चार्ली चैपलिन का 131वां जन्मदिवस, जानिए उनके रोचक किस्से

By Neetu April 16, 2020, 4:19 p.m. 1k

हॉलीवुड एक्टर चार्ली चैपलिन(Charlie Chaplin) का आज 131वां बर्थडे है। उन्हें कॉमेडी का बादशाह(Comedy King) भी कहते थे । चार्ली चैपलिन वो नाम जिसे सुनते ही हमारे चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। कॉमेडी की दुनिया में सबसे पहला नाम चार्ली चैपलिन का ही आता है ।

 16 अप्रैल 1889 को जन्में इस कॉमिक एक्टर और ने पूरी जिंदगी लोगों को हंसाने में ही गुजार दी थी। वह मूक फिल्मों के बेहतरीन कलाकार थे। पूरी दुनिया मे मशहूर चार्ली ने जिंदगी की परेशानियों को भी हंसाने की कला में पर्दे पर बखूबी उतारा था ।

चार्ली चैपलिन ने अपनी करियर की शुरुआत 13 साल के उम्र से ही कर दी थी । उन्होनें अपने 75 वर्ष के फिल्मी करियर में अभिनेता, निर्देशक, राइटर की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया था ।

चार्ली अपने कॉमिक एक्टिंग के साथ-साथ अपनी चाल के लिए भी काफी फेमस थे, आज भी उनके चलने के स्टाइल को कॉपी किया जाता है ।

चार्ली चैप्लिन के सबसे यादगार किरदार 'लिटिल ट्रम्प ' के लिए उन्हें मूक फिल्मों के बेहतरीन अभिनेतओ  से एक माना जाता है।

अपको बता दे चार्ली चैपलिन एक बेहतरीन कलाकर के साथ- साथ एक फ़िल्म मेकर भी थे, जिन्होनें 1940 में हिटलर पर फिल्‍म "द ग्रेट डिक्टेटर " बनाई थी। इस फ़िल्म उन्होंने खुद हिटलर का रोल प्ले किया था । 

इस फिल्‍म के जरिए उन्‍होंने हिटलर को एक कॉमिक रूप में दिखाकर लोगों से वाहवाही बटोरी थी। इसी फ़िल्म के बाद वो एक कॉमिक एक्टर के रुप में दर्शकों के सामने आए। 

फिल्‍म में हिटलर का मजाक बनाए जाने पर कुछ लोगों ने उनकी काफ़ी सराहना की थी, जबकि कुछ लोग उनके खिलाफ उतर आए थे।

अपने शानदार अभिनय के जरिए लोगों को हंसने के लिए मजबूर करने वाले चार्ली को 1973 में ऑस्‍कर अवार्ड से नवाजा गया। इसके अलावा भी उन्‍हें कई और पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है ।

88 साल की उम्र में वो सबको छोड़ कर चले गए, 25 दिसंबर 1977 में उनकी डेथ हो गई थी । भले ही वो आज हम सब के बीच मे नहीं है मगर उनकी बातें और जीवन को जीने की कला हमें मुसीबत में भी मुस्कुराने की वजह देती है ।

चार्ली का बचपन बेहद दुख और गरीबी में गुजरा था। उनकी मां का नाम हैना चैप्लिन और पिता का नाम चार्ल्स स्पेंसर चैप्लिन था। चार्ली के पिता एक म्युजिक हॉल में गाना गाते थे और अभिनय करते थे। कुछ दिन बाद चार्ली के माता-पिता अलग हो गए, जिसके बाद उनकी मां गाना गाकर घर का गुजारा करती थीं, लेकिन एक दिन ये सहारा भी छूट गया । 

उसके बाद चार्ली को अपने पिता के घर में रहना पड़ा, जहां सौतेली मां के जुल्म भी सहने पड़े थे ।

चार्ली कहते थे - "मैं सिर्फ कॉमेडी कर के  जीना चाहता हूं।  - हम लोग सोचते बहुत हैं, मगर महसूस बहुत कम करते हैं।"

उनका यह भी मानना था कि आप जिस दिन हंसते नहीं हैं, वह दिन बेकार हो जाता है। - इस दुनिया में कुछ भी स्थायी नहीं है, यहां तक कि मुश्किलें और मुसीबतें भी आती जाती रहती है ।

इंसान का असली चरित्र तभी सामने आता है, जब वह नशे में होता है। मुझे बारिश में चलना पसंद है, क्योंकि उसमें कोई भी मेरे आंसू नहीं देख सकता। 

- पास से देखने पर जिंदगी मुसीबत लगती है और दूर से देखने पर कॉमेडी।

इन्ही बातो को ध्यान में रखकर चार्ली चैपलिन ने अपने जीवन को हर पल खुश रहके बिताया है ।

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