देवानंद हिंदू थे और सुरैया मुस्लिम,घरवालों ने नहीं दी थी शादी की इजाजत

By Neetu Jan. 31, 2020, 4:17 p.m. 1k

31 जनवरी को होता है हसीन और  खूबसूरत सुरैया की पुण्यतिथि।  31 जनवरी 2004 को सुरैया ( Suraiya) ने दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनकी अदाओं पर अपना दिल हार बैठे  थे देवानंद  ( Dev Anand )। साल 1947 में देव साहब को बॉलीवुड ( Bollywood ) में मिली पहली फिल्म और पहली मुहब्बत ( Love Story ) भी। फिल्म जिद्दी की शूटिंग के दौरान देव आनंद की मुलाकात सुरैया से हुई। सुरैया इस फिल्म में प्ले बैक सिंगर थी । सुरैया उस दौर की मशहूर सिंगर और एक्ट्रेस थी। इंपाला कार में सवार होकर सुरैया स्टूडियोज में आती थी और उनका जलवा देखने लायक होता था देव आनंद तो बस दूर से ही सुरैया को देखते रह जाते थे

फिल्म जीत के सेट पर देव साहब के मन में मोहब्बत परवान चढ़वे लगी थी। लेकिन मुश्किल ये थी कि इतनी बड़ी स्टार से अपने दिल की बात कहें तो कैसे.देवानंद अपने दिल की बात अब तक सुरैया से कह नहीं पाए थे। तो वहीं सुरैया के दिल पर भी हैंडसम देवआनंद धीरे धीरे ही सही दस्तक दे रहे थे। 1948 में फिल्म विद्या की शूटिंग के दौरान एक हादसे ने देव आनंद और सुरैया को करीब ला दिया। फिल्म विद्य़ा का एक गाना बोट पर फिल्माया जा रहा था...शूटिंग के दौरान नाव पलट गई।  देव आनंद ने अपनी जान की बाजी लगाकर सुरैया को डूबने से बचा लिया। देवानंद ने एक असली हीरो की तरह सुरैया की जान बचाई थी और अब सुरैया उनपर जान देने लगी। हादसे के बाद सुरैया ने कहा- देव सिर्फ परदे के ही हीरो नहीं, असल जिंदगी में भी दिलेर है।

 

दिनों दिन देव आनंद और सुरैया का प्यार और गहरा होता चला गया । लेकिन इस मोहब्बत के दुश्मन कई थे। सुरैया की नानी देवानंद से अपनी नातिन की नजदीकी पर गौर कर रही थी एक गैर मजहब के शख्स से सुरैया का बढ़ता मेल मिलाप उन्हें पसंद नहीं था। लेकिन देवानंद और सुरैया बगैर किसी परवाह के मोहब्बत के रास्ते पर आगे बढ़ते रहे। एक तरफ इस जोड़ी को परदे पर कामयाबी मिल रही थी.....तो दूसरी ओर मोहब्बत का सफर सुहाना हो रहा था। साल 1948 में विद्या और 1949 में जीत की रिलीज के साथ देव आनंद और सुरैया की जोड़ी भी सुपरहिट हो गई. दोनों को सबसे पॉपुलर स्क्रीन कपल के रूप में देखा जाने लगा. तो असल जिंदगी में भी दोनों के बीच मुहब्बत का आलम कुछ ऐसा ही था ।

सुरैया को फूल बेहद अच्छे लगते थे।  देव साहब उनसे हर मुलाकात पर रंग बिरंगे फूलों का गुलदस्ता देते।  जब दोनों सेट पर नहीं होते, तो एक दूसरे को हर रोज खत लिखते। 1949 में देवानंद ने अपनी फिल्म कंपनी नवकेतन बनाई....नवकेतन की पहली फिल्म अफसर में देवानंद और सुरैया ने फिर साथ काम किया । फिल्म हिट रही..और फिर इस जोड़ी ने शादी का इरादा किया। चंद महीनों बाद दोनों ने सगाई भी कर ली। देवानंद ने सुरैया को अपने नाम की अंगुठी पहनाई थी। इस प्यार से देव आनंद के परिवार को तो कोई ऐतराज नहीं था. लेकिन बॉलीवुड में कई लोगों को महजब से परे ये मोहब्बत रास नहीं आ रही थी। सुरैया के परिवार वाले तो इस रिश्ते के खिलाफ थे ही....बॉलीवुड के बड़े नाम भी इस रिश्ते को अंजाम तक पहुंचते नहीं देखना चाहते थे। सुरैया देवानंद से शादी करना चाहती थी....लेकिन घरवालों का विरोध देख वो मुंह खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाती थी । 

 

सुरैया के दिल की बात बस उनकी मां समझ पा रही थी। सुरैया को उनकी मां हौंसला दिया करती थी । सुरैया की मां देवानंद के साथ अच्छी तरह पेश आती थी लेकिन उनकी नानी तो देव साहब की शक्ल तक देखना पसंद नहीं करती थी। सुरैया की नानी नहीं चाहती थीं उनकी पोती का रिश्ता एक हिंदू लड़के के साथ परवान चढ़े. एक बार देवानंद सुरैया से मिलने उनके घर गए तो नानी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिय़ा और सुरैया नानी की हुक्म के आगे सिर झुकाएं खड़ी रही। देवानंद की आटोबायोग्राफी रोमांसिंग विद लाइफ के लाइफ के मुताबिक मुहब्बत में खिंची मजहब की दीवार तोड़ने पर देव आनंद के साथ साथ सुरैया भी आमादा थीं। देवानंद बेहद लिब्ररल किस्म के इंसान थे....लेकिन सुरैया पर नानी और घर के बाकी रिश्तेदारों का इतना असर था कि वो खामोश रहने लगी सुरैया लेकिन उनकी तहजीब ने बगावत की इजाजत नहीं दी।

 उस दौर में देवानंद और सुरैया का मिलना तक मुश्किल हो गया। शूटिंग के वक्त नानी का इतना पहला होता कि सेट पर देवानंद और सुरैया बात तक नहीं कर पाते थे। अगर कोई रोमांटिक सीन फिल्माना हो तो सुरैया की नानी उसमें भी अड़ंगा लगाती थी।नानी की लाख सख्ती के बाद भी सुरैया को लगता था कि देव के साथ उनका प्यार कामयाब होगा...उनके रिश्ते को शादी का नाम मिलेगा। लेकिन नानी अपनी जिद्द पर अड़ी थी 

.एक दिन नानी ने साफ कह दिया कि अगर सुरैया ने देवानंद से शादी की तो वो जान दें देगी। ऐसे में सुरैया ने देवानंद से मिलना छोड़ दिया। देव साहब ने भी सुरैया से कुछ दिनों की दूरी बना ली। देवआनंद और सुरैया की मुलाकात अब बस फिल्मों के सेट तक सिमट कर रह गई। 1951 के बाद तो दोनों का मिलना भी मुश्किल हो गया। इसी साल दोनों की आखिरी फिल्म सनम की शूटिंग पुरी हो गई और फिर इनके पास मिलने का कोई बहाना भी नहीं रहा। देवानंद सुरैया से मिलना चाहते थे , लेकिन वो कभी फोन पर आती ही नहीं थी और ये बात देव साहब को खटकने लगी थी। 

दोनों ने 7 फिल्मों में साथ काम किया था। इन चार सालों में रिश्ता इतना मजबूत हो चुका था कि देवानंद सुरैया से दूर होने के ख्याल से भी घबराने लगे थे। कई दिनों तक जब देवानंद की सुरैया से बात नहीं हुई तो उन्होंने अपने एक दोस्त को सुरैया के घर भेजा। वैसे भी देवानंद को बॉलीवुड के कई दोस्तों ने सुरैया से मुलाकात करवाने में काफी मदद की थी और इनमें से एक कामिनी कौशल और दूर्गा खोटे भी थी। देव आनंद के दोस्त जब सुरैया से मिलने पहुंचे तो उन्होंने साफ कह दिया कि मैं देवानंद से शादी नहीं कर सकती। ये बात जब जब देव आनंद को पता चली, तो वो देर .. तक रोते रहे..

 

सुरैया ने ना कह दिया था, लेकिन अब भी देव आनंद को यकीन था कि मजहब की दीवार के आगे मोहब्बत की जीत होगी। सुरैया के साथ अपनी पुरी जिंदगी बिताने का सपना देख चुके थे देवानंद। बस एक बार सुरैया से मिलकर वो अपने दिल की बात करना चाहते थे। आखिरी बार सुरैया को मोहब्बत की राह पर चलने को कहना चाहते थे। देवानंद की आटोबायोग्राफी के मुताबिक ...जब देव साहब ने आखिरी बार सुरैया आखिरी बार मिलने के लिए फोन किया तो संयोग से फोन सुरैया की मां ने उठाया

उन्होंने देव आनंद को मिलने की इजाजत दे दी. वक्त तय हुआ रात के 11.30 बजे. देव साहब अपने दोस्त और बंबई पुलिस में इस्पेक्टर ताराचंद के साथ सुरैया के घर गए। मिलने की जगह तय हुई थी, घर की छत, जहां सुरैया पहले से ही मौजूद थीं. सुरैया दौड़कर देव साहब के सीने से लग गईं और रोने लगीं. दोनों के आधे घंटे तक रोते रहे । सुरैया से देव साहब की वो आखिरी मुलाकात थी।

 देव साहब पलट कर फिर कभी सुरैय़ा कि गलियों में नहीं गए ....दोनो ने हमेशा के लिए एक दूसरे को भूल जाने का फैसला किया। सुरैया ने अपनी सगाई की अंगूठी वहीं फेंक दी, जहां देव आनंद ने उनकी जान बचाई थी. हालांकि बाद के दिनों में सुरैया को अपने फैसले पर पछतावा हुआ, वो वापस देव साहब की जिंदगी में आना चाहती थी लेकिन तब तक बहुत देर हो गई। देवानंद जिंदगी की राह में आगे बढ़ गए..और सुरैया ने उनकी याद में ता उम्र बिता दी। सालों बाद एक पार्टी में देव साहब की सुरैया से मुलाकात हुई।  

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रूस में इन दिनों बाहुबली 2 दिखाई जा रही है, रशियन बोलते दिखे प्रभास और अनुष्का !

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By E24 May 29, 2020, 4:06 p.m. 1k

सारिका स्वरूप - साउथ फ के सुपरस्टार प्रभास (Prabhas) की 'बाहुबली 2- द कन्क्लूज़न' (Baahubali 2-The Conclusion ) पूरी दुनिया में पॉपुलर है। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे और कई नए रिकॉर्ड भी बनाए जो आज तक किसी और फिल्म ने नहीं तोड़ा हैं । फिल्म निर्देशक एस. राजामौली के निर्देशन में बनी इस फिल्म को कई अवार्ड्स भी मिले और सिल्वर स्क्रीन पर प्रभास और अन्य सेलेब्स के शानदार ऐक्टिंग के कारण इस फिल्म को दुनिया भर में बहुत जल्दी ही लोकप्रियता हासिल हुई।

वही हाल ही मेें "बाहुबली 2- द कन्क्लूज़न" का रूस (Russia) में टेलीकास्ट किया गया। रूसी टेलीविज़न पर बाहुबली 2 की धमक का असर सोशल मीडिया पर भी देखने को मिल रहा है । रूसी भाषा में डब फ़िल्म का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

रूस की एम्बेसी ने ट्वीट कर इस बात कि जानकारी दी साथ ही उन्होनें बीते दिन एक वीडियो भी पोस्ट किया। वीडियो पोस्ट कर उन्होनें ट्वीट में लिखा है कि- इंडियन सिनेमा रूस में लोकप्रिय है। देखिए, रूसी टीवी पर इस वक़्त क्या चल रहा है- बाहुबली, रूसी वॉयसओवर (Voice over) के साथ। 

रुसी एंबेसी के शेयर किये गए इस वीडियो क्लिप में बाहुबली का वो सीन दिखाया गया है, जब देवसेना मंदिर जाते समय छेड़खानी करने वाली की उंगली काट देती है। उसके बाद जब मामले की जांच के लिए उन्हें राजमाता शिवगामी देवी के दरबार में पेश किया जाता है , जहां अमरेंद्र बाहुबली देवसेना के एक्शन को सही बताते हुए छेड़खानी करने वाले की गर्दन उड़ा देता है। रूसी भाषा में डब इस वीडियो को देखकर फैन्स बहुत एन्जॉय कर रहे है, बहुत पसंद कर रहे हैं।

अगर रूस में इंडियन सिनेमा की लोकप्रियता की बात करें तो वहां इंडियन सिनेमा को काफ़ी पसंद किया जाता रहा है। राज कपूर की फिल्में भी वहां भी खूब देखी जाती रही हैं। वहां के लोग कुछ इंडियन स्टार्स को भी बेहद पसंद करते है। अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, सलमान खान की फिल्में वहां खूब देखी जाती रही हैं और इन दिनों वहां के लोग बाहुबली देख रहे हैं। 

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केरल में फंसी 177 लड़कियों को एयरलिफ्ट के जरिए Sonu Sood ने पहुंचाया घर

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By E24 May 29, 2020, 3:52 p.m. 1k

इन दिनों पूरा देश कोरोना वायरस की मार झेल रहा है । पिछले दो महीने से देशभर में लॉकडाउन का महौल है । ऐसे में बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद गरीब मजदूरों लोगों के लिए मसीहा बनकर सामने आए हैं । एक्टर इन दिनों बेहद नेक काम कर रहे हैं ।

 मुंबई में फंसे प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचा रहे है ये तो सभी जानते है लेकिन अब एक्टर ने केरल में फंसी 177 लड़कियों को एयरलिफ्ट करवाया है। जी हां खबरों के मुताबिक ये सभी लड़कियां केरल के एर्नाकुलम की एक फैक्ट्री में सिलाई और एंब्रॉयड्री का काम करती थी जो कि लॉकडाउन में बंद हो गई जिसके बाद से ये लड़कियां यहां फंसी हुईं थीं। 

लड़कियों के फंसे होने की खबर उन्हें एक दोस्त ने दी थी, जिसके बाद सोनू ने इन लड़कियों की हर मुमकिन मदद करने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि एक्टर ने इस काम की शुरुआत की और उन्होंने कोच्चि व भुवनेश्वर एयरपोर्ट को ऑपरेट करने के लिए सरकार से कई तरह की इजाजत मांगी।' इन लड़कियों को एयरलिफ्ट करने के लिए बेंगलुरु से स्पेशल एयरक्राफ्ट मंगवाया गया जो इन लड़कियों को कोच्चि से भुवनेश्वर लेकर जाएगा ताकि ये सभी अपने घर पहुंच सकें। 

आपको बता दें कि एक्टर ने अब तक कई लोगों को उनके घर पहुंचाना है। इतना ही नहीं, उन्होंने मजदूरों के खाने-पीने का भी बखूबी इंतजाम किया। ऐसे में सभी सोनू सूद (Sonu Sood Twitter) की खूब तारीफ हो रही हैं। लगातार लोग ट्विटर के जरिए भी सोनू सूद से मदद मांग रहे हैं। 

लोग एक्टर को टैग करके ट्वीट कर रहे हैं, और उनसे मदद मांग रहे हैं। लोगों को घर पहुंचाने के अलावा सोनू सूद ने अपना जुहू में स्थित होटल भी डॉक्टर्स और कोरोना वॉरियर्स के लिए खोल दिया था, जिसमें आकर वे आराम से रह सकें। बता दें कि सोनू सूद (Sonu Sood) के इस कदम के लिए लोग उनकी खूब सराहना कर रहे हैं।                          

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अक्षय कुमार नहीं बल्कि ये एक्टर है फिल्म 'लक्ष्मी बॉम्ब' की असली लक्ष्मी !

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By E24 May 29, 2020, 3:37 p.m. 1k

लॉकडाउन के चलते कोई भी फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो पा रही है। साथ ही फिल्मों की शूटिंग भी रुकी हुई है। वहीं, जो फिल्में रिलीज के लिए तैयार थीं, अब निर्माता उन फिल्मों को डिजिटल रिलीज करने पर विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अब अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की 'लक्ष्मी बॉम्ब' ( Laxmmi Bomb) डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी। अक्षय कुमार की स्टार पावर और कियारा अडवाणी के साथ उनकी जोड़ी इस फिल्म की खासियत है। फिल्म में अक्षय कुमार पहली बार एक किन्नर के रूप में दिखेंगे। 

लेकिन फिल्म में कौन है असली लक्ष्मी, जिसके नाम पर फिल्म का टाइटल रखा गया है। ये अक्षय कुमार नहीं बल्कि मशहूर टीवी एक्टर शरद केलकर हैं। फिल्म लक्ष्मी बॉम्ब में शरद केलकर एक मरे हुए किन्नर का किरदार निभा रहे हैं जिसका भूत अक्षय कुमार पर हावी हो जाता है। 

एक इंटरव्यू के दौरान बातचीत में शरद केलकर ने बताया कि-"ये फिल्म उनकी लाइफ का सबसे मुश्किल लेकिन चुनौती वाला रोल है। फिल्म में शरद साड़ी और बड़ी सी बिंदी में दिखने वाले हैं। जहां बॉलीवुड में सब शरद को उनकी लम्बी चौड़ी पर्सनैलिटी और मर्दाना आवाज के लिए जानते हैं, वहीं फिल्म "लक्ष्मी बॉम्ब" में उनके किन्नर लुक में वो लोगों को चौंकाने वाले हैं। 

आपको बता दें कि "लक्ष्मी बॉम्ब" तमिल फिल्म 'मुनि 2 -कंचना' का हिंदी रीमेक है। इस फिल्म के ओरिजिनल तमिल फिल्म में मशहूर सुपरस्टार शरत कुमार ने इस किरदार को निभाया था। शरत भी तमिल फिल्मों के माचो हीरो रहे हैं लेकिन फिर भी वो इस फिल्म में किन्नर बने थे। शरत कुमार को इस रोल से बहुत सराहना मिली थी। उनके रोल से प्रेरित शरद केलकर ने भी लक्ष्मी बॉम्ब में किन्नर का रोल निभाया।

बता दें कि ग्वालियर के रहने वाले शरद ने अपने करियर की शुरुआत टीवी सीरियल्स से की थी। शरद केलकर सीरियल्स के अलावा बाहुबली की आवाज के रूप में भी जाने जाते हैं। शरद ने इसी साल रिलीज हुई अजय देवगन की फिल्म तान्हाजी में शिवाजी का रोल किया था। उन्होंने 2013 में संजय लीला भंसाली की ‘गोलियां की रासलीला राम-लीला’ से बॉलीवुड में शुरूआत की। फिर उन्हें ‘मोहंजोदारो’, ‘भूमि’, ‘हाउसफुल 4’ और ‘तानाजी: द अनसंग वॉरियर’ जैसी फिल्मों में देखा गया। 

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बहन के लिए अक्षय कुमार ने ‘पब्लिक फ्लाइट’ को बदल डाला ‘प्राइवेट फ्लाइट’ में।

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By E24 May 29, 2020, 3:32 p.m. 1k

पूजा राजपूत - ‘कोविड-19’(Covid-19) महामारी के दौर में अक्षय कुमार(Akshay Kumar) ज़रुरतमंदो की मदद की हर सभंव कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री राहत कोष(PM cares fund) में 25 करोड़ की डोनेशन करना हो, या फिर दिहाड़ी मजदूरों तक आर्थिक मदद पहुंचाना, अक्षय कुमार, मुसीबत में फंसे हर शख्स की मदद करने कोशिश में लगे हैं। 

इतना ही नहीं, अक्षय कुमार रियल लाइफ में भी ‘पैडमैन’ बन गए हैं। गरीब दिहाड़ी मजदूरों की आर्थिक मदद करने के बाद अक्षय को पीरियड्स के दौरान महिला दिहाड़ी श्रमिकों के स्वास्थ्य की चिंता हुई, तो वह उनके लिए सैनेटरी नैपकिन की व्यवस्था करने में जुट गए। अक्षय की इस नई मुहिम की हर जगह चर्चा हो रही है, हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है।

इसी बीच, अक्षय से जुड़ी एक और खबर सामने आ रही है। अक्षय कुमार ने अपनी बहन अलका भाटिया(Alka Bhatia) के लिए एक पूरी फ्लाइट बुक कर डाली, जो मुंबई से दिल्ली जाना चाहती थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, “ अक्षय ने मुंबई से दिल्ली से तक की एक पूरी पैसेंजर फ्लाइट की और उसे अपनी बहन, उनके दो बच्चों(एक बेटी और एक बेटा) और एक मेड के लिए चार्टेड फ्लाइट में तब्दील कर डाला। इस फ्लाइट में 186 यात्रियों के सफर करने की सुविधा लेकिन अक्षय की इस बुकिंग के बाद फ्लाइट में सिर्फ चार यात्रियों ने ही सफर किया। 

अक्षय के तीन फैमिली मेंबर और एक मेड के अलावा, फ्लाइट में सिर्फ 4 क्रू मेंबर्स, दो पायलट और एक ACM(अतिरिक्त क्रू मेंबर) भी सवार थे। सुत्रों से पता चला है कि “कोविड-19 से संबंधित सैनिटाइजेशन प्रक्रिया और सुरक्षा उपायों के नियमित प्रोटोकॉल के अलावा उन्हें कोई और विशेष सुविधा नहीं दी गई थी, जो कि सरकार द्वारा निर्धारित की गई है। हांलाकि, एक लोडर को उनके सामान को ले जाने के लिए सौंपा गया था।“

आपको बता दें, कि अक्षय कुमार जैसे सुपरस्टार की बहन होने बावजूद अलका लाइमलाइट से दूर रहती हैं। अलका ने बिजनेसमैन सुरेश हीरानंदानी से शादी की है।