आज ही के दिन श्रीदेवी ने बोनी कपूर से की थी शादी, बेटी जाह्नवी ने तस्वीर कर उस लम्हे को किया याद !

By Neetu June 2, 2020, 7:23 p.m. 1k

बोनी कपूर वो फिल्म मेकर हैं जिन्होंने श्रीदेवी ( Sridevi ) के साथ कई बड़ी फिल्में बनाई और फिर उनके साथ शादी भी की। साल 2018 में श्रीदेवी गुजर गईं। उनके जाने के बाद बोनी ने खुद को बड़ी मुश्किल से संभाला। बोनी ने हाल ही में कहा था कि ऐसा मिनट नहीं है जब हमें वो याद ना आती हों। बोनी कपूर ( Boney Kapoor )  ने साल 1996 में श्रीदेवी और बोनी कपूर की शादी हुई थी। श्रीदेवी और बोनी कपूर की तस्वीर शेयर कर जाहन्वी ( Janhvi Kapoor ) ने पापा को बधाई दी है। 

बोनी कपूर की कई  फिल्मों में श्रीदेवी ने काम किया था। बोनी हमेशा से उन्हें पसंद करते थे। मिस्टर इंडिया फिल्म के लिए श्रीदेवी की मम्मी ने उनसे 10 लाख फीस मांगी थी ...लेकिन वो श्रीदेवी को अपनी फिल्म में कास्ट करने के लिए इतने आतुर थे कि उन्होंने 11 लाख दिए थे।

मिस्टर इंडिया सुपर हिट रही और बोनी कपूर मालामाल हो गए। इस फिल्म के साथ ही दोनों का रिश्ता मजबूत हुआ।  साल 1991 की बात है जब लम्हे की शूटिंग के दौरान श्रीदेवी के पिता का निधन हुआ। वो दौर श्रीदेवी को मानसिक तौर पर तोड़ देने वाला था लेकिन उस दौर में बोनी कपूर एक सच्चे दोस्त की तरह साथ रहे। 

रूप की रानी चोरों का राजा की शूटिंग के दौरान जिस तरह उन्होंने श्रीदेवी का ख्याल रखा, उन्हें लेकर श्रीदेवी के खयालात बदलते चले गए। इसी बीच श्रीदेवी की मां बुरी तरह बीमार पड़ गई। डॉक्टरों ने उन्हें अमेरिका ले जाने की सलाह दी।य़ बोनी कपूर ने न सिर्फ श्रीदेवी को शूटिंग से सिर्फ मोहलत दी, बल्कि अमेरिका में इलाज के दौरान खुद भी तीन महीने तक साथ रहे। बोनी कपूर की देखभाल से श्रीदेवी की मां बेहद प्रभावित हुईं। उन्होंने श्रीदेवी से कहा- ये प्रोड्यूसर बड़ा नेकदिल है. श्री, इसकी अगली फिल्म के लिए पैसे मत लेना।

बोनी कपूर को लेकर हमदर्दी श्रीदेवी के मन में भी पैदा हो चुकी थी लेकिन इस रिश्ते में भी वहीं चुनौती थी, जिसका दंश उन्हें मिथुन के साथ झेलना पड़ा था. बोनी कपूर शादी-शुदा थे हालांकि वो अपनी पहली पत्नी मोना से तलाक लेने को तैयार थे। लेकिन उनके पिता सुरिंदर कपूर इसके सख्त खिलाफ थे। कपूर परिवार कतई नहीं चाहता था अपनी हीरोइन के चक्कर में बोनी कपूर अपना बसा बसाया घर उजाड़ दे। इधर श्रीदेवी की बहन लता भी शादी-शुदा बोनी कपूर से रिश्ते के खिलाफ थी। लेकिन 1996 में मां की मौत के बाद हालात बदल गए. बोनी कपूर के सिवा उस मुश्किल वक्त में श्रीदेवी के साथ खड़ा होने वाला कोई नहीं था।

एक बोनी कपूर ही थे, जो अपनी मां की चिता को मुखाग्नि देने के फैसले पर श्रीदेवी के साथ थे वर्ना धार्मिक रीति रिवाजों में लड़की का मुखाग्नि देना वाजिब नहीं माना जाता। श्रीदेवी के करीबी रिश्तेदार भी इसके खिलाफ थे लेकिन श्रीदेवी चाहती थी मां ने उनकी परवरिश बेटे की तरह की थी। ऐसे में वो उनकी आखिरी ख्वाहिश पूरी करना चाहती हैं। 

श्रीदेवी ने किया भी वैसा ही उस वक्त फिल्म जुदाई की शूटिंग चल रही थी। इसी बीच 2 जून 1996 को श्रीदेवी ने बोनी कपूर से शादी कर नई जिंदगी शुरु करने का फैसला किया। श्रीदेवी पर घर तोड़ने वाली हीरोइन का तमगा पहले से ही चस्पा था लेकिन श्रीदेवी ने ये फैसला सोच समझकर लिया था शादी के साथ फैसला फिल्मों की दुनिया छोड़ देने का। 

बोनी कपूर के परिवार में अजनबी नहीं थी। छोटे भाई अनिल कपूर उनके साथ कई फिल्मों में काम कर चुके थे तो दूसरे छोटे भाई संजय कपूर श्रीदेवी के लाड़ले थे  लेकिन शादी के बाद श्रीदेवी बोनी कपूर के घर नहीं जा पाईं।क्योंकि बोनी कपूर की पहली पत्नी मोना ने तलाक के बाद भी कपूर खानदान के साथ रहने का फैसला किया। मोना नहीं चाहती थी अचानक घर छोड़ने का असर दोनों बच्चों अंशुला औऱ अर्जुन कपूर पर पड़े। मोना कपूर दोनों बच्चों के बड़े होने तक करीब 10 साल तक उसी घर में रही और श्रीदेवी कपूर खानदान की बहू होने के बाद भी घर से अलग। 

देवी और बोनी कपूर की शादी 22 सालों तक शानदार तरीके से चली। श्रीदेवी और बोनी साथ-साथ खुश थे लेकिन श्रीदेवी अब बोनी और अपनी दो बेटियों को छोडकर बहुत दूर जा चुकी हैं।

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