बॉलीवुड के अवॉर्ड शोज़ पर लगता ‘फिक्स’ होने का इल्ज़ाम। कई सेलेब्स करते हैं बहिष्कार।

By Neetu June 17, 2020, 8:15 p.m. 1k

पूजा राजपूत- बॉलीवुड में इन दिनों नेपोटिज्म का मुद्दा गर्माया हुआ है। ‘भाई-भतीजावाद’ और ‘गुटबाज़ी’ जैसे शब्द उस फिल्म इंडस्ट्री के लिए यूज़ किए जा रहे है, जो एक ‘बिग हैप्पी फैमिली’ होने का दावा करती थी। नेपोटिज्म के बाद बॉलीवुड में सबसे ज्यादा उंगलियां यहां हर साल होने वाला अवॉर्ड शोज़ पर उठती रही हैं। कई बार इल्ज़ाम लगे हैं, कि साल के आखिर में सितारों को उनके काम के बदले जो अवॉर्ड्स देकर सम्मानित किया जाता है, वह अवॉर्ड्स पहले से ही फिक्स होते हैं। स्टार्स अपनी स्टारपॉवर का दम दिखाने के लिए ट्रॉफीज़ खरीद लेते हैं, और काबिल एक्टर्स अवॉर्ड पाने से वंचित रह जाते हैं। यही वजह कि कई स्टार्स अब अवॉर्ड शोज़ में जाने से परहेज़ करते हैं। कुछ ने तो इन पूरी तरह से बॉयकॉट कर दिया है।

मनोज मुंतशिर –

बॉलीवुड के मशहूर गीतकार मनोज मुंतशिर(Manoj Muntashir) इस लिस्ट में ताज़ा-तरीन एंट्री है। मनोज मुंतशिर का भरोसा भी बॉलीवुड में हर साल होने वाले प्राइवेट अवॉर्ड फंक्शनस पर से उठ चुका है। 2019 में मनोज ने फिल्म ‘केसरी’ के लिए  ‘तेरी मिट्टी’ गाने के बोल लिखे थे। लोगों में देशभक्ति का जोश और जज़्बा भरने वाले इस गाने के लिए मनोज को फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नोमिनेट किया गया था। 

लेकिन अवॉर्ड फिल्म ‘गली बॉय’ के गाने ‘अपना टाइम आएगा’ को दे दिया गया था। जिसके बाद मनोज मुंतशिर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के ज़रिए ‘अवॉर्ड्स’ को हमेशा-हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था।

कंगना रनौत- 

एक्ट्रेस कंगना (Kangana Ranaut) खुलकर कई बार बॉलीवुड में चल रही नेपोटिज्म पर निशाना साध चुकी है। ठीक ऐसे ही कंगना रनौत बॉलीवुड अवॉर्ड शोज़ को भी फिक्सड बता चुकी हैं। कंगना कई बार पब्लिकली कह चुकी हैं कि बॉलीवुड के अवॉर्ड सिस्टम यकीन नहीं करती हैं, इसलिए वह इन अवॉर्ड्स से दूर ही रहती हैं। कई बार अवॉर्ड फंक्शन में ना पंहुचने की वजह से उनका अवॉर्ड किसी दूसरे एक्टर को दे दिया गया, । वह मानती हैं कि अवॉर्ड शोज़ के ऑर्गेनाइज़ किये जाने से पहले बहुत सारी लॉबिंग और हेराफेरी होती है। जिसके बाद से कंगना का विश्वास इन अवॉर्ड्स से उठ गया।

आमिर खान –

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान(Aamir Khan) भी अवॉर्ड फंक्शन से सुरक्षित दूरी बनाकर रखते हैं। इस बात को एक लंबा अरसा बीत गया है जब से आमिर ने अवॉर्ड सेरेमनीज़ से दूरी बनाई हुई है। उनका बॉलीवुड अवॉर्ड फंक्शनस में बिल्कुल भरोसा नही है। 1996 में आमिर की फिल्म ‘रंगीला’ फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नोमिनेट हुई थी, लेकिन ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगें’ के लिए अवॉर्ड शाहरुख खान को मिल गया था। जिसके बाद से ही आमिर खान ने बॉलीवुड में होने वाले पुरूस्कार समारोहों का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया था।

अजय देवगन-

बॉलीवुड के सिंघम अजय देवगन(Ajay Devgn) भी पॉपुलर बॉलीवुड अवॉर्ड्स में भरोसा नहीं रखते हैं। लगभग एक दशक पहले ही अजय ने घोषणा कर दी थी, कि वह इन अवॉर्ड फंक्शनस को भरोसेमंद नहीं मानते हैं, और इनमें उनका कोई इंट्रेस्ट नहीं है। अजय देवगन कई बार इंटरव्यूज़ में कह चुके हैं कि “ मैं यह बात पहले ही साफ कर चुका हूं, कि मैं कोई अवॉर्ड नहीं लूंगा...ऑर्गेनाइज़र्स सिर्फ अपने सामरोह में ज्यादा से ज्यादा सितारों को इकठ्ठा करना चाहते हैं। इसलिए वह आपको कॉल करके कहते हैं कि अगर आप इवेंट अटेंड करेंगे तो वह आपको अवॉर्ड देंगे और अगर आखिरी वक्त पर आप नहीं पहुंच पाते हैं तो वो आपसे धोखा करके अवॉर्ड किसी दूसरे एक्टर को दे देंगे। मैं इस तरह के अवॉर्डस पर से अपना विश्वास खो चुका हूं”। यही वजह कि अजय कभी किसी अवॉर्ड सेरेमनी को अटेंड नहीं करते हैं।

अक्षय कुमार-

खिलाड़ी कुमार अक्षय कुमार(AKshya Kumar) भी उन सितारों में से हैं जिनका बॉलीवुड अवॉर्ड्स और इस तरह के आयोजनों से विश्वास उठ चुका है। हांलाकि कुछ वक्त पहले तक अक्षय पुरस्कार समारोहो में जाते भी थे और अवॉर्ड ट्रॉफी हासिल भी करते थे। लेकिन अब वह इस तरह के आयोजनों में जाने से परहेज़ करते हैं। अक्षय यह दावा करते हैं कि प्राइवेट अवॉर्ड ऑर्गेनाइज़र्स आपको फ्री में परफोर्म करने के बाद अवॉर्ड ट्रॉफी देने की डील करते हैं, लेकिन मैं अपनी परफोर्मेंस के बदल में ट्रॉफी लेने से ज्यादा बेहतर फीस लेना समझता हूं। 

इतना ही नहीं, संजय लीला भंसाली(Sanja Leela Bhansali), इमरान हाशमी(Emraan Hashmi), जॉन अब्राहम(John Abraham) और नवाज़ुदीन सिद्दकी(Nawazuddin Siddiqui) जैसे सेलेब्स भी प्राइवेट अवॉर्ड सेरेमनी का बहिष्कार करते हैं।

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