Javed Akhtar Birthday: इंडियन सिनेमा के सबसे प्रभावशाली लेखकों और गीतकारों में से एक जावेद अख्तर आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं. अपनी जादुई कलम से शब्दों को पिरोने वाले जावेद अख्तर की पर्सनल लाइफ भी हमेशा चर्चा का विषय रही है. हालांकि दुनिया उन्हें और शबाना आजमी को एक मिसाल के तौर पर देखती है, लेकिन इस कहानी का एक और पहलू भी है और वो है उनकी पहली पत्नी हनी ईरानी. दरअशल हनी ईरानी खुद एक बेहतरीन लेखिका और अभिनेत्री रही हैं, लेकिन आज वो लाइमलाइट से पूरी तरह दूर रहती हैं. आइए जानते हैं उनकी और जावेद अख्तर की अधूरी प्रेम कहानी के बारे में…
ताश के खेल से शुरू हुई थी पहली मोहब्बत
जावेद अख्तर और हनी ईरानी की मुलाकात साल 1972 में फिल्म 'सीता और गीता' के सेट पर हुई थी. उस समय जावेद लेखक के तौर पर अपनी पहचान बना रहे थे और हनी ईरानी एक सहायक अभिनेत्री थीं. कहा जाता है कि दोनों के बीच प्यार की शुरुआत ताश के खेल के दौरान हुई थी. हनी ईरानी के मुताबिक, "जावेद हर किसी के साथ सेट पर रमी खेलते थे. एक बार ऐसे ही खेल के दौरान वह 100-200 रुपये हार बैठे. उस समय पर इतने पैसे बहुत होते थे. उन्होंने मुझसे कहा कि तुम मेरे लिए एक कार्ड निकालो. मैंने साहब के लिए एक रन और रमी कार्ड निकला और वे जीत गए. उन्होंने मुझसे कहा, 'तुमने मेरे लिए इतना अच्छा कार्ड खींचा है, मुझे लगता है कि हम एक-दूसरे के लिए ही बने हैं और उन्होंने मुझे शादी के लिए प्रपोज कर दिया."
---विज्ञापन---
1972 में हुई थी पहली शादी
हनी ईरानी उस समय जावेद से काफी छोटी थीं. जब जावेद ने हनी का हाथ उनके परिवार से मांगा तो उन्हें शुरुआत में विरोध का सामना करना पड़ा. हालांकि जावेद के आत्मविश्वास और टैलेंट को देखते हुए परिवार आखिरकार मान गया. साल 1972 में दोनों ने निकाह कर लिया. शादी के शुरुआती साल बेहद सादगी भरे थे. उनके पास रहने के लिए अपना घर तक नहीं था, लेकिन आपसी प्रेम ने सब कुछ संभाल लिया. इस शादी से उनके दो बच्चे फरहान अख्तर और जोया अख्तर हुए.
---विज्ञापन---
क्यों हुआ था जावेद अख्तर का तलाक?
70 के दशक के अंत तक जावेद अख्तर की कामयाबी आसमान छू रही थी. इसी दौरान उनके जीवन में शबाना आजमी की एंट्री हुई. जावेद और शबाना के बीच बढ़ती नजदीकियों की खबर जब हनी ईरानी को मिली तो घर में तनाव बढ़ने लगा. काफी कोशिशों के बाद भी जब किसी भी तरह बात नहीं बनी तो 1984 में जावेद और हनी अलग हो गए.
लाइमलाइट से क्यों दूर रहती हैं हनी ईरानी?
हनी ईरानी ने कभी भी मीडिया में जावेद या शबाना के खिलाफ जहर नहीं उगला. उन्होंने गरिमा बनाए रखी और चुपचाप जावेद के जीवन से बाहर निकल गईं. 1984 में जावेद और शबाना ने शादी कर ली. हनी ने अकेले ही फरहान और जोया की परवरिश की और उन्हें इंडस्ट्री के सफल नामों में शामिल किया. आज जहां जावेद और शबाना हर बड़े इवेंट का हिस्सा होते हैं, वहीं हनी ईरानी लाइमलाइट और ग्लैमर की दुनिया से कोसों दूर अपनी निजी जिंदगी में खुश हैं.
एक सफल लेखिका के रूप में पहचान
भले ही हनी ईरानी ने एक्टिंग छोड़ दी और खुद को लाइमलाइट से दूर कर लिया, लेकिन उन्होंने लेखन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई. 'लम्हे', 'आइना', 'डर' और 'कहो ना प्यार है' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों की स्क्रिप्ट हनी ईरानी ने ही लिखी थी. आज भी वे बॉलीवुड की सबसे सम्मानित पटकथा लेखिकाओं में गिनी जाती हैं, भले ही वे कैमरों के सामने आना पसंद नहीं करतीं.