Film Review - पागलपंती हंसाती कम बोर ज्यादा करती है, खराब कहानी फिल्म के लिए विलेन !

By Neetu Nov. 22, 2019, 6:52 p.m. 1k

फिल्म - पागलपंती 

कलाकार - जॉन अब्राहम, अरशद वारसी, पुलकित सम्राट, अनिल कपूर, इलियाना डिक्रूज, कृति खरबंदा, सौरभ शुक्ला 

निर्देशक - अनीस बज्मी 

फिल्म समीक्षा - नीतू कुमार 

रेटिंग्स - 2.5 स्टार

पागलपंती ...नाम से जाहिर है कि ये फिल्म जब आप सिनेमाघरों में देखने जाएंगे तो आपको दिमाग घर पर रखकर जाना होगा। इस फिल्म में पागलपंती वाले ढेरों सीन हैं लेकिन बहुत कम सीन ऐसे हैं जो वाकई आपको गुदगुदाते हैं। अनीस बज्जी की कॉमेडी फिल्मों पर अच्छी पकड़ रही है लेकिन पागलपंती को वो एक अच्छी कॉमेडी फिल्म बनाने से चूक गए। अनीस बज्मी के खाते में वेलकम, सिंह इज किंग, नो एंट्री और रेडी जैसी बेहतरीन फिल्में रही हैं।

कहानी - राज किशोर ( जॉन अब्राहम, John Abraham ), जंकी ( अरशद वारसी, Arshad Warsi) और चंदू ( पुलकित सम्राट, Pulkit Samrat  ) तीन दोस्त होते हैं। तीनों यूके में बिजनेस करने की कोशिश करते हैं लेकिन जिस काम में हाथ लगाते हैं वहां नुकसान हो जाता है। तीनों एक बेशकीमती कार की डिलीवरी गैंगस्टर राजा साहब ( सौरभ शुक्ला ) के यहां करने जाते हैं। वहां कार टूटी फूटी हालत में पहुंचती है लिहाजा राजा साहब का साला वाई फाई ( अनिल कपूर, Anil Kapoor ) इन्हें जबरन नौकर बना लेता है। ये तीनों वहां पहुंचते हैं तो राजा साहब के घर में पनौती आ जाती है। इसी दौरान राजा साहब की बेटी जाह्नवी ( कृति खरबंदा, Kriti Kharbanda ) को चंदू से प्यार हो जाता है। राजा साहब के घर में राज, जंकी और चंदू को पता चलता है कि इन्हें जो काम दिया गया है उससे इनकी जान को खतरा है। इसी लाइन पर कहानी आगे बढ़ती है और फिर इनकी कई गलतियों से राजा साहब कंगाल हो जाता है। फिल्म में कई सारे  दूसरे गैंगस्टर भी हैं। वहीं नीरव मोदी की कहानी भी फिल्म में दिखती है। इसके बाद फिल्म में देशभक्ति का प्लॉट आता है जो जबरदस्ती डाला हुआ लगता है।

हमारी राय -  अनीस बज्मी ने फिल्म में  कार चेज, डिस्ट्रक्शन सीन, अफ्रीकी शेर और खूबसूरत लोकेशन्स रखे हैं लेकिन कमजोर कहानी के कारण फिल्म बोरिंग लगती है। फिल्म में कई सारे कॉमेडी सीन हैं लेकिन वो आपको हंसाने नहीं। इंटरवल के बाद फिल्म बोर करती है। अनीस बज्मी की फिल्म पर पकड़ कई बार ढीली दिखाई देती है। अनिल कपूर हमेशा की तरह भाई के रोल में प्रभावित करते हैं। जॉन अब्राहम को इस फिल्म में देखने के बाद आपको लगेगा कि वो सत्यमेव जयते और बाटला हाऊस जैसी फिल्में करें तो वहीं बेहतर है। अरशद वारसी की कॉमेडी आपको जरूर हंसाती हैं। उनके वन लाइनर्स में भी अच्छे पंचेज हैं। पुलकित सम्राट का काम ठीक ठाक है। जॉन अब्राहम की गर्लफ्रेंड के तौर पर इलियाना डिक्रूज भी साधारण हीं रही। कृति खरबंदा से कॉमेडी इस फिल्म में हो नहीं पा रही थी। सौरभ शुक्ला राजा साहब के तौर पर गजब रहें।  ओवर ऑल फिल्म में कॉमेडी ठीक - ठाक है लेकिन कहानी बेकार है। हमारी तरफ से फिल्म को 2.5 स्टार।  

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