraaz ) से बॉलीवुड ( Bollywood )में एक बेहद खूबसूरत एक्ट्रेस लॉन्च हुई थी। नाम था विमी। विमी ( Vimi ) उन हीरोइनों में से एक थीं जो अपनी  खूबसूरती और अदाओं के लिए मशहूर हुईं। विमी एक आजाद ख्याल महिला थी जो एक पंजाबी परिवार से थी। अपने परिवार के मर्जी के खिलाफ़ इन्होने कलकत्ता के एक मारवाड़ी व्यवसायी शिव अग्रवाल से शादी की थी। विमी का एक बेटा और बेटी भी थी लेकिन इससे उनके फिल्मी करियर पर कोई फर्क नहीं पड़ा। संगीतकार रवि ने विमी को मुंबई लाकर बी आर चोपड़ा से मिलाया और यही से शुरू हुआ उनका फ़िल्मी सफ़र । पहली ही फिल्म 'हमराज' से वो रातोंरात स्टार बन गईं। देखते ही देखते उनके पास फिल्मों की लाइन लग गई और सभी हिट रहीं। अब तो निर्माता-निर्देशक विमी को अपनी फिल्मों में लेने के लिए उनके घर के चक्कर तक काटने लगे

उन्होंने हमराज के बाद वचन, पतंगा और आबरू जैसी बेहतरीन फ़िल्मों में काम किया । बावजूद इसके उनका करियर परवान नहीं चढ़ा। अपने करियर आगे बढ़ाने के लिए वो एक्सपोज करने तक को तैयार हो गईं थीं। इससे उनके पति नाराज होकर उनसे अलग हो गए। 

इसके बाद  विमी जॉली नाम के प्रोड्युसर के साथ रहने लगी। विमी का ये रिश्ता भी नाकाम रहा।  तनाव और तंगहाली ने विमी को शराब का लती बना दिया और जॉली ने भी उनका साथ छोड़ दिया। काम ना मिलने की वजह से विम्मी की आर्थिक हालत बद से बदतर होने लगी।

 

कभी महंगी गाड़ियों में घूमने वाली और फिल्मों के जरिए मोटी कमाई करनेवाली विमी की आर्थिक हालत इतनी बिगड़ गई थी कि उन्हें अपना बंगला तक छोड़ना पड़ा। कहा तो ये भी जाता है कि विम्मी ने खुद को वेश्यावृति के हवाले कर दिया था और इससे उनका बचा करियर भी बर्बाद हो गया। 

गुमनामी और बदहाली के दौर से गुजर रही विमी  की जिंदगी के आखिरी दिन नानावटी अस्पताल में गुजरे और आर्थिक तंगी के आगे बेबस होकर विम्मी की सांसों ने भी उनका साथ छोड़ दिया। विमी इस कदर गुमनामी में चली गईं थीं कि कोई उनकी खोज खबर लेने वाला नहीं था।

22 अगस्त 1977 को विमी का निधन हो गया था। 40 साल पहले आज ही के दिन विमी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था।  आखिरी दिनों में उनके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि उनकी शव यात्रा निकाली जाए और उनकी लाश को एक ठेले पर डालकर ले जाना पड़ा था। उनकी अंतिम यात्रा में बस चार-पांच लोग ही थे।

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टीवी की वो 7 एक्ट्रेसेस जो अब गुमनाम हैं, कहीं नजर नहीं आती !

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By E24 July 5, 2020, 11:08 a.m. 1k

पूजा राजपूत –छोटे पर्दे पर हमेशा टीवी एक्ट्रेसेस का दबदबा रहा है। नयारा, प्रज्ञा, प्रीतो, इशिता, महर, गुड्डन ये वो बहुएं ऑडिएंस के दिलों पर कई साल से राज कर रही हैं। लेकिन कुछ चेहरें ऐसे भी हैं, जो अपनी खास पहचान बनाने के बाद भी आज सीरियल्स की दुनिया से गायब हैं। जिनके बारे में आज हम बात करेंगे-

राजश्री ठाकुर (Rajshree Thakur)-

सांवली रंगत वाली राजश्री ठाकुर को उनके रंग-रूप की वजह से ही टीवी पर खास पहचान मिली थी। 2005 में आए ज़ीटीवी के सीरियल ‘सात फेरे’ में राजश्री ने सलोनी का किरदार निभाया था, जिसे हमेशा अपनी रंगत की वजह से समाज की उपेक्षा का सामना करना पड़ता था। सलोनी के रोल में राजश्री ने जान डाल दी थी। उनकी एक्टिंग का हर कोई फैन था। 

लेकिन सात फेरे के बाद राजश्री ठाकुर भी पर्दे से लम्बे वक्त तक गायब रहीं। आखिरी बार राजश्री को 2013 में आए सीरियल धरती का वीर योद्धा- महाराणा प्रताप में देखा गया था। शो के खत्म होने के बाद से ही राजश्री एक बार फिर सीरियल्स की दुनिया से दूर हैं।

नौशीन अली सरदार (Nausheen Ali Sardar)-

सोनी टीवी का बेहद पॉपुलर सीरियल था ‘कुसुम’ । जिसमें लीड किरदार एक्ट्रेस नौशीन अली सरदार ने निभाया था। एकता कपूर का ये सीरियल सुपरहिट रहा था। ‘कुसुम’ के किरदार में नौशीन को काफी पसंद किया गया। नौशीन को कुसुम के नाम से ही पहचाना जाने लगा। हांलाकि इसके बाद नौशीन पर्दे से गायब हो गई। 

कुछ सीरियल्स में नौशीन गेस्ट अपीरिएंस में भी नज़र आईं, लेकिन उन्हें कुसुम वाली सक्सेस दोबारा नहीं मिल पाई। पिछले साल नौशीन ऑल्ट बालाजी की वेब सीरिज़ क्लास ऑफ 2020 में दिखी थीं। लेकिन कोई भी अपनी फेवरेट ‘कुसुम’ को पहचान नहीं पाया था।

श्वेता क्वात्रा (Shweta Kawatra) – 

सीरियल ‘कहानी घर-घर की’ की पल्लवी अग्रवाल तो आपको याद होगी ही।, पार्वती अग्रवाल की देवरानी पल्लवी अग्रवाल के किरदार में नज़र आईं थीं एक्ट्रेस श्वेता क्वात्रा। ‘कहानी घर-घर की’ के बाद श्वेता ने कुसुम, कृष्णा अर्जुन, C.I.D. , जस्सी जैसी कोई नहीं सीरियल्स में काम किया। 

श्वेता लम्बे वक्त से सीरियल्स की दुनिया से गायब हैं। आपको बता दें कि श्वेता ने टीवी एक्टर मानव गोहिल से शादी की है। दोनों की एक बेटी भी है।

पूनम नरुला (Poonam Narula) –

90 के दशक में सोनी टीवी पर बेहद पॉपुलर शो आया था जिसका नाम था ‘कन्यादान’। शो में किरण खेर, जयती भाटिया के अलावा मुख्य भूमिका में नज़र आई थी एक्ट्रेस पूनम नरूला। एकता कपूर के सीरियल कसौटी जिंदगी की की में भी पूनम ने निवेदिता बासू का रोल प्ले किया था। पूनम इंडस्ट्री के पॉपुलर चेहरों में से एक थीं। लेकिन 2010 के बाद से पूनम को किसी भी सीरियल में देखा नहीं गया।

शिखा स्वरूप (Shikha Swaroop) –

90 के दशक के शुरुआती दौर में शिखा स्वरूप ने फिल्मों की दुनिया से सीरियल्स की दुनिया का रुख किया था। आज भी हर कोई उन्हें चन्द्रकांता के तौर पर जानता है। शिखा को आखिरी बार 2012 में ज़ीटीवी पर प्रसारित हुए सीरियल रामायण-सबके जीवन का आधार में कैकेयी के रोल में देखा गया था।

भैरवी रायचूरा (Bhairavi Raichura) –

बालिका वधू में भैरवी रायचूरा ने आनंदी की मां का रोल निभाया था। भैरवी ने अपने करियर की शुरुआत कॉमेडी शो हम पांच से की थी। हम पांच में भैरवी काजल भाई के रोल में दिखी थीं। इसके बाद बाद भैरवी ने कई सीरियल्स में काम किया, लेकिन भैरवी को आंनदी की मां के रोल भागवती सिंह के रोल में दर्शकों का खूब प्यार मिला। लम्बे वक्त से भैरवी भी गुमनामी की जिंदगी जी रही हैं।

शेफाली शर्मा(Shefali Sharma) –

कलर्स के हिट सीरियल बानी-इश्क दा कलमा में बानी का रोल निभाकर शेफाली शर्मा टीवी का पॉपुलर चेहरा बन गई थीं। सीरियल ‘दिया और बाती हम’ में भी शेफाली ने काम किया। 2016 में शेफाली सीरियल तेरे बिन में दिखी थीँ। इसके बाद से ही शेफाली किसी सीरियल में नहीं दिखी हैं।

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कभी भारती सिंह के पास खाने तक को नहीं थे पैसे, आज करोड़ों के घर की मालकिन हैं, देखिए तस्वीरें

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By E24 July 2, 2020, 11:58 p.m. 1k

लाफ्टर क्वीन भारती सिंह आज अपना जन्मदिन मना रही हैं। भारती आज 36 साल की हो गई हैं। सब जानते हैं कि भारती किसी पहचान की मोहताज नहीं है। भारती को आज हर कोई जानता है। भारती की कॉमिक टाइमिंग के लिए उन्हें जानता है। 

भारती टीवी जगत का जाना माना नाम  है। साथ ही वो बॉलीवुड के कई अवॉर्ड शोज को भी होस्ट कर चुकी है। कई फिल्मों में भी भारती ने छोटे छोटे रोल्स किए हैं। 

भारती स्टैंडअप कॉमेडी के लिए फैमस है। इसीलिए तो भारती को कॉमे़डी क्वीन का खिताब मिला है। भारती आज अपनी लाइफ में बेहद खुश हैं। 

भारती का जन्म 3 जुलाई 1986 को अमृतसर पंजाब में हुआ था। जब वह काफी छोटी थी, तभी भारती के पिता गुजर गए थे। इसके बाद भारती की मां ने ही उन्हें पाला पोशा और बड़ा किया। भारती ने बड़ी ही मुश्किलों का सामना किया है। भारती के परिवार की कभी आर्थिक तंगी भी ठीक नहीं थी।

 हालात तो कुछ ऐसे थे की उन्हें आधा पेट भूखा सोना पड़ता था । भारती की मां ने उन्हें हमेशा ही मदद की। मां के साथ भारती की बॉन्डिंग भी अलग है। 

भारती जब अपने करियर में आगे बढ़ रही थी को उनके बढ़े वजन के चलते उन्हें खूब ताने सुनने पड़ते थे। लेकिन भारती ने अपने इसी वजन को अपना हथियार बना लिया और कॉमेडी जगत की सबसे बड़ी कॉमेडियन बन गईं। 

मोटापे की वजह से लोग उनका मजाक बनाते जिससे की भारती बहुत दुःख होता था और वो रात भर रोया करती थी। भारती एक शूटर भी रह चुकी हैं और उन्हें इसमें गोल्ड भी मिला है। भारती ने पहली बार The Great Indian Laughter challenge सीजन-4  एंट्री की। 

इस शो के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके बाद उन्होंने कई सरे कॉमेडी शोज़ में काम किया किया जिनमे कॉमेडी सर्कस, महाबली कॉमेडी सर्कस, जैसे शो शामिल हैं।

 भारती की मां उनकी शादी को लेकर बहुत परेशान रहती थी। आखिरकार भारती ने पिछले साल हर्ष लिंबाचिया से शादी रचाई। भारती को लोग क्यूट जरूर कहते थे कि लेकिन बढ़े वजन के चलते उनसे सच्चा प्यार किसी ने नहीं किया।

 ये प्यार उन्हें हर्ष लिंबाचिया में मिला। भारती और हर्ष पहली बार एक कॉमेडी शो के सेट पर मिले थे, जिसमें भारती परफ़ॉर्म कर रही थीं और हर्ष उनके लिए स्क्रिप्ट लिखते थे. 

पहले दोनों में दोस्ती हुई और फिर वो प्यार में बदल गई औऱ पिछले साल उन्होंने धूमधाम से शादी रचाई। भारती अब एक आलीशान घर में रहती है। भारती का घर बेहद शानदार है। 

घर में अलग तरह के फर्नीचर का इस्तेमाल किया गया है। भारती के घर को एक जाने माने डिजाइनर ने डिजाइन किया है। भारती ने नया घर लिया जिसमें दो बेडरूम है। 

इस घर में दीवालों का कलर भी खास है तो वहीं डाइनिंग एरिया और सिटिंग एरिया एल शेप का है। अपने घर को बनवाने के लिए भारती ने खूब ध्यान दिया है। 

खैर भारती आज बेहद सक्सेसफुल हैं। भारती एक शो में एपिसोड के लिए 25 से 30 लाख लेती हैं। 

वहीं वो एक लाइव इवेंट के लिए 15 लाख लेती हैं। इसके अलावा भारती की सालाना कमाई करीब 8 करोड़ है।

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