20 साल पहले मणिरत्नम की फिल्म 'युवा'  रिलीज हुई थी। इस फिल्म ने न सिर्फ इंडस्ट्री की दुनिया में हलचल मचाई, बल्कि राजनीति, समाज और युवाओं की सोच को भी पर्दे पर नया आयाम दिया। इस यादगार फिल्म की रिलीज को दो दशक पूरे होने पर एक्टर विवेक ओबेरॉय ने शूटिंग के दौरान की कुछ अनसुनी यादों और स्ट्रगल के बारे में शेयर किया है जो फिल्म से जुड़ी इमोशनल और यादगार जर्नी के बारे में बाते शेयर की हैं जो इस फिल्म को और भी खास बना देती हैं।

विवेक ओबेरॉय की शूटिंग के किस्से

‘युवा’ तीन अलग-अलग किरदारों की कहानी है माइकल (अजय देवगन), लल्लन (अभिषेक बच्चन) और अर्जुन (विवेक ओबेरॉय) के लाइफ के जरिए फिल्म युवा पीढ़ी के भ्रम, सपनों और बदलाव की चाहत के बारे में कहानी है। माइकल एक जोशीला छात्र नेता है जो राजनीति को बदलना चाहता है। लल्लन एक गैंगस्टर है जो सिर्फ अपनी पत्नी शशि (रानी मुखर्जी) के साथ अच्छी जिंदगी जीना चाहता है, चाहे तरीका गलत ही क्यों न हो। अर्जुन एक आत्मकेंद्रित युवक है, जो अमेरिका जाकर पैसा कमाना चाहता है लेकिन मीरा (करीना कपूर) से मिलकर उसकी सोच बदलती है। तीनों की कहानियां अलग-अलग होकर भी एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। फिल्म की कहानी को इस तरह से बुना गया है कि एक किरदार से दूसरे में जाने का ट्रांजिशन बेहद खूबसूरत और अर्थपूर्ण लगता है। कोलकाता और मणिरत्नम की कहानी कहने की शैली फिल्म को और भी खास बनाती है। ‘युवा’ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके किरदार पूरी तरह इंसानी लगते हैं। उनकी छोटी-छोटी हरकतें, सोच, और प्रतिक्रियाएं बहुत ही रियल लगती हैं। फिल्म की यह सादगी और गहराई इसे 'Dil Se' से भी ज्यादा जुड़ाव दिलाने वाली फिल्म बनाती है।

विवेक ने याद किया फिल्म की शूटिंग का दौर 

इसी बारे में विवेक ने बात करते हुए ‘युवा’ को अपने करियर का सबसे खास अनुभव बताया। उन्होंने याद किया कि कैसे 4 बजे सुबह शूटिंग शुरू होती थी, और सेट पर अजय देवगन व अभिषेक बच्चन के साथ मस्ती होती थी। कोलकाता का खाना और लोगों का प्यार भी उनके लिए यादगार रहा। लल्लन के किरदार में अभिषेक बच्चन का प्रदर्शन उनके करियर के सबसे बेहतरीन किरदारों में से एक माना जाता है। उसकी और शशि की जटिल लेकिन भावुक भरी रिलेशनशिप फिल्म को एक अलग ही गहराई देती है।   यह भी पढ़ें: Kiara Advani पर गंदा कमेंट कर बुरे फंसे राम गोपाल वर्मा, हुए ट्रोल तो डिलीट किया ट्वीट

एक हादसे ने बदल दी जिंदगी

लेकिन इस सफर में सिर्फ खुशी ही नहीं थी, दर्द भी था। शूटिंग के दौरान एक भयानक बाइक ऐक्सिडेंट में विवेक का पैर तीन जगह से टूट गया। “अजय और अभिषेक ने मुझे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। जब हड्डी चमड़ी से बाहर आ चुकी थी, तब भी वो मेरे साथ खड़े रहे,” विवेक ने इमोशनल होकर कहा। इस घटना का असर सिर्फ उन पर ही नहीं, निर्देशक मणिरत्नम पर भी पड़ा, उन्हें दिल का दौरा पड़ा। दोनों ने अस्पताल में इलाज कराया, और फिल्म की शूटिंग चार महीने बाद दोबारा शुरू हुई। चार महीने बाद जब विवेक सेट पर लौटे, तो गाने ‘फना’ और ‘अंजाना अंजानी’ की शूटिंग करते हुए उन्होंने अपने दर्द को पीछे छोड़ दिया। विवेक ने इस बारे में बात करते हुए बताया कि 'युवा’ न सिर्फ एक बेहतरीन फिल्म थी, बल्कि इसमें काम करने वाले कलाकारों के लिए भी यह एक अंदरूनी परिवर्तन का सफर था। विवेक ओबेरॉय ने कहा, “ये फिल्म मेरे करियर की सबसे यादगार फिल्मों में से एक है। एक प्रेरणादायक फिल्म और मेरे जीवन की प्रेरणादायक यात्रा।” यह भी पढ़ें: PM मोदी का फोटो नेकलेस पहनने वाली रुचि गुर्जर कौन? Cannes 2025 में बटोरी सुर्खियां