दिग्गज एक्टर रघुबीर यादव आज यानि 25 जून को अपना बर्थडे मना रहे हैं। रंगमंच, टीवी और फिल्मों में अपनी बेहतरीन एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीतने वाले एक्टर ने काफी सिंपल लाइफ गुजारी है। मध्य प्रदेश के जबलपुर में रहने वाले रघुबीर ने अपनी कड़ी मेहनत और जुनून से एक्टिंग की दुनिया में एक अलग ही मुकाम हासिल किया। आज के समय में उन्हें पंचायत के प्रधान जी के नाम से जाना जाता है। रघुबीर यादव के 68वें बर्थडे पर आइए आपको बताते हैं उनकी लाइफ के कुछ अनकहे पहलुओं के बारे में।

सपनों को पूरा करने के लिए घर से भागे

रघुबीर यादव ने मात्र 15 साल की उम्र में ही उन्होंने गायक बनने का सपना देखना शुरू कर दिया था। घर पर बंदिशों के वजह से वह अपने घर से भागकर मुंबई पहुंच गए, लेकिन किस्मत ने उन्हें थिएटर से जोड़ दिया। साल 1967 में उन्होंने एक पारसी नाम के थिएटर कंपनी में काम करना शुरू किया और मात्र ढाई रुपये की दिहाड़ी कर गांव-गांव में नाटक करना शुरू कर दिया। इसी तरह सालोंं मेहनत करने के बाद उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली में दाखिला ले लिया। यहां से उन्हें नई पहचान मिलना शुरू हुई, साल 1985 में उनकी पहली फिल्म 'मैसी साहब' रिलीज हुई जिससे एक्टर को वर्ल्डवाइड पहचान मिली। इस फिल्म के लिए उन्हें FIPRESCI क्रिटिक्स अवॉर्ड और सिल्वर पीकॉक जैसे बड़े सम्मान मिले।

'मुंगेरीलाल' बन जीता लोगों का दिल 

साल 1988 में टीवी शो 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' में रघुबीर यादव नजर आए। इस शो से उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इस किरदार के जरिए उन्होंने एक ऐसे आदमी की कहानी दिखाई जो सपनों में बड़े-बड़े ख्वाब देखता है लेकिन असल जिंदगी में काफी स्ट्रगल करता है। बता दें कि इस शो में रघुबीर का किरदार उनकी खुद की पर्सनल लाइफ से काफी मिलता जुलता था।

'पंचायत' में प्रधान जी बनकर जीता लोगों का दिल 

साल 2020 में प्राइम वीडियोज पर रिलीज हुई पंचायत सिरीज में रघुबीर ने प्रधान जी का करिदार निभाया। उनके इस किरदार ने एक बार फिर से साबित कर दिया कि रघुबीर यादव समय के साथ ही और भी बेहतर एक्टिंग करने में कामयाब रहे। एक्टर के इस किरदान ने दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके बाद 'पंचायत' सिरीज के चार सीजन आए, सभी में रघुबीर, प्रधान जी के ही किरदान में नजर आए और अपनी एक्टिंग स्किल से नई पीढ़ी के दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब रहे।

रघुबीर यादव की पर्सनल लाइफ

रघुबीर यादव की पर्सनल लाइफ काफी ड्रामे से भरी हुई रही है। साल 198 में उन्होंने पूर्णिमा खरगा से शादी की थी। लेकिन 32 साल बाद उनका ये रिश्ता टूट गया और दोनों का तलाक हो गया। पूर्णिमा ने उनपर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद से एक्टर ने सिर्फ अपने किरयर पर फोकस करके लाइफ में आगे बढ़े हैं। आज के समय में वह हर किसी सिनेमाप्रेमी के दिलों पर राज करते हैं। यह भी पढ़ें:  Box Office Collection: 100 करोड़ से बस इतनी दूर Sitaare Zameen Par, Kuberaa की कमाई की जंग जारी

जमीन से जुड़े कलाकार 

रघुबीर यादव ने ‘सलाम बॉम्बे’, ‘लगान’ और ‘वॉटर’ जैसी ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्मों में काम किया है फिर भी वह खुद को जमीन से जुड़े हुए इंसान मानते हैं। उनका कहना है, "मैं आज भी गांव वाला जीवन जीता हूं।" उनकी यही सादगी और कला के प्रति समर्पण उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता है। वहीं आपको बता दें कि रघुबीर बेहतरीन एक्टर के साथ-साथ एक उम्दा संगीतकार भी हैं। उन्होंने फिल्म ‘इस्सक’ में "भागन के रेखन की बहंगिया" जैसा लोकगीत गाया है। यह भी पढ़ें: मां के निधन से टूटी सना खान, एम्बुलेंस में पार्थिव शरीर के पास बेसुध आईं नजर