चार बहनों के बाद हुआ था सुशांत का जन्म, मां ने मंदिर-मंदिर जाकर मांगी थी मन्नत !

By Neetu June 15, 2020, 3:27 p.m. 1k

पूजा राजपूत – बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत बेहद खामोशी के साथ दुनिया से मुंह मोड़कर जा चुके हैं। मां का वो ‘गुलशन’  अब उजड़ चुका है, जिसे कभी उन्होने अपने खून से सींचा था। हर देवी-देवता की चौखट पर मत्था टेककर मन्नतों से मांगा था। जी हां ‘गुलशन’  । यही वो नाम है, जिससे सुशांत को उनके परिवार वाले और अड़ोसी-पड़ोसी प्यार से पुकारा करते थे।

सुशांत सिहं राजपूत के जाने के बाद उनके सभी परिवार वाले और प्रियजन गहरे सदमे में है। किसी को यकीन नहीं हो रहा कि परिवार का होनहार बेटा, जिसने इतने बड़े शहर में अकेले अपने दम ऊंचा मुकाम हासिल किया, जो सभी परिवारवालों की परवाह किया करता था, सभी का आदर किया करता था, वो कैसे मुंह मोड़कर चला गया? कैसे उसने हार मानकर मौत को गले लगा लिया?

आज मुंबई में सुशांत का अंतिम संस्कार होगा। सुशांत के पिता केके सिंह अपने भतीजे और बहू के साथ मुंबई पहुंच गए हैं। लड़खड़ाते कदमों के साथ एक पिता अपने जवान बेटे की अर्थी को कंधा देने के लिए निकला है।इसी के साथ सुशांत के बचपन के वो पल वो लम्हें भी एक-एक कर उनकी आंखों के सामने आ रहे होंगे। जो सुशांत अपने पिता-मां और बहनों के साथ बिताए थे।सुशांत अपने परिवार के बेहद लाडले थे। होते भी क्यों ना?  आखिर एक मां की मन्नतों का, उनकी दुआओं का फल थे सुशांत। चार बहनों के इकलौते भाई थे सुशांत।

बुढ़े पिता का सहारा थे सुशांत। लेकिन अब इन्हीं बुढ़े कंधो को जवान बेटे की अर्थी को कंधा देना होगा।सुशांत और उनके परिवार को जानने वाले पड़ोसी बताते हैं, कि चार बहनों के बाद सुशांत ने जन्म लिया था। उनकी मां स्वर्गिय ऊषा सिंह ने बेटे के लिए मंदिरों में मन्नतें मांगी थी, दुआंए की थी। तब जाकर सुशांत का जन्म हुआ था।

सुशांत बचपन से ही पढ़ाई में होनहार थे, शांत स्वभाव के थे, इसलिए हर दिल अजीज़ थे। पड़ोसी बताते हैं कि सुशांत की मां अक्सर गाना गुनगुनाया करती थीं, कि “पापा कहते हैं ऐसा काम करेगा... बेटा हमारा बड़ा नाम करेगा”। सुशांत को भी यह गाना बेहद पसंद था, वह भी अक्सर इस गाने को गाया करते थे। 

सुशांत ने मां का यह सपना पूरा भी किया था। सीरियल की दुनिया में नाम कमाने के बाद उन्होने बॉलीवुड में कदम रखा, और काई पो चे, एम.एस.धोनी-द अनटोल्ड स्टोरी, और छिछोरे जैसी फिल्मों में दमदारी अदाकारी दिखाकर सफलता के शीर्ष पर भी पहुंच गए थे।

लेकिन बेहद कम उम्र में ही सुशांत के हाथ से उनकी मां का हाथ छूट गया था। 2002 में ऊषा सिंह का ब्रेन हैमरेज की वजह से निधन हो गया था। मां के चले जाने के बाद सुशांत बेहद अकेले पड़ गए थे। कुछ ही साल पहले सुशांत अपनी नानी की मन्नत करने के लिए अपने ननिहाल भी गए थे।

 दरअसल सुशांत के जन्म के लिए उनकी नानी ने भी बौरण्य स्थित प्रसिद्ध देवी शक्ति पीठ में उनके मुंडन संस्कार की मन्नत मांगी थी। नानी की इसी मन्नत को पूरा करने के लिए सुशांत ने ननिहाल जाकर देवी शक्ति पीठ में मुंडन करवाया था, गांववालों के साथ बेहद आदर से बातचीत की थी, और युवाओं के साथ क्रिकेट भी खेला था।

अब सुशांत के इसी खेल की तस्वीरें और वीडियोज़ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। लेकिन अब सुशांत हमारे बीच नहीं रहे। वह जा चुके हैं अपनी मां के पास। मां के नाम ही सुशांत ने अपना आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट भी लिखा था। जिसमें वह मां से बातें कर रहे थे। अब अपनी इन्हीं बातों को वो मां के पास बैठकर पूरा करेगें। लेकिन उनके चाहने वाले अब भी यही कह रहे हैं ‘तुम क्यों चले गए सुशांत’?

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