सुशांत के अंतिम संस्कार से पहले परिवार वाले करेंगे ‘पंचक पूजा’

By Aditi June 15, 2020, 3:56 p.m. 1k

दीपक दूबे- सुशांत सिंह राजपूत के खुदकुशी करने के बाद से पूरा भारत गम में डूबा है। 34 साल के सुशांत डिप्रेशन जूझ रहे थे। बेहद खामोशी से उन्होंने मौत को गले लगा लिया। हालांकि इस बात का सवाल अभी तक नहीं मिला है आखिरकार सुशांत के डिप्रेशन की वजह क्या था। 

वो क्या कारण था, जिसकी वजह से सुशांत ने इतना बड़ा कदम उठा लिया। जवान बेटे को खो देने के गम से उनका परिवार, पिता टूट चुके हैं। सुशांत का अंतिम संस्कार मुंबई के विले पार्ले स्थित श्मशान घाट में होगा। 

सुशांत के पिता केके सिंह, अपने भतीजे और बहू के साथ मुंबई पहुंच चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार सुशांत के पिता और उनके परिवारजन सीधे कूपर हॉस्पिटल जाने की बजाए पहले उनके उस फ्लैट में गए हैं जहां सुशांत ने आखिरी सांसे ली थी। 

इसी बीच न्यूज़ 24 के संवाददाता दीपक दुबे ने ये एक्सक्लूसिव जानकारी दी है कि सुशांत के अंतिम संस्कार से ठीक पहले एक खास पूजा करवाई जाएगी। जिसे ‘पंचक पूजा’ कहा जाता है। दरअसल सुशांत की मृत्यू ‘पंचक काल’ में हुई है। 

11 जून को पंचक काल की शुरूआत हुई थी। जो कि 16 जून तक रहेगा। पंचक काल में सभी शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है। साथ ही इस दौरान यदी किसी शख्स की मृत्यु हो जाती है, तब परिवार को घर में शख्स के अंतिम संस्कार से पहले विशेष पूजा करवानी पड़ती है। 

दरअसल गरूड़ पुराण सहित कई धार्मिक ग्रंथो में उल्लेख है कि यदि ‘पंचक’ में किसी की मृत्यु हो जाए, तो उसके साथ उसी के कुल खानदान में पांच अन्य लोगों की भी मौत हो जाती है।

सुशांत सिंह राजपूत के परिवार के नजदीकी ज्योतिषी ने परिवार को बताया है कि सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु ‘पंचक काल’ में हुई है। आषाढ़ महीने के पंचक की शुरुआत 11 जून से हुई है, और ये 16 जून तक रहेगी। गौरतलब हैं कि पंचक 5 प्रकार के होते हैं। जैसे रोग पंचक, राज पंचक, अग्नि पंचक, मृत्यु पंचक और चोर पंचक। ऐसे में यह पूजा परिवार के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

Related Story