Aditi Govitrikar Reveals Childhood Abuse: ग्लैमर की दुनिया की चमक-धमक के पीछे अक्सर गहरे दर्द छिपे होते हैं. 'मिसेज वर्ल्ड' का खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली और 'पहेली' जैसी फिल्मों में नजर आईं एक्ट्रेस अदिति गोवित्रिकर ने हाल ही में अपनी जिंदगी के एक ऐसे काले सच से पर्दा उठाया है, जिसने सबको झकझोर दिया है. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि कैसे मात्र 6-7 साल की उम्र में वह अपनों की ही गंदी नीयत का शिकार हुईं और कैसे मुंबई की बसों में सफर करते हुए उन्हें खुद को बचाने के लिए ढाल बनानी पड़ती थी.
अदिति गोवित्रिकर का छलका दर्द
अदिति गोवित्रिकर ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अपनी सुरक्षा और बचपन के डरावने अनुभवों पर खुलकर बात की है. उन्होंने बताया कि शोषण केवल अजनबियों द्वारा ही नहीं, बल्कि उन लोगों द्वारा भी किया जाता है जिन पर हम सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं.
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पिता के दोस्त की घिनौनी करतूत
अदिति ने खुलासा किया कि जब वह छोटी थीं, तब उनके पिता के ही एक दोस्त ने उनके साथ बेहद घटिया हरकत की थी. अदिति कहती हैं, "उस वक्त मैं इतनी छोटी थी कि समझ ही नहीं पाई कि मेरे साथ क्या हुआ है. बस एक अहसास था कि कुछ बहुत गलत हुआ है और अपमानित महसूस हो रहा था." उन्होंने बताया कि पनवेल में रहने के दौरान उन्हें ऐसी कई घटनाओं का सामना करना पड़ा जिन्हें समझने में उन्हें सालों लग गए.
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लोकल बसों में 'बैग' को बनाया सुरक्षा कवच
जब अदिति बड़ी हुईं और पढ़ाई के लिए दादर (मुंबई) जाने लगीं, तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट उनके लिए एक नई चुनौती बन गया. उन्होंने बताया कि बसों में सफर के दौरान लोग उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश करते थे. इससे बचने के लिए अदिति ने एक अनोखा तरीका निकाला था. वह अपने पास दो बड़े बैग रखती थीं जिनमें हार्डबोर्ड की किताबें भरी होती थीं. वह इन बैग्स को अपनी दोनों तरफ किसी 'ढाल' की तरह इस्तेमाल करती थीं ताकि कोई उनके शरीर के करीब न आ सके.
बाजार की वो घटना और ताउम्र का ट्रॉमा
एक्ट्रेस ने एक और घटना का जिक्र किया जब बाजार में उनके साथ बदतमीजी हुई थी. उन्होंने कहा कि लड़कियों के साथ अक्सर ऐसी हरकतें जान-पहचाने लोग ही करते हैं. अदिति के मुताबिक, वह एहसास इतना भयानक होता है कि वह कभी पूरी तरह ठीक नहीं होता. उन्होंने इसे एक प्रकार का PTSD (Post-Traumatic Stress Disorder) बताया है.
आज भी शरीर देता है रिएक्शन
अदिति ने बताया कि उन अनुभवों का असर आज भी उनके दिमाग पर है. वह कहती हैं, "आज भी अगर सार्वजनिक जगह पर कोई मेरे बहुत करीब आने की कोशिश करता है, तो मेरा शरीर अपने आप रिएक्ट करता है. मैं उसे धक्का देने के लिए तैयार रहती हूं." उन्होंने यह भी साझा किया कि एक बार एक सिक्योरिटी गार्ड ने भी उनके साथ गलत व्यवहार किया और पकड़े जाने पर इसे 'गलती' बता दिया. अदिति का मानना है कि अब वह चुप नहीं रहतीं और हर लड़की को अपनी सुरक्षा के लिए 'कोहनी' का इस्तेमाल करना सीखना चाहिए.
करियर और पहचान की टीस
अदिति ने इंटरव्यू में यह भी स्वीकार किया कि 2001 में मिसेज वर्ल्ड बनने के बावजूद उन्हें वो शोहरत और मौके नहीं मिले जो उसी साल मिस वर्ल्ड और मिस यूनिवर्स बनीं प्रियंका चोपड़ा और लारा दत्ता को मिले. इंडस्ट्री में अपेक्षित सफलता न मिलना और बचपन के ये जख्म, अदिति की जिंदगी के संघर्ष की एक लंबी कहानी बयां करते हैं.