Mughal-e-Azam: आज के दौर में लोग घर बैठे ही मोबाइल पर फिल्में देख लेते हैं. वहीं जब कोई नई फिल्म रिलीज होती है तो आसानी से फिल्म की टिकट भी मिल जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंडियन सिनेमा में एक ऐसी फिल्म भी आई थी, जिसकी टिकट लेने के लिए लोग 5-5 किलोमीटर लंबी लाइनें लगाकर खड़े रहते थे. टिकट खिड़की खुलने से पहले ही लोग सिनेमाघरों के बाहर बिस्तर बिछाकर सो जाते थे, जिससे उन्हें फिल्म की टिकट पहले मिल सके. ऐसा लगता था कि जैसे पूरा शहर ही सिनेमाघर के आगे बस गया है.
फिल्म को बनने में लगे थे 16 साल
जिस फिल्म की हम बात कर रहे हैं, वो के. आसिफ के निर्देशन में बनी 'मुगल ए आजम' है. इस फिल्म में पृथ्वीराज कपूर, दिलीप कुमार और मधुबाला ने लीड रोल किया था. जहां इस फिल्म को बनने में 16 साल लगे थे. बता दें कि इस फिल्म की शूटिंग 1944 में शुरू हुई थी और इसे 1960 में रिलीज किया गया था. इस फिल्म को बनने में जिस तरह सालों लग गए, उसी तरह इस फिल्म ने सालों तक बॉक्स ऑफिस पर राज भी किया. यह फिल्म इतनी जबरदस्त थी कि इसने नेशनल अवॉर्ड समेत कई बड़े अवॉर्ड्स भी जीते. मेकर्स ने इस फिल्म को बनाने के लिए काफी पैसा खर्च किया था.
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सड़कों पर सोते थे लोग
मुगले आजम से जुड़े कुछ फैक्ट्स सोशल मीडिया पर सामने आते रहते हैं. जहां यह भी बताया जाता है कि इस फिल्म को देखने के लिए लोग सड़क पर ही सो जाते थे. दरअसल फिल्म को लेकर लोगों में काफी क्रेज था. इसलिए काफी ज्यादा संख्या में लोग फिल्म देखने आते थे. ऐसे में सभी को पहले टिकट चाहिए होती थी. इसलिए लोग पहले आकर थियेटर के बाहर सड़क पर ही सो जाते थे. फिल्म को लेकर लोगों में इतना उत्साह था कि टिकट विंडो पर लोग करीब 5-5 किलोमीटर की लंबी लाइन लगाकर खडे़ रहते थे.
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इंडियन आर्मी के सैनिक भी फिल्म का बने थे हिस्सा
इस फिल्म के बारे में यह भी कहा जाता है कि एक सीन के लिए इंडियन आर्मी के भी कुछ सैनिक फिल्म का हिस्सा बने थे. जहां सलीम और अकबर के बीच हुई लड़ाई का जब सीन शूट हुआ था तो उसके लिए 2000 ऊंट, 4000 घोड़े और 8000 सैनिकों का इस्तेमाल किया गया था. बता दें कि इस फिल्म को पहली बार ब्लैक इन व्हाइट में रिलीज किया गया था. वहीं 2004 में इसे डिजिटली कलर्ड भी रिलीज किया गया था.