BOLLYWOOD के इन सितारों ने बेहद बुरे और गुमनामी के हालात में ली आखिरी सांस।

By Neetu June 10, 2020, 6:08 p.m. 1k

पूजा राजपूत –बॉ लीवुड के लिए अक्सर कहा जाता है कि ‘चमक-धमक की इस दुनिया में चढ़ते सूरज को सलाम किया जाता है’। यह कड़वा सच है कि बॉलीवुड में आज जो पॉपुलर है, चाहनेवालों और फैंस की भीड़ से घिरा हुआ है, कल जब उसे सफलता नहीं मिलेगी तो वो कब गुमनामी के अंधेरे में खो जाएगा किसी को पता भी नहीं चलेगा। बॉलीवुड में कई ऐसे सितारे रहे हैं, जो सुपर पॉपुलर हुए, लेकिन जब वह दुनिया से रुख्सत हुए तो बेहद बुरे हालातों में। कुछ ने तो भयंकर गरीबी देखी।

परवीन बाबी –

70 के दशक की सबसे खूबसूरत और ग्लैमरेस अभिनेत्रियों में से एक थीं परवीन बाबी। परवीन ने अपने करियर में जबरदस्त स्टारडम देखा। फिल्ममेकर्स परवीन को अपनी फिल्मों में साइन करने के लिए कोई भी फीस देने के लिए तैयार रहते थे। लेकिन परवीन की ये शोहरत उस वक्त फीकी पड़ती चली गई जब वह ‘पैरानॉयड स्किज़ोफ्रेनिया’ नाम की बिमारी की शिकार हो गईं। अपने आखिरी दिनों में परवीन बाबी बिल्कुल अकेली थी। मौत के दो दिन बाद लोगों को पता चला कि वो नहीं रहीं। 22 जनवरी 2005 को पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उनकी लाश को बरामद किया था।  70 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस के अंतिम संस्कार में भी बहुत कम लोग आए थे।

मीना कुमारी –

बला की खूबसूरत एक्ट्रेस मीना कुमारी को ‘ट्रैजेडी क्वीन’ कहा जाता था। वह हिन्दी फिल्मों की मोस्ट आइकोनिक स्टार्स में एक थीं। सिर्फ 4 साल की उम्र में ही मीना कुमारी ने फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। लेकिन मीना कुमारी ने जब दुनिया को अलविदा कहा तब उनके पास हॉस्पिटल के बिल चुकाने तक के लिए पैसे नहीं बचे थे। लीवर सिरोरिस से पीड़ित मीना के अस्पताल का बिल वहां के एक डॉक्टर ने भरा था। अपने अंतिम दिनों में वो बिल्कुल अकेली थीं। 

महेश आनंद –

एक्टर महेश आनंद को खलनायक की भूमिकाओं के लिए जाना जाता था। 90 के दशक में वह काफी पॉपुलर विलेन थे, उन्होने गंगा जमुना सरस्वती, शहंशाह, मजबूर और थानेदार जैसी फिल्मों में नेगेटिव रोल प्ले किये थे। लेकिन 9 फरवरी 2019 में वह अपने मुंबई के वर्सोवा वाले फ्लैट में मृत पाए गए थे। पुलिस के मुताबिक महेश आनंद की मौत दो दिन पहले ही हो गई थी। वह दस साल से बेरोज़गार थे।

ए.के.हंगल-

दिग्गज अभिनेता ए.के. हंगल ने भी अपने आखिरी दिनों को बेहद गरीबी, मायूसी और गुमनामी में बिताया था। महानायक अमिताभ बच्चन ने उनकी हालत देख 20 लाख रुपयों की मदद की भी थी। लेकिन 2012 में 97 साल की उम्र में जब उन्होने आखिरी सांस ली तो उनके पास अपने दवाइयों तक के लिए पैसे नहीं बचे थे। ए.के. हंगल ने अपने करियर में 250 फिल्मों में काम किया था। 

अचला सचदेव –

अचला सचदेव को आपने हिन्दी फिल्मों में ज्यादातर ‘मां’ और ‘दादी’ के रोल में देखा होगा। अचला सचदेव का निधन गुमनामी के बीच पुणे के हॉस्पिटल में हुआ था। अचला ने अपनी पूरी प्रॉपर्टी दान कर दी थी, और अपने अंतिम दिनों में अचला के पास इलाज के पैसे भी नहीं बचे थे।

विमी-

विमी ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत 1967 में B.R. चोपड़ा की फिल्म हमराज़ से की थी। बेहद कम उम्र में विमी का निधन हुआ था। शराब की बुरी लत ने विमी को बुरी तरह से कर्जे में डुबो दिया था। और आखिरी दिनों में उनके पास कुछ नहीं बचा था। आप ये जानकर चौंक जाएंगे कि मौत के बाद विमी के पार्थिव शरीर को ठेले पर श्मशान घाट तक जे जाया गया था।

भगवान दादा –

भगवान दादा ने कई फिल्मों में कॉमेडी रोल प्ले किए थे। वह सक्सेसफुल लेखक, निर्देशक और एक्टर थे। लेकिन जब असफलता ने भगवान दादा की जिंदगी में दस्तक दी तब उन्हें अपना 25 बेडरूम वाला घर, 7 गाड़ियों तक को बेचना पड़ गया। जुहू जैसे पॉश इलाके में रहने वाले भगवान दादा चॉल में शिफ्ट हो गए थे। 89 वर्ष की आयु में जब 2002 में भगवान दादा ने दुनिया को अलविदा कहा, तब तक उन्हें हर कोई भुला चुका था।

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