The Kerala Story 2: शुक्रवार 27 फरवरी को विपुल शाह की फिल्म द केरल स्टोरी 2 रिलीज हुई थी. जो कि साल 2023 की हिट फिल्म द केरल स्टोरी की सीक्वल है. हालांकि फिल्म की रिलीज से पहले काफी विवाद छिड़ा था और लोगों ने इसके बैन की मांग की थी. लेकिन ये विवाद फिल्म की रिलीज के बाद भी थमा नहीं है. क्योंकि हाल ही में इसका विरोध केरल में देखने को मिल रहा है. यहां तक कि लोग थिएटर के बाहर लोग मूवी के पोस्टर जला रहे हैं और फाड़ रहे हैं.
सिनेमाघरों के बाहर हुए प्रदर्शन
दरअसल, कन्नूर में शनिवार को फिल्म द केरल स्टोरी का निर्धारित स्क्रीनिंग डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया(डीवाईएफआई)के कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बाद कैंसिल कर दिया गया. प्रदर्शन के दौरान सिनेमाघरों के बाहर फिल्म के पोस्टर फाड़े और जलाए गए. जिससे झड़पें हुए और आयोजकों को दर्शकों के पैसे वापस करने के लिए मजबूर किया गया.
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द केरल स्टोरी 2 के पोस्टर्स पर डाली कालिख
इस प्रदर्शन की शुरुआत तब हुई जब डीवीईएफआई के कार्यकर्ताओं ने, जिसका नेतृत्व थ्रिसूर जिला समिति के सचिव के.एस रुस्सल राज कर रहे थे. थ्रिसूर फन मूवीज थिएटर तक गए और फिल्म द केरल स्टोरी 2 के प्रति विरोध जताते हुए पोस्टर्स पर चारकोल फेंक दिया. जो कि संगठन की ओर से एक तरह से अपना विरोध जताने का तरीका था. फिल्म की कहानी तीन महिलाओं के बारे में है, जिसमें दिखाया गया है कि उनकी धोखे से शादी होती है और कथित तौर पर उनका जबरन धर्म परिवर्तित करवाया जाता है.
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कैंसिल हुई फिल्म की स्क्रीनिंग
इस विरोध के कारण और दर्शक कम होने के कारण फिल्म की स्क्रीनिंग कैंसिल कर दी गई. जिसके बाद थिएटर मैनेजमेंट ने रिफंड की भी प्रोसेस शुरू कर दी और कहा कि मॉल के अंदर कोई लाइव स्क्रीनिंग नहीं होगी. तिरुवनंतपुरम के मॉल ऑफ त्रावणकोर स्थित सिनेपोलिस में भी इसी तरह की घटना हुई और शो कैंसिल होने की खबर आई.
फिल्म पर पहले लगाई गई थी रोक, फिर हुई रद्द
बता दें कि केरल हाई कोर्ट ने शुक्रवार को फिल्म द केरल स्टोरी 2 की रिलीज पर लगी रोक हटा दी थी. जिससे सिनेमाघरों में इसकी दोबारा स्क्रीनिंग रखी गई. यह रोक पहले सिंगल बेंच जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस द्वारा 15 दिनों के लिए लगाई गई थी, जिसे बाद में जस्टिस एस.एस धर्माधिकारी और पी.वी बालाकृष्णन की बेंच ने रद्द कर दी थी. द केरल स्टोरी 2 का विरोध कई स्थानों पर हो रहा है. यहां तक कि लोगों ने प्रोपेगेंडा बताया है. जबकि निर्माता का कहना है कि यह रिसर्च है और वास्तविक घटनाओं पर बनी है.
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