नेपोटिज्म पर आलोचना झेल रही आलिया के सपोर्ट में उतरी मम्मी सोनी राजदान !

By Neetu June 24, 2020, 6:34 p.m. 1k

नम्रता शर्मा -  सुशांत सिंह राजपूत(Sushant Singh Rajput) की आत्महत्या ने बॉलीवुड में नेपोटिज्म के मुद्दे को हवा दे दी है। बॉलीवुड जगत दो खेमों में बंट गया है। एक तरफ स्टार किड्स है और एक तरफ वो स्टार्स जिन्होंने बिना किसी गॉडफादर(God Father) के अपनी पहचान बनाई है। नेपोटिज्म और कैंपबाजी के मुद्दे के बीच आलिया भट्ट, जाह्नवी कपूर और सोनम कपूर जैसे सितारों को काफी आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है। लगातार बवाल बढ़ता देख अब बेटी आलिया भट्ट(Alia Bhatt) के सपोर्ट में उनकी मां सोनी राजदान सामने आई हैं।

नेपोटिज्म के मुद्दे पर हाल ही में अलीगढ़ और सिटीलाइट जैसी फिल्में बनाने वाले डायरेक्टर(Director) हंसल मेहता ने कुछ ट्वीट किए थे। हंसल मेहता ने लिखा था - यह नेपोटिज्म की बहस शायद और व्यापक हो, काबिलियत सबसे ज्यादा मायने रखती है। मेरे बेटे के लिए दरवाजा खुला, मेरी वजह से और क्यों नहीं खुलता लेकिन वह मेरे बेहतर कामों का अभिन्न अंग बन चुका है, क्योंकि वह प्रतिभाशाली है, अनुशासन में रहता है, कड़ी मेहनत करता है और मेरे मूल्यों को साझा करता है, केवल इसलिए नहीं क्योंकि वह मेरा बेटा है।

हंसल ने बैक टू बैक कई ट्वीट किए थे। इसी का जवाब देते हुए सोनी राजदान ने लिखा- आप किसके बेटे या बेटी है लोगों को इससे काफी ज्यादा उम्मीदें रहती हैं और जो लोग नेपोटिज्म पर हल्ला कर रहे हैं और जो खुद से बने हुए है उनके भी एक दिन बच्चे होंगे और तब अगर वो भी बॉलीवुड(Bollywood) में आना चाहेंगे तो क्या आप उन्हें ऐसा करने से रोकेंगे ? सोनी राजदान(Soni Razdan) के इस जवाब पर बहुत सारे लोग  सहमत नहीं हो रहे हैं। 

आपको बता दें नेपोटिज्म के मुद्दे पर हंसल मेहता ने आगे लिखा था - वो फिल्म बनाएगा इसलिए नहीं की मैं उन्हें प्रोड्यूस करूंगा, हो सकता है ना भी करूं, लेकिन वह उन्हें बनाने के लायक है। उसका खुद का कैरियर तभी होगा जब वह सरवाइव करेगा। उसका कैरियर(Career) कौन बनाता है यह आखिर में उस पर ही निर्भर करेगा। उसका पिता उसका करियर नहीं बनाएगा। मेरी परछाई उसके लिए सबसे बड़ा फायदा और सबसे बड़ा शाप दोनों है।इसलिए जब लोग नेपोटिज्म(Nepotism) पर उतरते हैं तो वो असल में कमरे में मौजूद हाथी को संबोधित नहीं करते ,वो असल लड़ाई को कम करते हैं। वह लड़ाई जो शक्तिशाली और उभरते हुए के बीच में है। जो पुराने और नए के बीच है। जो कठोरता और परिवर्तन के बीच है। जो सुरक्षित और असुरक्षित के बीच है।आपको बता दें नेपोटिज्म के मुद्दे पर बड़े बड़े सितारे आगे आकर अपने विचार रख रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया(social media) पर इन सितारों को इस जबरदस्त तरीके से आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

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